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Bijnor News: खुले में फेंके गए आतिशबाजी के कूड़े को ठंडा कर दबाया
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शेरकोट। खुले में डाले गए आतिशबाजी के कूड़े को दमकम विभाग ने पानी से ठंडा किया, फिर पुलिस ने गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया। वहीं फैक्टरी संचालक समेत पांच को नामजद करते हुए प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। उधर इस कूड़े के ढेर में विस्फोट होने से झुलसे दोनों भाइयों का दिल्ली में उपचार चल रहा है।
गांव शहजादपुर निवासी चंद्रवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार शाम उसके बेटे रोहित (16) और रोहन (14) बंद पड़े ईंट भट्ठे की खाली जमीन पर घास काटने गए थे। वहां पहले से ही बड़ी मात्रा में पटाखों का कचरा और विस्फोटक अवशेष पड़े हुए थे। विस्फोटक अवशेष में अचानक आग लगी और तेज विस्फोट हो गया। जिसकी चपेट में आकर दोनों रोहित और रोहन गंभीर रूप से झुलस गए। आरोप है कि घटना स्थल के निकट संचालित पटाखा निर्माण इकाइयों से विस्फोटक अवशेष खुले में फेंके गए थे। पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में चौंकपुरी में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद बचा हुआ विस्फोटक पदार्थ और कचरा उक्त स्थान पर डाला गया। इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने नहटौर निवासी यूसुफ, गुफरान, रिजवान, खुर्शीद तथा शेरकोट निवासी मुकेश को नाजमद करते हुए दस अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस मामले में नामजद यूसुफ और गुफरान पहले ही जेल में बंद है। इन्हें चौंकपुरी की पटाखा फैक्टरी में क्षमता से ज्यादा आतिशबाजी मिलने पर जेल भेज गया था।
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उधर सोमवार को सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी और सीओ आलोक कुमार के निर्देशन में पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। दमकल विभाग ने पानी की बौछार करते हुए आतिशबाजी के कूड़े के ढेर को ठंडा किया, इसके बाद गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।
सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आतिशबाजी के मलबे को जमीन में दबा दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
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गांव शहजादपुर निवासी चंद्रवीर सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि रविवार शाम उसके बेटे रोहित (16) और रोहन (14) बंद पड़े ईंट भट्ठे की खाली जमीन पर घास काटने गए थे। वहां पहले से ही बड़ी मात्रा में पटाखों का कचरा और विस्फोटक अवशेष पड़े हुए थे। विस्फोटक अवशेष में अचानक आग लगी और तेज विस्फोट हो गया। जिसकी चपेट में आकर दोनों रोहित और रोहन गंभीर रूप से झुलस गए। आरोप है कि घटना स्थल के निकट संचालित पटाखा निर्माण इकाइयों से विस्फोटक अवशेष खुले में फेंके गए थे। पीड़ित का आरोप है कि हाल ही में चौंकपुरी में अवैध पटाखा भंडारण के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद बचा हुआ विस्फोटक पदार्थ और कचरा उक्त स्थान पर डाला गया। इसी लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ।
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तहरीर के आधार पर पुलिस ने नहटौर निवासी यूसुफ, गुफरान, रिजवान, खुर्शीद तथा शेरकोट निवासी मुकेश को नाजमद करते हुए दस अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। इस मामले में नामजद यूसुफ और गुफरान पहले ही जेल में बंद है। इन्हें चौंकपुरी की पटाखा फैक्टरी में क्षमता से ज्यादा आतिशबाजी मिलने पर जेल भेज गया था।
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उधर सोमवार को सीओ अंजनी कुमार चतुर्वेदी और सीओ आलोक कुमार के निर्देशन में पुलिस की टीम घटनास्थल पर पहुंची। दमकल विभाग ने पानी की बौछार करते हुए आतिशबाजी के कूड़े के ढेर को ठंडा किया, इसके बाद गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिया गया।
सीओ अफजलगढ़ आलोक कुमार का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे। उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। आतिशबाजी के मलबे को जमीन में दबा दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।