{"_id":"66db66a58b1b715638090664","slug":"dialogue-held-to-resolve-human-buddhist-conflict-bijnor-news-c-27-1-smrt1006-130198-2024-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: मानव-गुलदार संघर्ष निवारण के लिए किया संवाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: मानव-गुलदार संघर्ष निवारण के लिए किया संवाद
विज्ञापन
इंदिरा पार्क में सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से कार्यशाला हुई
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इंदिरा पार्क में सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से मानव और वन्य जीव संघर्ष निवारण अभियान को लेकर कार्यशाला हुई। अधिकारियों के साथ मानव गुलदार संघर्ष निवारण, गुलदार रेस्क्यू अभियान के प्रभावी संचालन, संवाद, जन जागरूकता को लेकर संवाद किया गया।
कार्यक्रम में डीएफओ ज्ञान सिंह ने प्रभावी उपायों को लागू कराए जाने के लिए प्रयोगिक अनुभव साझा किए। कार्यशाला में सभी आआरटी में लगे कार्मिको ने भी प्रतिभाग किया। इस मौके पर पूर्व डीएफओ जीएस खुशरिया, चाल्स हेनेरी, पूर्व सर्विसमेन इरफान अली, शोध छात्र आदि मौजूद रहे।
किरतपुर रोड पर कुएं की छत पर बैठे दिखे दो गुलदार
बिजनौर। बृहस्पतिवार की रात किरतपुर रोड पर भनेड़ा के पास एक कुएं की छत पर दो गुलदार बैठे मिले। वहां से होकर जा रहे लोगों ने उनकी वीडियो भी बना ली। दो गुलदार को एक साथ देख लोग हैरान भी थे। माना जाता है कि आमतौर पर गुलदार अकेला ही रहता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। इंदिरा पार्क में सामाजिक वानिकी प्रभाग की ओर से मानव और वन्य जीव संघर्ष निवारण अभियान को लेकर कार्यशाला हुई। अधिकारियों के साथ मानव गुलदार संघर्ष निवारण, गुलदार रेस्क्यू अभियान के प्रभावी संचालन, संवाद, जन जागरूकता को लेकर संवाद किया गया।
कार्यक्रम में डीएफओ ज्ञान सिंह ने प्रभावी उपायों को लागू कराए जाने के लिए प्रयोगिक अनुभव साझा किए। कार्यशाला में सभी आआरटी में लगे कार्मिको ने भी प्रतिभाग किया। इस मौके पर पूर्व डीएफओ जीएस खुशरिया, चाल्स हेनेरी, पूर्व सर्विसमेन इरफान अली, शोध छात्र आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
किरतपुर रोड पर कुएं की छत पर बैठे दिखे दो गुलदार
बिजनौर। बृहस्पतिवार की रात किरतपुर रोड पर भनेड़ा के पास एक कुएं की छत पर दो गुलदार बैठे मिले। वहां से होकर जा रहे लोगों ने उनकी वीडियो भी बना ली। दो गुलदार को एक साथ देख लोग हैरान भी थे। माना जाता है कि आमतौर पर गुलदार अकेला ही रहता है।
विज्ञापन