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बिजनौर के धर्मेंद्र त्यागी ने दिया था देश को परिवार नियोजन का तिकोना निशान
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बिजनौर के धर्मेंद्र त्यागी ने दिया था देश को परिवार नियोजन का तिकोना निशान
रजनीश त्यागी
बिजनौर। आज पूरा देश जनसंख्या दिवस मना रहा है, वहीं इस मौके पर परिवार नियोजन, जनसंख्या नियंत्रण पर भी चर्चा हो रही है। ऐसे में बिजनौर जिले का जिक्र जरूरी हो जाता है, क्योंकि देश को परिवार नियोजन का तिकोना चिह्न देने वाले भारत सरकार में सहायक आयुक्त रहे धर्मेन्द्र त्यागी बिजनौर जिले के रतनगढ़ के रहने वाले थे। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी रियासत में हाथी पर त्रिकोना निशान बनाकर उसका प्रचार भी किया।
देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए 1960 के दशक से ही प्रयास शुरू हो गए थे। जब देश का अधिकांश तबका परिवार नियोजन के तरीकों से अनजान था, तब बिजनौर जिले के रतनगढ़ निवासी धर्मेन्द्र त्यागी ने परिवार नियोजन अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रतनगढ़ निवासी हरिनंदन आत्रेय, हर्षवर्धन आत्रेय ने बताया कि धर्मेन्द्र त्यागी ने 1966 में सरल, आकर्षक संदेशों और डिजाइनर लाल त्रिभुज का निशान दिया जो देशभर में परिवार नियोजन का प्रतीक चिह्न बन गया। उस समय हाथी पर त्रिभुज का निशान बनाकर प्रचार किया जाता था। उनके घर पर भी लाल त्रिभुज का निशान बना हुआ था। उन्होंने अपने पैतृक गांव रतनगढ़ में भारत के गवर्नर के साथ आकर अपने मकान पर लाल तिकोने का फीता काटकर शुभारंभ किया था। आगे चलकर यह निशान देश ही नहीं, विदेशों में भी परिवार नियोजन कार्यक्रम की पहचान बना।
कौन थे धर्मेन्द्र त्यागी
गांव रतनगढ़ निवासी धर्मेंद्र कुमार त्यागी का जन्म 1928 में गांव रतनगढ़ में हुआ था। इनको दीप त्यागी या डीके त्यागी के नाम से जानाजाता है। वह भारत के लिए एक सहायक आयुक्त थे, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन में भारत और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम चलाया। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्री काल और इंदिरा गांधी के प्रारंभिक काल में उन्होंने परिवार नियोजन के विचार को परिचित कराने और लोकप्रिय बनाने के बॉन्डिंग प्रयास के रूप में कार्य किया । उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु 41 वर्ष थी।
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हर दस साल में पांच लाख से ज्यादा बढ़ रही आबादी
बिजनौर जनपद में आबादी की बात करें तो तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है। जनगणना 2001 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में करीब 31.32 लाख आबादी थी। इनमें साढ़े 16 लाख पुरुष और करीब 14 लाख 70 लाख महिलाएं थी। दस साल बाद 2011 की जनगणना में जिले की आबादी बढ़कर 36.83 लाख हो गई। इस जनगणना में पुरुषों की संख्या 19 लाख से ज्यादा हो गई। वहीं महिलाओं की संख्या करीब साढ़े 17 लाख हो गई। अब जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन अभी तक नहीं हो पाई। अनुमानित जनसंख्या देखें तो जिले में इस समय 41 लाख से ज्यादा आबादी होना माना जा रहा है।
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रजनीश त्यागी
बिजनौर। आज पूरा देश जनसंख्या दिवस मना रहा है, वहीं इस मौके पर परिवार नियोजन, जनसंख्या नियंत्रण पर भी चर्चा हो रही है। ऐसे में बिजनौर जिले का जिक्र जरूरी हो जाता है, क्योंकि देश को परिवार नियोजन का तिकोना चिह्न देने वाले भारत सरकार में सहायक आयुक्त रहे धर्मेन्द्र त्यागी बिजनौर जिले के रतनगढ़ के रहने वाले थे। इतना ही नहीं उन्होंने अपनी रियासत में हाथी पर त्रिकोना निशान बनाकर उसका प्रचार भी किया।
देश में जनसंख्या नियंत्रण के लिए 1960 के दशक से ही प्रयास शुरू हो गए थे। जब देश का अधिकांश तबका परिवार नियोजन के तरीकों से अनजान था, तब बिजनौर जिले के रतनगढ़ निवासी धर्मेन्द्र त्यागी ने परिवार नियोजन अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। रतनगढ़ निवासी हरिनंदन आत्रेय, हर्षवर्धन आत्रेय ने बताया कि धर्मेन्द्र त्यागी ने 1966 में सरल, आकर्षक संदेशों और डिजाइनर लाल त्रिभुज का निशान दिया जो देशभर में परिवार नियोजन का प्रतीक चिह्न बन गया। उस समय हाथी पर त्रिभुज का निशान बनाकर प्रचार किया जाता था। उनके घर पर भी लाल त्रिभुज का निशान बना हुआ था। उन्होंने अपने पैतृक गांव रतनगढ़ में भारत के गवर्नर के साथ आकर अपने मकान पर लाल तिकोने का फीता काटकर शुभारंभ किया था। आगे चलकर यह निशान देश ही नहीं, विदेशों में भी परिवार नियोजन कार्यक्रम की पहचान बना।
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कौन थे धर्मेन्द्र त्यागी
गांव रतनगढ़ निवासी धर्मेंद्र कुमार त्यागी का जन्म 1928 में गांव रतनगढ़ में हुआ था। इनको दीप त्यागी या डीके त्यागी के नाम से जानाजाता है। वह भारत के लिए एक सहायक आयुक्त थे, जिन्होंने जनसंख्या नियंत्रण के लिए परिवार नियोजन में भारत और अन्य स्थानों पर कार्यक्रम चलाया। प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री के प्रधानमंत्री काल और इंदिरा गांधी के प्रारंभिक काल में उन्होंने परिवार नियोजन के विचार को परिचित कराने और लोकप्रिय बनाने के बॉन्डिंग प्रयास के रूप में कार्य किया । उनकी मृत्यु के समय उनकी आयु 41 वर्ष थी।
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हर दस साल में पांच लाख से ज्यादा बढ़ रही आबादी
बिजनौर जनपद में आबादी की बात करें तो तेजी से जनसंख्या बढ़ रही है। जनगणना 2001 के आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में करीब 31.32 लाख आबादी थी। इनमें साढ़े 16 लाख पुरुष और करीब 14 लाख 70 लाख महिलाएं थी। दस साल बाद 2011 की जनगणना में जिले की आबादी बढ़कर 36.83 लाख हो गई। इस जनगणना में पुरुषों की संख्या 19 लाख से ज्यादा हो गई। वहीं महिलाओं की संख्या करीब साढ़े 17 लाख हो गई। अब जनगणना 2021 में होनी थी, लेकिन अभी तक नहीं हो पाई। अनुमानित जनसंख्या देखें तो जिले में इस समय 41 लाख से ज्यादा आबादी होना माना जा रहा है।