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शादी अनुदान में हुआ फर्जीवाड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 07 Jan 2017 12:20 AM IST
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बिजनौर में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में शादी के लिए अनुदान लेने के नाम पर अभिलेखों में फर्जीवाड़ा का मामला प्रकाश में आया है। मामले का खुलासा होने पर आवेदनकर्ताओं में हड़कंप है। विभाग ने टीम बनाकर आवेदनपत्रों की छानबीन शुरू कर दी है।
विभाग को करीब एक हजार आवेदन शादी अनुदान के मिले हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार शहरी क्षेत्र के अल्पसंख्यक युवतियों को 56,460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये शादी अनुदान दिए जाने की शासन की योजना है। इसके अंतर्गत एक अप्रैल 2016 के बाद शादी करने वाली युवतियों को अनुदान मिलेगा। अर्ह लाभार्थी शादी के तीन माह पहले या शादी के तीन बाद बाद आवेदन कर सकते हैं। जिले में शादी अनुदान के लिए करीब एक हजार आवेदन मिले। प्रथम स्टेज पर आवेदन पत्रों की जांच हल्का लेखपाल से कराई गई। इसके बाद विभाग ने आवेदनकर्ता की आय, आयु तथा अन्य अभिलेखों की जांच की है।
मिश्र के मुताबिक जांच में 11 मामले फर्जी पाए गए। कई लाभार्थियों ने अन्य व्यक्ति के आय के प्रमाणपत्र स्कैन करके लगा रखे थे। इसमें लाभार्थी ने अपना नाम फर्जी तरीके से अंकित कर दिया था, जबकि कई आवेदनकर्ताओं के आय व आयु के प्रमाणपत्रों में हेराफेरी मिली है।
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विभाग को करीब एक हजार आवेदन शादी अनुदान के मिले हैं। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार मिश्र के अनुसार शहरी क्षेत्र के अल्पसंख्यक युवतियों को 56,460 रुपये और ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये शादी अनुदान दिए जाने की शासन की योजना है। इसके अंतर्गत एक अप्रैल 2016 के बाद शादी करने वाली युवतियों को अनुदान मिलेगा। अर्ह लाभार्थी शादी के तीन माह पहले या शादी के तीन बाद बाद आवेदन कर सकते हैं। जिले में शादी अनुदान के लिए करीब एक हजार आवेदन मिले। प्रथम स्टेज पर आवेदन पत्रों की जांच हल्का लेखपाल से कराई गई। इसके बाद विभाग ने आवेदनकर्ता की आय, आयु तथा अन्य अभिलेखों की जांच की है।
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मिश्र के मुताबिक जांच में 11 मामले फर्जी पाए गए। कई लाभार्थियों ने अन्य व्यक्ति के आय के प्रमाणपत्र स्कैन करके लगा रखे थे। इसमें लाभार्थी ने अपना नाम फर्जी तरीके से अंकित कर दिया था, जबकि कई आवेदनकर्ताओं के आय व आयु के प्रमाणपत्रों में हेराफेरी मिली है।
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