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Bijnor News: मावे में रिफाइंड, शरबत में रंग, मिलावट से सेहत हो रही तंग
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बिजनौर। कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाने के लालच में मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं। खाद्य विभाग की ओर से लिए गए नमूनों की जांच रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है। जांच में मावा और शरबत असुरक्षित मिले हैं। मावे में रिफाइंड और शरबत में हानिकारक रंग की मिलावट पाई गई है। इनसे तैयार मिठाइयों के अधिक सेवन से हृदय, किडनी और लिवर को नुकसान का खतरा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम अभियान चलाकर नमूने संग्रहित करती है। अगस्त माह में 17 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आई है। पांच जगह से लिए गए मावे, शरबत, ड्रिकिंग वाटर का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया है। चिकित्सकों की मानें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिफाइंडयुक्त मिठाई खाने से खराब फैट धमनियों में ब्लॉकेज, हाईब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ाते हैं। इससे हार्ट अटैक आने का खतरा रहता है। बिजनौर निवासी मुजाहिर से लिया गया गुलाब-ए-शरबत, बिशनपुर निवासी सुरेश कुमार से ड्रिकिंग वाटर, सरवनपुर निवासी श्रवण कुमार, चांदपुर निवासी सुल्तान अहमद, चांदपुर निवासी सुहेल से लिया गया मावे का नमूना जांच में असुरक्षित मिला है। अब खाद्य विभाग की ओर से इनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
जांच में ये नमूने मिले अधोमानक
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर जगह-जगह से नमूने एकत्रित किए थे। इनमें अब नजीबाबाद निवासी रविश कुमार चौबे से लिया गया चायपत्ती, सरसों तेल का नमूना मिथ्याछाप एवं अधोमानक पाया गया। इसके अलावा सिंकदराबाद निवासी सतीश गिरी का मिश्रित दूध, मझगांव निवासी त्रिलोक सिंह का मिश्रित दूध, गढ़मुक्तेश्वर निवासी शाहनवाज निवासी दही, पीतनहेड़ी निवासी रामोतार सिंह का फ्रोजन डेसर्ट, पावटी निवासी रऊफ का सरसों का तेल, ककरौली निवासी उदयपाल सिंह, नहटौर निवासी विकुल कुमार का मिश्रित दूध, हल्दौर निवासी धर्मेंद्र कुमार का पनीर, नूरपुर निवासी साहिल, समीर का दही का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया।
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मानक अनुरूप दूध में नहीं मिला फैट
जांच में दूध के नमूने भी अधोमानक पाए गए। इनमें मानक के अनुरूप फैट नहीं मिला है। दूध में पानी की मिलावट सामने आई। मानक के अनुसार, दूध, दही में 4.5 प्रतिशत फैट होना चाहिए। साथ ही फ्रोजन डेसर्ट में 2.5 प्रतिशत फैट अनिवार्य है। अधोमानक नमूनों में मानक के अनुसार कम फैट पाया गया है।
105 मिलावटखोरों पर लगाया 58,91,000 का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त माह तक 210 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। इसके इलावा 124 मुकदमे न्यायालय में दायर किए गए। सुनवाई के दौरान 105 मिलावटखोरों पर कार्रवाई करते हुए 58,91,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
ये बोले चिकित्सक
खराब फैट शरीर को बना देता है बीमारी का अड्डा: सुनील मलिक
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक सुनील मलिक ने बताया कि खराब फैट सेहत के हानिकारक होता है। सबसे पहले लिवर को नुकसान पहुंचाता है। अगर, मावे में रिफाइंड की मिलावट की जा रही है तो इससे शरीर को नुकसान हो सकता है। लंबे समय तक रिफाइंडयुक्त मावे से बनी मिठाई खाने से लिवर का कैंसर हो सकता है। साथ ही ब्लडप्रेशर बढ़ने से किडनी और फिर हृदयघात की समस्या हो सकती है। इसलिए, इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
आंतों के कैंसर का रहता है अधिक खतरा: डॉ. पंकज त्यागी
फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी ने बताया कि रंग, रिफाइंड युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आंतों के कैंसर का अधिक खतरा रहता है। लोगों में गैस की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कब्ज, पेट दर्द, अपच, उल्टी की समस्या हो रही है। इससे लोगों की दिनचर्या बिगड़ रही है।
नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर, ब्लडप्रेशर, मोटापा जैसी बीमारी बढ़ रही है। इसलिए, बाहर की चीजें खाने से बचें। खाद्य पदार्थों में रंग की मिलावट से लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में असुरक्षित मिलने पर दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। साथ ही अधोमानक नमूने मिलने पर एडीएम न्यायालय में वाद होगा। ....नादिर अली, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन
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खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम अभियान चलाकर नमूने संग्रहित करती है। अगस्त माह में 17 खाद्य पदार्थों की जांच रिपोर्ट आई है। पांच जगह से लिए गए मावे, शरबत, ड्रिकिंग वाटर का नमूना जांच में असुरक्षित पाया गया है। चिकित्सकों की मानें तो मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। रिफाइंडयुक्त मिठाई खाने से खराब फैट धमनियों में ब्लॉकेज, हाईब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ाते हैं। इससे हार्ट अटैक आने का खतरा रहता है। बिजनौर निवासी मुजाहिर से लिया गया गुलाब-ए-शरबत, बिशनपुर निवासी सुरेश कुमार से ड्रिकिंग वाटर, सरवनपुर निवासी श्रवण कुमार, चांदपुर निवासी सुल्तान अहमद, चांदपुर निवासी सुहेल से लिया गया मावे का नमूना जांच में असुरक्षित मिला है। अब खाद्य विभाग की ओर से इनके खिलाफ सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा।
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जांच में ये नमूने मिले अधोमानक
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने अभियान चलाकर जगह-जगह से नमूने एकत्रित किए थे। इनमें अब नजीबाबाद निवासी रविश कुमार चौबे से लिया गया चायपत्ती, सरसों तेल का नमूना मिथ्याछाप एवं अधोमानक पाया गया। इसके अलावा सिंकदराबाद निवासी सतीश गिरी का मिश्रित दूध, मझगांव निवासी त्रिलोक सिंह का मिश्रित दूध, गढ़मुक्तेश्वर निवासी शाहनवाज निवासी दही, पीतनहेड़ी निवासी रामोतार सिंह का फ्रोजन डेसर्ट, पावटी निवासी रऊफ का सरसों का तेल, ककरौली निवासी उदयपाल सिंह, नहटौर निवासी विकुल कुमार का मिश्रित दूध, हल्दौर निवासी धर्मेंद्र कुमार का पनीर, नूरपुर निवासी साहिल, समीर का दही का नमूना जांच में अधोमानक पाया गया।
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मानक अनुरूप दूध में नहीं मिला फैट
जांच में दूध के नमूने भी अधोमानक पाए गए। इनमें मानक के अनुरूप फैट नहीं मिला है। दूध में पानी की मिलावट सामने आई। मानक के अनुसार, दूध, दही में 4.5 प्रतिशत फैट होना चाहिए। साथ ही फ्रोजन डेसर्ट में 2.5 प्रतिशत फैट अनिवार्य है। अधोमानक नमूनों में मानक के अनुसार कम फैट पाया गया है।
105 मिलावटखोरों पर लगाया 58,91,000 का जुर्माना
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में अप्रैल से अगस्त माह तक 210 खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए। इसके इलावा 124 मुकदमे न्यायालय में दायर किए गए। सुनवाई के दौरान 105 मिलावटखोरों पर कार्रवाई करते हुए 58,91,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
ये बोले चिकित्सक
खराब फैट शरीर को बना देता है बीमारी का अड्डा: सुनील मलिक
मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा अधीक्षक सुनील मलिक ने बताया कि खराब फैट सेहत के हानिकारक होता है। सबसे पहले लिवर को नुकसान पहुंचाता है। अगर, मावे में रिफाइंड की मिलावट की जा रही है तो इससे शरीर को नुकसान हो सकता है। लंबे समय तक रिफाइंडयुक्त मावे से बनी मिठाई खाने से लिवर का कैंसर हो सकता है। साथ ही ब्लडप्रेशर बढ़ने से किडनी और फिर हृदयघात की समस्या हो सकती है। इसलिए, इनका सेवन नहीं करना चाहिए।
आंतों के कैंसर का रहता है अधिक खतरा: डॉ. पंकज त्यागी
फिजिशियन डॉ. पंकज त्यागी ने बताया कि रंग, रिफाइंड युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करने से आंतों के कैंसर का अधिक खतरा रहता है। लोगों में गैस की समस्या हो सकती है। इसके अलावा कब्ज, पेट दर्द, अपच, उल्टी की समस्या हो रही है। इससे लोगों की दिनचर्या बिगड़ रही है।
नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक हैं। मिलावटी खाद्य पदार्थों के सेवन से कैंसर, ब्लडप्रेशर, मोटापा जैसी बीमारी बढ़ रही है। इसलिए, बाहर की चीजें खाने से बचें। खाद्य पदार्थों में रंग की मिलावट से लीवर और किडनी खराब हो सकते हैं। ....डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
खाद्य पदार्थों के नमूने जांच में असुरक्षित मिलने पर दुकानदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। अब सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया जाएगा। साथ ही अधोमानक नमूने मिलने पर एडीएम न्यायालय में वाद होगा। ....नादिर अली, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन