{"_id":"5ecbfa5b8ebc3e907234b77d","slug":"if-the-jaggery-market-shines-then-the-sugar-cane-sold-at-the-crusher-bijnor-news-mrt4833527126","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिजनौर: गुड़ का बाजार चमका, तो कोल्हू पर गन्ने के मिल रहे चीनी मिल वाले दाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिजनौर: गुड़ का बाजार चमका, तो कोल्हू पर गन्ने के मिल रहे चीनी मिल वाले दाम
Tue, 26 May 2020 03:47 PM IST
मेरठ ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
Published by: मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 26 May 2020 03:47 PM IST
विज्ञापन
गुड़
- फोटो : अमर उजाला
लंबे खिंचे गन्ना पेराई सत्र के आखिर में चीनी मिल जहां गन्ने से पीछा छुड़ाना चाहती हैं वहीं कोल्हुओं पर गन्ने की पूछ बढ़ गई है। कोल्हुओं पर गन्ने के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल से भी अधिक हो गए हैं। कहीं कहीं तो कोल्हुओं पर गन्ना चीनी मिलों के रेट के बराबर खरीदा जा रहा है। इससे किसानों को राहत मिली है और वे खेतों में खड़ा गन्ना भी कोल्हुओं में बेच रहे हैं।
विज्ञापन
चीनी मिलों पर गन्ने का दाम 325 रुपये प्रति क्विंटल है। चीनी मिलों पर गन्ने का मूल्य निर्धारित रहता है लेकिन कोल्हू व क्रेशर गन्ने की आपूर्ति व गुड़ के बाजार भाव के हिसाब से गन्ने का मूल्य निर्धारित करते हैं। गन्ने के रिकॉर्ड उत्पादन व गन्ना रकबा बढ़ने से कई साल से कोल्हुओं पर गन्ने के दाम चीनी मिलों से कम ही रहते थे। लेकिन इस बार तस्वीर बदली है।
विज्ञापन
गन्ने का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ और चीनी भी बंपर बनी। लेकिन लॉकडाउन की वजह से चीनी की मांग घटी और गुड़ की बढ़ गई। चीनी के बजाए लोगों ने गुड़ का उपभोग ज्यादा किया। अब पेराई सत्र खत्म होने वाला है। इस समय गुड़ के दाम काफी कम रहते थे। लेकिन गुड़ अब भी 3200 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास बिक रहा है।
विज्ञापन
गुड़ के दाम ज्यादा होने से कोल्हू स्वामियों ने भी पेराई सत्र के आखिर में गन्ने के दाम बढ़ाए हैं। गन्ने के दाम 300 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। चांदपुर क्षेत्र में कोल्हुओं पर गन्ने के दाम 325 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गए हैं।
ऐसा कई साल बाद हुआ है कि कोल्हुओं पर चीनी मिलों के मूल्य के बराबर पैसे देकर गन्ना खरीदा जा रहा है। कोल्हू संचालक राकेश सैनी का कहना है कि इस बार गुड़ का ज्यादा स्टॉक नहीं है। गुड़ बनाने के लिए ज्यादा पैसे देकर गन्ना खरीदा जा रहा है। जहां किसानों के पास ज्यादा गन्ना है वहां गन्ने के दाम 300 रुपये से कम हैं।