{"_id":"5e4592f68ebc3ee59555fe0d","slug":"electricity-theft-in-government-houses-dhampur-news-mrt468826137","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी आवासों में की जा रही बिजली चोरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी आवासों में की जा रही बिजली चोरी
विज्ञापन
धामपुर तहसील में नायब तहसील परमानंद श्रीवास्तव से नोकझोंक करते विद्युतकर्मी।
- फोटो : DHAMPUR
सरकारी आवासों में की जा रही बिजली चोरी
धामपुर (बिजनौर)। तहसील में बने सरकारी आवासों में धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही है। बृहस्पतिवार को सरकारी आवासों में चेकिंग करने पहुंची विद्युत निगम की टीम ने आवासों में लगे केबल काट दिए। इसके विरोध में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कॉलोनी के मेन गेट में ताला डाल कर विद्युत निगम के एसडीओ और जेई को टीम सहित बंधक बना लिया। एसडीएम के आदेश पर करीब एक घंटे बाद टीम को बंधन मुक्त किया गया।
एसडीओ हर्षित श्रीवास्तव और जेई राहुल मौर्य ने बताया कि उन्होंने एक्सईएन वीरेंद्र कुमार के आदेश पर एक सप्ताह पहले तहसील के सरकारी आवासों में चेकिंग की थी और कर्मचारियों के आवासों में लगे केबल काट कर ले गए थे। अन्य आवासों में रहने वालों को हिदायत दी गई थी कि वह कनेक्शन लेने के बाद ही बिजली का उपयोग करें। बृहस्पतिवार को वह फिर से चेकिंग करने पहुंचे थे। इस दौरान राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को बिजली चोरी करते पकड़ा गया। जब वह आरोपियों के आवासों में लगे केबल को काटकर गाड़ी में रखकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे तो कुछ कर्मचारियों ने कॉलोनी के मेन पर लगाकर उन्हें बंधक बना लिया। इस दौरान एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार चंद्रकांता, विद्युत निगम खंड प्रथम के एक्सईएन वीरेंद्र कुमार, द्वितीय एक्सईएन अरुण कुमार भाकियू की ओर से तहसील में आयोजित कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को सुन रहे थे। सूचना के बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव को मौके पर भेज कर उन्हें बंधक मुक्त कराया। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में करीब छह ब्लाकों में तीन दर्जन से ज्यादा आवास हैं, अधिकांश आवासों में रहने वाले अधिकारी और कर्मचारी चोरी कर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं।
आवासों में दिए जाएंगे विद्युत कनेक्शन: एक्सईएन
एक्सईएन वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले को लेकर एसडीएम से वार्ता हो गई है। प्रक्रिया के तहत सभी आवासों में बिजली के कनेेक्शन किए जाएंगे। अधिकारियों को टीम सहित बंधक बनाए जाने के मामले में एक्सईएन का साफ कहना था कि यह तो नौकरी का हिस्सा है।
विज्ञापन
गलत फहमी की वजह से हुआ यह मामला : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि हो सकता है कि यह सब दोनों विभाग के अधिकारियों की गलतफहमी के कारण हुआ हो। जिसे आपस में वार्ता के बाद समाप्त कर दिया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत निगम के अधिकारियों की ओर से सभी सरकारी आवासों में बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
विज्ञापन
धामपुर (बिजनौर)। तहसील में बने सरकारी आवासों में धड़ल्ले से बिजली चोरी की जा रही है। बृहस्पतिवार को सरकारी आवासों में चेकिंग करने पहुंची विद्युत निगम की टीम ने आवासों में लगे केबल काट दिए। इसके विरोध में राजस्व विभाग के अधिकारियों ने कॉलोनी के मेन गेट में ताला डाल कर विद्युत निगम के एसडीओ और जेई को टीम सहित बंधक बना लिया। एसडीएम के आदेश पर करीब एक घंटे बाद टीम को बंधन मुक्त किया गया।
एसडीओ हर्षित श्रीवास्तव और जेई राहुल मौर्य ने बताया कि उन्होंने एक्सईएन वीरेंद्र कुमार के आदेश पर एक सप्ताह पहले तहसील के सरकारी आवासों में चेकिंग की थी और कर्मचारियों के आवासों में लगे केबल काट कर ले गए थे। अन्य आवासों में रहने वालों को हिदायत दी गई थी कि वह कनेक्शन लेने के बाद ही बिजली का उपयोग करें। बृहस्पतिवार को वह फिर से चेकिंग करने पहुंचे थे। इस दौरान राजस्व विभाग के कई कर्मचारियों को बिजली चोरी करते पकड़ा गया। जब वह आरोपियों के आवासों में लगे केबल को काटकर गाड़ी में रखकर ले जाने का प्रयास कर रहे थे तो कुछ कर्मचारियों ने कॉलोनी के मेन पर लगाकर उन्हें बंधक बना लिया। इस दौरान एसडीएम धीरेंद्र सिंह, तहसीलदार चंद्रकांता, विद्युत निगम खंड प्रथम के एक्सईएन वीरेंद्र कुमार, द्वितीय एक्सईएन अरुण कुमार भाकियू की ओर से तहसील में आयोजित कार्यक्रम में किसानों की समस्याओं को सुन रहे थे। सूचना के बाद एसडीएम ने नायब तहसीलदार परमानंद श्रीवास्तव को मौके पर भेज कर उन्हें बंधक मुक्त कराया। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में करीब छह ब्लाकों में तीन दर्जन से ज्यादा आवास हैं, अधिकांश आवासों में रहने वाले अधिकारी और कर्मचारी चोरी कर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
आवासों में दिए जाएंगे विद्युत कनेक्शन: एक्सईएन
एक्सईएन वीरेंद्र कुमार का कहना है कि इस मामले को लेकर एसडीएम से वार्ता हो गई है। प्रक्रिया के तहत सभी आवासों में बिजली के कनेेक्शन किए जाएंगे। अधिकारियों को टीम सहित बंधक बनाए जाने के मामले में एक्सईएन का साफ कहना था कि यह तो नौकरी का हिस्सा है।
विज्ञापन
गलत फहमी की वजह से हुआ यह मामला : एसडीएम
एसडीएम धीरेंद्र सिंह का कहना है कि हो सकता है कि यह सब दोनों विभाग के अधिकारियों की गलतफहमी के कारण हुआ हो। जिसे आपस में वार्ता के बाद समाप्त कर दिया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत निगम के अधिकारियों की ओर से सभी सरकारी आवासों में बिजली के कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।