फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   vyapam scham

लापता डाॅक्टर ग्वालियर जेल में है बंद

Mon, 24 Aug 2015 11:44 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर Updated Mon, 24 Aug 2015 11:44 PM IST
विज्ञापन
बिजनौर। मध्यप्रदेश में चिकित्सा शिक्षा में हुए व्यापम (व्यावसायिक परीक्षा मंडल) घोटाले की जड़ बिजनौर तक फैली हैं। घोटाले में संलिप्त नूरपुर सीएचसी पर तैनात चिकित्सक आठ माह से ग्वालियर जेल में बंद है और विभाग को कानोंकान खबर तक नहीं लगी।
विज्ञापन



ग्वालियर एसपी सिटी ने सीएमओ को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। नूरपुर सीएचसी पर तैनात चिकित्सक डा. प्रभात चौधरी की अक्टूबर 2014 को बिजनौर सीएमओ के अधीन तैनाती हुई। योगदान आख्या के बाद डा. प्रभात चौधरी गायब हो गए। उनके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं थी।
विज्ञापन



सोमवार को एसपी सिटी ग्वालियर का सीएमओ बिजनौर के नाम एक पत्र आया और उसने सारे राज खोल दिए। पत्र में एसपी सिटी ग्वालियर ने बताया कि बिजनौर में तैनात एमबीबीएस चिकित्सक डा. प्रभात चौधरी 16 दिसंबर 2014 से ग्वालियर जेल में बंद हैं। उन पर मध्यप्रदेश में हुए व्यापम घोटाले में संलिप्त होने का आरोप है। सरकारी चिकित्सक के जेल में बंद होने पर आवश्यक विभागीय कार्रवाई करे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मेडिकल में छात्रों का सिलेक्शन कराने का आरोप:
डा. प्रभात चौधरी पर आरोप है कि उन्होंने चिकित्सा शिक्षा  में छात्रों का सलेक्शन कराया है। यह आरोप घोटाले में पकड़े गए छत्रों ने लगाया।

पूछताछ के बहाने बुलाकर पकड़ा:
व्यापम घोटाले की परते खुलते समय दलालों ने कुछ सिलेक्टेड छात्रों के नाम बताए। छात्रों ने पूछताछ में ही आरोपी चिकित्सक का नाम बताया। एसपी सिटी ने पत्र में बताया कि उन्होंने आरोपी चिकित्सक को 16 दिसंबर 2014 को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, बाद में उसी दिन उसे जेल भेज दिया।

जिला संभल का रहने वाला है आरोपी चिकित्सक:
डॉ. प्रभात चौधरी मूल रूप से जिला संभल का रहने वाला है। स्वास्थ्य विभाग में सिलेक्शन होने के बाद उसकी पहली तैनाती जिला बिजनौर ही थी। बिजनौर में योगदान आख्या देने के बाद आरोपी चिकित्सक पुन: सीएचसी तक नहीं पहुंचा।

दो बार नोटिस भेजा घर, अनुपस्थिति शासन को:
आरोपी डा. प्रभात चौधरी बिना सूचना के सीएचसी से गायब हो जाने पर विभाग ने दो बार नोटिस उनके घर के पते भेजा और उपस्थित होने के निर्देश दिए। लेकिन दोनों पत्रों का कोई जबाव नहीं आया। लगातार अनुपस्थित रहने की सूचना भी विभाग ने शासन को पहले ही भेज दी।

विभाग में मचा हड़कंप, कई के पास है ग्वालियर की डिग्री
बिजनौर में तैनात चिकित्सक के जेल जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। जिले में कई स्टाफ नर्स, एएनएम ऐसी हैं, जिनके पास ग्वालियर के मेडिकल कॉलेजों की डिग्रियां हैं। ऐसे में यदि सही ढंग से जांच की जाए, तो कई स्टाफ नर्स व एएनएम ऐसी मिलेंगी, जिनके पास डिग्री फर्जी है।



सीएमओ डॉ. मनमोहन सिंह का कहना है कि डॉ. प्रभात चौधरी के जेल में होने की सूचना उन्हें मिल गई है। उनके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन को लिखा जाएगा। चिकित्सक की तैनाती शासन स्तर से होती है। वहीं से उन्हें निलंबित किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed