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पत्नी-बेटियों को पाठल से काटा, खुद जहर खाकर दी जान
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 06 Jul 2017 12:14 AM IST
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निर्वेश की पत्नी का मेरठ में होता इलाज।
- फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर के किरतपुर क्षेत्र के गांव भोजपुर में बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रहे निर्वेश राजपूत (43) ने मंगलवार रात पत्नी और दो बेटियों पर धारदार हथियार से प्रहार कर उनकी जान लेने की कोशिश की, उसके बाद खुद भी जहर खाकर जान दे दी।
गंभीर रूप से घायल उसकी पत्नी और बेटियों का मेरठ में उपचार चल रहा है। परिवारीजनों का कहना है कि उसका अपना एक मेडिकल स्टोर था और उसने एक कंपनी में पैसा लगाया था, जो डूब गया। इसके बाद उसका मेडिकल स्टोर भी बंद हो गया और कर्ज चढ़ता चला गया था। कर्ज उतराने और घर का खर्च चलाने के लिए उसने पांच बीघा जमीन भी बेच दी थी।
निर्वेश राजपूत पास के ही गांव भोजपुर का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी ऊषा के अलावा तीन बेटियां रचना (22), आराधना (12) व श्रद्धा (16) है। मंगलवार रात करीब 11 बजे निर्वेश ने घर में सो रहीं अपनी पत्नी ऊषा, बेटी आराधना व श्रद्धा की गर्दन, कनपटी, हाथों पर पाठल से ताबड़तोड़ वार किए। आराधना चीखते हुए घर के बाहर आई तो परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी अपने घर से बाहर निकल आए। परिवारीजनों ने बदमाशों के आने का अनुमान लगाकर छत से हवाई फायरिंग की।
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परिवार वाले निर्वेश के घर में घुसे तो घायल ऊषा व श्रद्धा फर्श पर पड़ी तड़प रहीं थीं और निर्वेश उनके पास हाथ में खून से सनी पाठल लिए खड़ा था। परिवारीजन तुरंत पूरा मामला समझ गए और उसे पीटना शुरू कर दिया। इस बीच उसने जहर खा लिया और बदहवास होकर गिर गया। परिवारीजन पहले चारों को जिला अस्पताल ले गए, वहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में निर्वेश की मौत हो गई। ऊषा, आराधना व श्रद्धा को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के वक्त बड़ी बेटी रचना अपनी दादी राजबाला के साथ चाचा नीरज के मकान में सोई हुई थी, जिसके कारण वह बच गई। पुलिस ने मौके से वारदात में प्रयुक्त पाठल व जहर के पाउच बरामद कर लिए हैं।
परिजनों का कहना है कि निर्वेश काफी समय से बेरोजगार था। वह रोजगार की तलाश में अपने भाई संदीप के पास सोनीपत में कत्था फैक्ट्री में काम करने गया, लेकिन वहां भी ज्यादा मजदूरी न मिलने की वजह से दस दिन पहले घर आ गया था। आर्थिक तंगी से उपजे तनाव में वह नशे की गोलियों का भी सेवन करने लगा था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिली है, जांच की जा रही है। अभी तक किसी ने कोई रिपोर्र्ट दर्ज नहीं कराई है।
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गंभीर रूप से घायल उसकी पत्नी और बेटियों का मेरठ में उपचार चल रहा है। परिवारीजनों का कहना है कि उसका अपना एक मेडिकल स्टोर था और उसने एक कंपनी में पैसा लगाया था, जो डूब गया। इसके बाद उसका मेडिकल स्टोर भी बंद हो गया और कर्ज चढ़ता चला गया था। कर्ज उतराने और घर का खर्च चलाने के लिए उसने पांच बीघा जमीन भी बेच दी थी।
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निर्वेश राजपूत पास के ही गांव भोजपुर का रहने वाला था। उसके परिवार में पत्नी ऊषा के अलावा तीन बेटियां रचना (22), आराधना (12) व श्रद्धा (16) है। मंगलवार रात करीब 11 बजे निर्वेश ने घर में सो रहीं अपनी पत्नी ऊषा, बेटी आराधना व श्रद्धा की गर्दन, कनपटी, हाथों पर पाठल से ताबड़तोड़ वार किए। आराधना चीखते हुए घर के बाहर आई तो परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी भी अपने घर से बाहर निकल आए। परिवारीजनों ने बदमाशों के आने का अनुमान लगाकर छत से हवाई फायरिंग की।
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परिवार वाले निर्वेश के घर में घुसे तो घायल ऊषा व श्रद्धा फर्श पर पड़ी तड़प रहीं थीं और निर्वेश उनके पास हाथ में खून से सनी पाठल लिए खड़ा था। परिवारीजन तुरंत पूरा मामला समझ गए और उसे पीटना शुरू कर दिया। इस बीच उसने जहर खा लिया और बदहवास होकर गिर गया। परिवारीजन पहले चारों को जिला अस्पताल ले गए, वहां से उन्हें मेरठ रेफर कर दिया गया। मेरठ ले जाते समय रास्ते में निर्वेश की मौत हो गई। ऊषा, आराधना व श्रद्धा को मेरठ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। घटना के वक्त बड़ी बेटी रचना अपनी दादी राजबाला के साथ चाचा नीरज के मकान में सोई हुई थी, जिसके कारण वह बच गई। पुलिस ने मौके से वारदात में प्रयुक्त पाठल व जहर के पाउच बरामद कर लिए हैं।
परिजनों का कहना है कि निर्वेश काफी समय से बेरोजगार था। वह रोजगार की तलाश में अपने भाई संदीप के पास सोनीपत में कत्था फैक्ट्री में काम करने गया, लेकिन वहां भी ज्यादा मजदूरी न मिलने की वजह से दस दिन पहले घर आ गया था। आर्थिक तंगी से उपजे तनाव में वह नशे की गोलियों का भी सेवन करने लगा था। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिली है, जांच की जा रही है। अभी तक किसी ने कोई रिपोर्र्ट दर्ज नहीं कराई है।