{"_id":"5f0b446b8ebc3e63d554c730","slug":"forced-to-buy-urea-by-paying-more-price-dhampur-news-mrt4909076186","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगीना लोक सभा के सांसद ने यूरिया खाद के टोटा होने का मुददा उठाया, मुख्यमंत्री से निदान की सिफारश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगीना लोक सभा के सांसद ने यूरिया खाद के टोटा होने का मुददा उठाया, मुख्यमंत्री से निदान की सिफारश
विज्ञापन
‘अधिक मूल्य देकर यूरिया खरीदने को मजबूर’
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने जिले में यूरिया खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने प्रदेश के सीएम से शिकायत कर निदान कराने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि समितियों में खाद न होने के कारण अधिक मूल्य पर किसान यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
सांसद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया है कि इस समय बरसात का मौसम है। जिसमें किसान गन्ना व धान की बढ़वार के लिए यूरिया खाद का प्रयोग करता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के अधिकांश सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत है, जिसकी वजह से किसानों को मजबूरन प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदना पड़ रहा है। नगीना संसदीय क्षेत्र नगीना व बिजनौर में गन्ना समिति के 50 से अधिक खाद गोदाम हैं। 96 सहकारी समितियां हैं , पर अधिकांश पर खाद उपलब्ध नहीं है। समितियों में खाद न होने के कारण बाजार में यूरिया की कालाबाजारी और ओवररेटिंग चल रही है। किसानों को पहले से ही भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब अनलॉक में भी किसान डीजल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि और यूरिया को ओवर रेट में खरीदने को मजबूर हो रहा है। यूरिया की कमी को केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री भारत सरकार के साथ समन्वय बना कर शीघ्र ही दूर किया जाए, जिससे किसानों को अपनी फसल के लिए समय पर व उचित दाम में खाद उपलब्ध हो सके।
विज्ञापन
धामपुर। नगीना लोकसभा क्षेत्र के बसपा सांसद गिरीशचंद ने जिले में यूरिया खाद की कमी के कारण किसान परेशान हैं। उन्होंने प्रदेश के सीएम से शिकायत कर निदान कराने की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि समितियों में खाद न होने के कारण अधिक मूल्य पर किसान यूरिया खरीदने को मजबूर हैं।
सांसद ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में बताया है कि इस समय बरसात का मौसम है। जिसमें किसान गन्ना व धान की बढ़वार के लिए यूरिया खाद का प्रयोग करता है, लेकिन उत्तर प्रदेश के अधिकांश सहकारी समितियों पर यूरिया की किल्लत है, जिसकी वजह से किसानों को मजबूरन प्राइवेट दुकानों से खाद खरीदना पड़ रहा है। नगीना संसदीय क्षेत्र नगीना व बिजनौर में गन्ना समिति के 50 से अधिक खाद गोदाम हैं। 96 सहकारी समितियां हैं , पर अधिकांश पर खाद उपलब्ध नहीं है। समितियों में खाद न होने के कारण बाजार में यूरिया की कालाबाजारी और ओवररेटिंग चल रही है। किसानों को पहले से ही भारी नुकसान उठाना पड़ा है। अब अनलॉक में भी किसान डीजल के मूल्य में बेतहाशा वृद्धि और यूरिया को ओवर रेट में खरीदने को मजबूर हो रहा है। यूरिया की कमी को केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री भारत सरकार के साथ समन्वय बना कर शीघ्र ही दूर किया जाए, जिससे किसानों को अपनी फसल के लिए समय पर व उचित दाम में खाद उपलब्ध हो सके।
विज्ञापन