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Bijnor News: धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र संपन्न
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धामपुर। धामपुर चीनी मिल का पेराई सत्र 160 दिन में लक्ष्य 266 लाख क्विंटल के सापेक्ष करीब 190 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई के साथ संपन्न हो गया। चीनी मिल पिछले कई सालों ने गन्ना पेराई के क्षेत्र में देश की अन्य मिलों की तुलना में नंबर वन का कीर्तिमान स्थापित करती आ रही थी। पर इस बार क्षेत्र में आई बाढ़ और 0238 प्रजाति के गन्ने में लगी रेडरॉट बीमारी ने काफी गन्ना बर्बाद कर दिया। करीब 30-35 प्रतिशत गन्ने की फसल खेतों में सूख कर नष्ट हो गई। जिससे करीब 76 लाख क्विंटल गन्ने का नुकसान हुआ है।
धामपुर चीनी मिल के यूनिट हेड सुभाष पांडेय ने बताया कि इस बार क्षेत्र के किसानों और चीनी मिल दोनों को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान की भरपाई के लिए मिल के अधिकारियों ने किसानों के साथ आने वाले सीजन में गन्ने की फसल की और बढि़या पैदावार लेने के मेहनत के साथ प्रयास शुरू कर दिए है। पिछले साल बाढ़, गन्ने में बीमारी न लगती तो चीनी मिल लक्ष्य से कहीं ज्यादा गन्ने की पेराई कर फिर देश में नंबर होने का कीर्तिमान स्थापित करती।
- पिछले साल 265 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर बनाया था कीर्तिमान
धामपुर चीनी मिल के गन्ना जीएम ओमवीर सिंह का कहना है कि पिछले सीजन में चीनी मिल का गन्ना पैराई सत्र 31 मई को 214 दिन का हुआ था। 214 दिन में मिल ने 265 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार 160 दिन के सेराई काल में 190 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। जो लक्ष्य से करीब 76 लाख क्विंटल कम है। जिससे किसानों को 281 लाख रुपये का नुकसान है।
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- गन्ना विकास पर 918 लाख रुपये का बजट
गन्ना जीएम का कहना है कि मिल क्षेत्र में करीब 500 गांवों के 80 हजार से ज्यादा किसान मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। पिछले साल करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल थी। इस बार किसानों को प्रेरित करते गन्ना रकबे और उत्पादन को बढ़ाने के लिए पूरा जोर दिया जा रहा है। मिल की ओर से 918 लाख का गन्ना विकास के लिए बजट जारी किया रहा है।
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धामपुर चीनी मिल के यूनिट हेड सुभाष पांडेय ने बताया कि इस बार क्षेत्र के किसानों और चीनी मिल दोनों को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान की भरपाई के लिए मिल के अधिकारियों ने किसानों के साथ आने वाले सीजन में गन्ने की फसल की और बढि़या पैदावार लेने के मेहनत के साथ प्रयास शुरू कर दिए है। पिछले साल बाढ़, गन्ने में बीमारी न लगती तो चीनी मिल लक्ष्य से कहीं ज्यादा गन्ने की पेराई कर फिर देश में नंबर होने का कीर्तिमान स्थापित करती।
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- पिछले साल 265 लाख क्विंटल गन्ना पेराई कर बनाया था कीर्तिमान
धामपुर चीनी मिल के गन्ना जीएम ओमवीर सिंह का कहना है कि पिछले सीजन में चीनी मिल का गन्ना पैराई सत्र 31 मई को 214 दिन का हुआ था। 214 दिन में मिल ने 265 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की थी। इस बार 160 दिन के सेराई काल में 190 क्विंटल गन्ने की पेराई हुई। जो लक्ष्य से करीब 76 लाख क्विंटल कम है। जिससे किसानों को 281 लाख रुपये का नुकसान है।
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- गन्ना विकास पर 918 लाख रुपये का बजट
गन्ना जीएम का कहना है कि मिल क्षेत्र में करीब 500 गांवों के 80 हजार से ज्यादा किसान मिल को गन्ने की आपूर्ति करते हैं। पिछले साल करीब 48 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ने की फसल थी। इस बार किसानों को प्रेरित करते गन्ना रकबे और उत्पादन को बढ़ाने के लिए पूरा जोर दिया जा रहा है। मिल की ओर से 918 लाख का गन्ना विकास के लिए बजट जारी किया रहा है।