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भारत शोध में विश्व में बढ़ रहा है आगे : विश्वजीत
Mon, 26 Jun 2023 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Mon, 26 Jun 2023 11:52 PM IST
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शोध कार्यशाला में अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव हुए साझा
वर्धमान काॅलेज बिजनौर में हुई अंतराष्ट्रीय स्तर शोध कार्यशाला
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। साउथ कोरिया के योंसेई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व गणित शोध वैज्ञानिक विश्वजीत सरकार ने कहा है कि शोध के लिए जुनून जरूरी है। भारत वैज्ञानिक शोध में निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत में शोध क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर है। विश्वजीत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की शोध पढ़ाई के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने कार्यशाला में शोध से जुड़े सवाल जवाब किए।
वर्धमान काॅलेज बिजनौर में गणित विभाग व सांख्यिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय शोध कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश, विदेश के गणित शोध विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का टापिक रीसेंट बिजनेस सिनेरियो इन रिटेल मैनेजमेंट रहा। कार्यशाला ऑपरेशनल रिसर्च सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुई। ऑपरेशन रिसर्च सोसायटी अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ ऑपरेशनल रिसर्च सोसायटी से जुड़ी है।
डाॅ. विश्वजीत सरकार के 250 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हैं। कार्यशाला में गणित शोध विशेषज्ञों ने शोध क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव साझा किए। कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। विश्व में क्रांतिकारी शोध हो रहे हैं। नए शोधों ने विश्व के स्वरूप को बदल दिया है।
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ये रहे शोध टिप्स देने वाले विशेषज्ञ
कार्यशाला शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्वजीत सरकार, प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग योंसेई यूनिवर्सिटी साउथ कोरिया, डॉ. अंशुल, एसोसिएट प्रोफेसर, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी रहे। डाॅ. पूनम शर्मा, डॉ. एस के शोन, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव, विकास त्यागी व दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालय से आए गणित विषय के ज्ञाताओं ने विभिन्न विषयों पर शोध को लेकर टिप्स दिए।
शोधकर्ताओं ने किए सवाल
शोधकर्ता प्रीति वर्धमान कॉलेज बिजनौर, नेहा, शोधकर्ता गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, प्रोफेसर अंशुल ने डाटा साइंस के विषय पर कार्यशाला के प्रतिभागियों से विस्तृत चर्चा की उनकी शंकाओं का समाधान किया। सवाल जवाब सत्र में डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विपिन देशवाल, डॉ. पंकज भटनागर, डॉ. नीरज , डॉ. एस के शोन, डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. सुनील जोशी, डॉ. आरती, डॉ. अवनीश अरोड़ा आदि रहे।
शोधकर्ता विद्यार्थी हुए खुश
कार्यशाला में आए नए रिसर्च स्कॉलर अर्थात शोध कर्ता खुश नजर आए। शोधकर्ता प्रीति व नेहा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला से उन्हें नई दिशा मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं के अनुभवों से उन्हें आगे बढ़ने का हौंसला मिला है। नई शिक्षा नीति में शोध की अपार संभावनाएं हैं।
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वर्धमान काॅलेज बिजनौर में हुई अंतराष्ट्रीय स्तर शोध कार्यशाला
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। साउथ कोरिया के योंसेई यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर व गणित शोध वैज्ञानिक विश्वजीत सरकार ने कहा है कि शोध के लिए जुनून जरूरी है। भारत वैज्ञानिक शोध में निरंतर आगे बढ़ रहा है। भारत में शोध क्षेत्र में आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर है। विश्वजीत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय की शोध पढ़ाई के बारे में जानकारी दी। विद्यार्थियों ने कार्यशाला में शोध से जुड़े सवाल जवाब किए।
वर्धमान काॅलेज बिजनौर में गणित विभाग व सांख्यिकी विभाग द्वारा राष्ट्रीय शोध कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में देश, विदेश के गणित शोध विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का टापिक रीसेंट बिजनेस सिनेरियो इन रिटेल मैनेजमेंट रहा। कार्यशाला ऑपरेशनल रिसर्च सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में हुई। ऑपरेशन रिसर्च सोसायटी अंतरराष्ट्रीय फेडरेशन ऑफ ऑपरेशनल रिसर्च सोसायटी से जुड़ी है।
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डाॅ. विश्वजीत सरकार के 250 से अधिक शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रकाशित हैं। कार्यशाला में गणित शोध विशेषज्ञों ने शोध क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय स्तर के अनुभव साझा किए। कहा कि भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है। छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए निरंतर प्रयास करना जरूरी है। विश्व में क्रांतिकारी शोध हो रहे हैं। नए शोधों ने विश्व के स्वरूप को बदल दिया है।
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ये रहे शोध टिप्स देने वाले विशेषज्ञ
कार्यशाला शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके हुआ। कार्यशाला के मुख्य वक्ता विश्वजीत सरकार, प्रोफेसर डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग योंसेई यूनिवर्सिटी साउथ कोरिया, डॉ. अंशुल, एसोसिएट प्रोफेसर, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी रहे। डाॅ. पूनम शर्मा, डॉ. एस के शोन, डॉ. एसके गुप्ता, डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव, विकास त्यागी व दिल्ली विश्वविद्यालय समेत अन्य विश्वविद्यालय से आए गणित विषय के ज्ञाताओं ने विभिन्न विषयों पर शोध को लेकर टिप्स दिए।
शोधकर्ताओं ने किए सवाल
शोधकर्ता प्रीति वर्धमान कॉलेज बिजनौर, नेहा, शोधकर्ता गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, प्रोफेसर अंशुल ने डाटा साइंस के विषय पर कार्यशाला के प्रतिभागियों से विस्तृत चर्चा की उनकी शंकाओं का समाधान किया। सवाल जवाब सत्र में डॉ. मुकेश कुमार, डॉ. प्रमोद कुमार, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. विपिन देशवाल, डॉ. पंकज भटनागर, डॉ. नीरज , डॉ. एस के शोन, डॉ. विशाल शर्मा, डॉ. सुनील जोशी, डॉ. आरती, डॉ. अवनीश अरोड़ा आदि रहे।
शोधकर्ता विद्यार्थी हुए खुश
कार्यशाला में आए नए रिसर्च स्कॉलर अर्थात शोध कर्ता खुश नजर आए। शोधकर्ता प्रीति व नेहा का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की इस कार्यशाला से उन्हें नई दिशा मिली है। अंतरराष्ट्रीय स्तर के शोधकर्ताओं के अनुभवों से उन्हें आगे बढ़ने का हौंसला मिला है। नई शिक्षा नीति में शोध की अपार संभावनाएं हैं।