{"_id":"6320d287009d8919ca7af84b","slug":"i-speak-hindi-with-pride-nazibabad-news-mrt605138632","type":"story","status":"publish","title_hn":"...मैं गर्व के साथ हिंदी बोलता हूं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
...मैं गर्व के साथ हिंदी बोलता हूं
विज्ञापन
...मैं गर्व के साथ हिंदी बोलता हूं
नजीबाबाद। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों और कवयित्रियों ने हिंदी को समर्पित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मेरी कलम साहित्य सेवा संस्थान की ओर से रमेश नगर में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य संजीव कुमार और अजय जौहरी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। काव्य गोष्ठी में डॉ मंजु जौहरी ने मेरे देश का गौरव है ये मेरे देश की शान है हिंदी, तीन रंग के वसन हैं इसके भारत की पहचान है हिंदी..., डॉ. बेगराज यादव ने स्वयं को अपनी संस्कृति में घोलता हूं, मैं गर्व के साथ हिंदी बोलता हूं..., संजीव कुमार ने हिंदुस्तान की जान है हिंदी, देश का मान और सम्मान है हिंदी..., सुमन वर्मा ने धनेश्वरी का वरदान है हिंदी, सुंदर है मनोरम है मीठी है सरल है ओजस्वी है और अनूठी शान है हिंदी..., शशिकला राजपूत ने हम हिंदुस्तानी को दिल से प्यारी है हिंदी, जैसे एक सुहागन को प्यारी अपने माथे की बिंदी..., डॉ. मनमोहन गुप्ता ने बनते ज्वार के घर प्राण हमारे नैनों के दर्पण में चित्र तुम्हारे..., समेत जयप्रकाश जौली, अशोक सविता, फूलमाला वर्मा, कविता नामदेव, आर्यन नामदेव ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
काव्य गोष्ठी के आयोजक सुमन वर्मा और शालिनी वर्मा ने सभी कवियों और कवयित्रियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन
नजीबाबाद। हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों और कवयित्रियों ने हिंदी को समर्पित रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मेरी कलम साहित्य सेवा संस्थान की ओर से रमेश नगर में आयोजित काव्य गोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य संजीव कुमार और अजय जौहरी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। काव्य गोष्ठी में डॉ मंजु जौहरी ने मेरे देश का गौरव है ये मेरे देश की शान है हिंदी, तीन रंग के वसन हैं इसके भारत की पहचान है हिंदी..., डॉ. बेगराज यादव ने स्वयं को अपनी संस्कृति में घोलता हूं, मैं गर्व के साथ हिंदी बोलता हूं..., संजीव कुमार ने हिंदुस्तान की जान है हिंदी, देश का मान और सम्मान है हिंदी..., सुमन वर्मा ने धनेश्वरी का वरदान है हिंदी, सुंदर है मनोरम है मीठी है सरल है ओजस्वी है और अनूठी शान है हिंदी..., शशिकला राजपूत ने हम हिंदुस्तानी को दिल से प्यारी है हिंदी, जैसे एक सुहागन को प्यारी अपने माथे की बिंदी..., डॉ. मनमोहन गुप्ता ने बनते ज्वार के घर प्राण हमारे नैनों के दर्पण में चित्र तुम्हारे..., समेत जयप्रकाश जौली, अशोक सविता, फूलमाला वर्मा, कविता नामदेव, आर्यन नामदेव ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
काव्य गोष्ठी के आयोजक सुमन वर्मा और शालिनी वर्मा ने सभी कवियों और कवयित्रियों को सम्मानित किया।