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Bijnor News: बांध से रामगंगा में छोड़ा जाने लगा दोगुना पानी, गंगा में उफान
Fri, 05 Sep 2025 11:52 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Fri, 05 Sep 2025 11:52 PM IST
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कालागढ़ से बांध से छोड़ा गया पानी स्टील ब्रिज स्थित अफजलगढ़ बैराज से नदी में जाता हुआ। स्रोत स
बिजनौर/कालागढ़। पहाड़ों पर हो रही बारिश से कालागढ बांध के जलाशयों में पानी रोकना मुश्किल हो रहा है। अब बांध से रामगंगा नदी में पानी की निकासी को बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है। बीते सात दिनों से पांच हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था, जबकि अब दस हजार क्यूसेक कर दिया गया है। कालागढ़ बांध प्रशासन ने पहले ही सात जिलों के अधिकारियों को पत्र भेजकर अलर्ट कर रखा है।
शुक्रवार शाम चार बजे अधिकारियों की मौजूदगी में कालागढ़ बांध के गेट खोलते हुए पानी की निकासी को बढ़ाकर दस हजार क्यूसेक किया गया। अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने बताया कि बांध के जलाशय में लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। बांध के जलाशय का जलस्तर 15 सितंबर तक 360 मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। शुक्रवार को शाम चार बजे जलस्तर 359.860 मीटर हो गया। अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार झा व अन्य अधिकारी बांध पर पहुंचे और यहां से पानी की निकासी बढ़ा दी गई। बता दें कि 29 अगस्त से बांध से 5000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बांध से पानी सीधे नदी एवं जल विद्युत गृह के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।
रामगंगा में छोड़े गए पानी का इन जिलों में पड़ेगा असर
कालागढ़ के बांध से रामगंगा नदी में पानी की निकासी बढ़ा देने का असर उत्तर प्रदेश के सात जिलों में पड़ेगा। बांध प्रशासन ने बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद के जिला प्रशासन को नदी तटों को खाली करने की चेतावनी जारी कर चुका है। नदी के तट पर जगह-जगह खेती का विस्तार हो चुका है। ऐसे में पानी के बाहर में अवरोध पैदा होता है और बाढ़ की हालत बनती है।
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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पास
हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से शुक्रवार की सुबह गंगा नदी में 174638 क्यूसेक पानी आया। ऐसे में बिजनौर गंगा बैराज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 219.40 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान से महज 60 सेंटीमीटर दूर है। जबकि बिजनौर बैराज से 174409 क्यूसेक पानी गंगा में तेजी से बहता रहा। उधर जलस्तर मापने के लिए बिजनौर बैराज पर लगे पैमाने पर जलस्तर 220.40 नजर आ रहा है। मगर इसे सिंचाई विभाग के अधिकारी ठीक नहीं मान रहे हैं। नजर आने वाले आंकड़े से एक मीटर कम जलस्तर वास्तविक बताया जा रहा है।
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शुक्रवार शाम चार बजे अधिकारियों की मौजूदगी में कालागढ़ बांध के गेट खोलते हुए पानी की निकासी को बढ़ाकर दस हजार क्यूसेक किया गया। अधिशासी अभियंता मेघ सिंह ने बताया कि बांध के जलाशय में लगभग 20 हजार क्यूसेक पानी आ रहा है। बांध के जलाशय का जलस्तर 15 सितंबर तक 360 मीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। शुक्रवार को शाम चार बजे जलस्तर 359.860 मीटर हो गया। अधीक्षण अभियंता संजीव कुमार झा व अन्य अधिकारी बांध पर पहुंचे और यहां से पानी की निकासी बढ़ा दी गई। बता दें कि 29 अगस्त से बांध से 5000 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही थी। बांध से पानी सीधे नदी एवं जल विद्युत गृह के माध्यम से छोड़ा जा रहा है।
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रामगंगा में छोड़े गए पानी का इन जिलों में पड़ेगा असर
कालागढ़ के बांध से रामगंगा नदी में पानी की निकासी बढ़ा देने का असर उत्तर प्रदेश के सात जिलों में पड़ेगा। बांध प्रशासन ने बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, अमरोहा, शाहजहांपुर और फर्रुखाबाद के जिला प्रशासन को नदी तटों को खाली करने की चेतावनी जारी कर चुका है। नदी के तट पर जगह-जगह खेती का विस्तार हो चुका है। ऐसे में पानी के बाहर में अवरोध पैदा होता है और बाढ़ की हालत बनती है।
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गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के पास
हरिद्वार के भीमगौड़ा बैराज से शुक्रवार की सुबह गंगा नदी में 174638 क्यूसेक पानी आया। ऐसे में बिजनौर गंगा बैराज पर सुबह आठ बजे जलस्तर 219.40 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान से महज 60 सेंटीमीटर दूर है। जबकि बिजनौर बैराज से 174409 क्यूसेक पानी गंगा में तेजी से बहता रहा। उधर जलस्तर मापने के लिए बिजनौर बैराज पर लगे पैमाने पर जलस्तर 220.40 नजर आ रहा है। मगर इसे सिंचाई विभाग के अधिकारी ठीक नहीं मान रहे हैं। नजर आने वाले आंकड़े से एक मीटर कम जलस्तर वास्तविक बताया जा रहा है।