फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Women with sympathetic nature are becoming victims of cyber fraud.

Bijnor News: सहानुभूति स्वभाव से महिलाएं बन रही साइबर ठगी का शिकार

Wed, 23 Sep 2026 02:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2026 02:03 AM IST
विज्ञापन
Women with sympathetic nature are becoming victims of cyber fraud.
बिजनौर में अमर उजाला के संवाद कार्यक्रम में उप​स्थित महिलाएं। संवाद - फोटो : 1
बिजनौर। साइबर क्राइम तेजी से बढ़ रहा है। महिलाएं भी साइबर ठगी का शिकार हो रही हैं। इसका कारण महिलाओं का सहानुभूति स्वभाव है। महिलाएं भावनात्मक रूप से कमजोर होती हैं। इसलिए, साइबर ठग उन्हें आसानी से अपना शिकार बना लेते हैं। यह विचार महिलाओं ने बिजनौर कार्यालय में आयोजित संवाद कार्यक्रम में रखे। इसके अलावा उत्तर वैदिक काल से अब तक महिलाओं के सशक्तीकरण पर भी चर्चा हुई।
विज्ञापन


मंगलवार को बिजनौर कार्यालय पर आयोजित अमर उजाला संवाद में समाजसेवी सुमन चौधरी ने कहा कि साइबर क्राइम इस समय सबसे बड़ा अपराध है। कोई भी अंजान वीडियो कॉल नहीं उठाएं। साइबर ठग वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। इसलिए, जागरूकता जरूरी है। चर्चा करते हुए समाजसेवी सविता सैनी चर्चा ने बताया कि साइबर ठग फोन हैक करके आपके परिचित के नाम से पैसे मांगते हैं। इसमें सबसे पहले व्यक्तिगत फोन कर जानकारी करें। महिलाएं शॉपिंग एप के जरिए साइबर ठगी का शिकार हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की डीपीएम पूनम रानी ने कहा कि भावनात्मक रूप से कमजोर होने की वजह से ठग महिलाओं को शिकार बना रहे हैं। महिलाएं जल्दी ही उनकी बातों के ट्रैप में फंसकर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो रही हैं।
विज्ञापन

नीतू अग्रवाल ने कहा कि वह भी साइबर ठगी होने से बची हैं। उनके पास एक फोन आया कि वह दुकान से सोफासेट खरीदेगा। उसकी पत्नी बाजार में गई है, उसे पैसे की जरूरत है। बाद में वह पैसे दे देगा। लेकिन उनके बच्चों ने ऐसा करने से मना कर दिया। जिसके चलते उनके साथ ठगी होने से बच गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला मलेरिया अधिकारी मंजूषा गुप्ता ने महिलाओं की स्थिति पर बात करते हुए कहा कि उत्तर वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति बेहतर थी। उसके बाद से अब तक भी महिलाओं की स्थिति अच्छी नहीं हुई। अगर, चार महिलाएं सशक्त हैं तो छह महिलाएं अभी भी सशक्त नहीं हैं। महिलाओं को बहुत दबाया गया, अब बदलाव हो रहा है।

अमीषा ने कहा कि महिलाओं को पुरुष के बराकर का हक नहीं मिलता था, इसलिए समानता और गरिमा के अधिकार जैसे कानून बनाने की जरूरत पड़ी। जबकि, डॉ. मेघा ने कहा कि अभी भी कुछ घरों में महिलाएं घर के पुरुषों के बिना पूछे कुछ काम नहीं करती हैं। उन्हें कोई काम करने के लिए अपने पति की इजाजत लेनी पड़ती है।
----
क्या बदलाव जरूरी है
-सरकार को साइबर ठगी के लिए नियम कड़े करने चाहिए
-सरकार वर्तमान की चुनौतियों पर काम करें
-सोशल मीडिया का सही उपयोग करें, दुरुपयोग करने से बचें
-साइबर ठगी से बचने के लिए जागरुकता जरूरी है
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed