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Bijnor News: प्रवासी पक्षियों के लिए गंगा है खास, छह माह यहीं रहेगा प्रवास

Sat, 12 Oct 2024 01:07 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 12 Oct 2024 01:07 AM IST
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Ganga is special for migratory birds, migration will remain here for six months
- डॉल्फिन गणना के दौरान बड़ी संख्या में दिखे प्रवासी पक्षी
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- अक्तूबर में साइबेरिया समेत कई देशों से पहुंचने लगे पक्षी


रजनीश त्यागी
बिजनौर। अक्तूबर के दस दिन बीत चुके हैं, वहीं गंगा में प्रवासी पक्षियों की महफिल सजनी शुरू हो गई है। जैसे-जैसे तापमान गिर रहा है, वैसे-वैसे प्रवासी पक्षियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। बिजनौर गंगा बैराज का क्षेत्र समेत अमानगढ़ के पास पीलीडैम में भी पक्षी दिखने शुरू हो गए हैं। पक्षी विशेषज्ञों का मानना है कि दिसंबर माह के पहले सप्ताह तक पक्षियों के आने का सिलसिला चलता रहेगा।

बिजनौर जिला यूं तो इन दिनों वन्य जीवों के लिए खूब चर्चित है। खासतौर पर अमानगढ़ में बढ़ती बाघों की संख्या हो या फिर आबादी क्षेत्र के खेतों में घूम रहे गुलदार, हाथी चर्चाओं में हैं। अक्तूबर शुरू होते ही जैसे-जैसे तापमान घट रहा है देश के ठंडे प्रदेश और यूरोपियन देशों से पक्षियों ने भी जिले में गंगा नदी, वेटलैंड का रुख करना शुरू कर दिया है।
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जिले में बिजनौर गंगा बैराज, हरेवली बांध, रैनी फॉरेस्ट एरिया, पीली डैम, छितावर झील समेत कई ऐसी जगह है, जहां हर साल हजारों प्रवासी पक्षी अपना डेरा डालते हैं। पिछले दो दिनों से गंगा में चल रही डॉल्फिन गणना के दौरान नेटिव ब्लैक टेल्ड गॉडविट पक्षियों का झुंड दिखाई दिया। इस झुंड में सैकड़ों की संख्या में पक्षी शामिल थे।
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ये पक्षी पहुंच चुके हैं, कई का इंतजार
जिले में डेढ़ सौ से ज्यादा प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलती है। इस समय जलाशयों के पास कार्मोरेंट बड़ी संख्या में दिख रहा है। इसके अलावा ब्रह्मणी डक, जिसे लोग लाल सुर्खाब भी कहते हैं, उसके कई झुंड पहुंच चुके हैं। कहीं-कहीं कुरजां भी दिखाई पड़ रहा है। वाटर बर्ड के अलावा वॉबलर, टेलर बर्ड, लार्क, इंडियन रोलर नीलकंठ, बी-ईटर, पेलिकेन, शॉवलर, मूट, पिंटेल, स्पॉट बिल, पर्पल मुरहेन भी दिखाई देने लगी है।

हालांकि इनकी संख्या अभी कम है, जो धीरे-धीरे और बढ़ जाएगी। पक्षी विशेषज्ञों का कहना है कि प्रवासी पक्षी सर्दियों में पूरे यूरोपीय देशों से आते हैं। इसके अलावा पश्चिम एशिया, तिब्बत, मंगोलिया, नेपाल, मध्यपूर्व एशिया से भी पक्षी इन जगहों पर पहुंचते हैं।




जिले में कई जगहों पर आते हैं पक्षी
गंगा, रामगंगा, पीली डैम, अमानगढ़ समेत कई जगहों पर प्रवासी पक्षी आते हैं। गंगा में बने वेटलैंड और अंदर खादर क्षेत्र में प्रवासी पक्षी दिखने शुरू हो गए हैं। पर्यटकों को भी ऐसे क्षेत्रों की जानकारी दी जाएगी। - ज्ञान सिंह, डीएफओ
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