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पीपलसाना में धर्मस्थ्ाल पर पथराव
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:56 PM IST
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गांव पीपलसाना स्थित धर्मस्थल पर आपबीती सुनातीं महिलाएं।
- फोटो : अमर उजाला
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धामपुर में गांव पीपलसाना में आरती के दौरान दलितों ने धर्मस्थल पर पथराव कर दिया। आरोपियों ने पुजारी की कार भी क्षतिग्रस्त कर दी। धर्मस्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ डाले। पथराव के दौरान किसी तरह से लोगों ने धर्मस्थल को बंद कर अपनी जान बचाई। उधर, सूचना पर पहुंची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ शांति भंग करने के आरोप में कार्रवाई की है।
धर्मस्थल के पुुजारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान मेहंदीपुर का निवासी है। उन्होंने बताया कि10 साल पहले गांव पीपलसाना में धर्मस्थल की स्थापना की थी। उसी समय से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर सत्संग करते हैं। बकौल पुजारी, जब वह बुधवार शाम करीब 7.30 बजे आरती कर रहे थे, तो दलित समाज के लोगों ने धर्मस्थल पर हमला बोल दिया। धर्मस्थल के गेटों को उखाड़ कर भीतर घुसकर महिला श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का प्रयास किया। समझाने पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने धर्मस्थल के बाहर खड़ी पुुजारी की कार क्षतिग्रस्त कर दी। धर्मस्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया। काफी देर तक मंदिर में अफरातफरी का माहौल रहा है। किसी तरह से श्रद्धालुओं ने धर्मस्थल के सभी गेट भीतर से बंद कर जान बचाई। आरोप है कि वे लोग धर्मस्थल को बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं। पुजारी ने बताया कि आरोपी पहले भी हमला कर चुके हैं, तब भी पुलिस को घटना के बारे में बताया था। उस समय भी पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी। बताया कि उनके द्वारा बुधवार रात में ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए पर श्रद्धालुओं से ही अभद्रता की। धर्मस्थल के पुजारी, पंडित सहित कई लोगों को पकड़ कर ले गई। रातभर थाने में बंद रखने के बाद दिन निकलने पर पंडित व पुुजारी को तो छोड़ दिया गया, बाकी अन्य को पुलिस ने नहीं छोड़ा। बृहस्पतिवार को भी धर्मस्थल में ठहरी महिलाओं में दहशत का माहौल है। पुजारी के अनुसार तहरीर देने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, उल्टे श्रद्धालुओं को जेल भेजने में लगी है। वहीं कोतवाल ने बताया कि पुलिस ने बिजनौर के विकास, आकाश व किशन को शांतिभंग में गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है।
पुुजारी ने न्याय न मिलने पर अन्न त्यागा
पुुजारी महेंद्र गिरी गोस्वामी हमले की घटना से बुरी तरह से आहत हैं। पुुजारी का कहना है कि जब तब पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई कर उन्हें न्याय नहीं दिलाती है, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगेे। वह धर्मस्थल के पुुजारी ही नहीं हैं, बल्कि हिंदू रक्षा सेना बिजनौर के जिला प्रभारी भी हैं। घटना का पता लगने पर उनके संगठन के जिलाध्यक्ष डा. तेजपाल सिंह, मीडिया प्रभारी मनीष चौहान आदि कार्यकर्ता पहुंच कर घटना की जानकारी ली और न्याय दिलाने को एसपी से मिलने की बात कही।
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मामला रंजिशन है, होगी कार्रवाई : सीओ
सीओ अर्चना सिंह ने पुुजारी और अन्य श्रद्धालुओं के लगे आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। सीओ का कहना है कि पुुजारी ने एक साल पहले गांव के नरेंद्र कुमार से गऊशाला खोलने के लिए जमीन खरीदी थी। पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच में विवाद चल रहा था, जिसके कारण रंजिशन दो पक्षों में यह घटना हुई। आरोप है कि पुजारी बेवजह इसे धार्मिक रूप देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा हैै।
बोले दिलत, पुजारी ने श्रद्धालुओं से कराया हमला
गांव के दलित समाज के लोगों ने पुुजारी के लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि धर्मस्थल और पुजारी पर कोई हमला नहीं किया गया है। बल्कि पुजारी षड्यंत्र के तहत श्रद्धालुओं को आगे कर उन्हें मंदिर के पास से हटाना चाहता है। आरोप है कि पुुजारी उनसे पहले भी कई बार धर्मस्थल के सामने एक व्यक्ति की बनी तीन दुकानों को लेने की मांग कर चुका है। मना करने पर वह उनसे रंजिश रखता है। हमले में गांव का नरेंद्र व उसके परिवार के तीन सदस्यों को चोटें आई हैं।
दुकान में तोड़फोड़ करने पर रिपोर्ट दर्ज
दलित आंदोलन के दौरान शास्त्री चौक पर जैन स्वीट सेंटर पर तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात दलित युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दो अप्रैल को एससीएसटी एक्ट से जुड़े मामले में दलित संगठनों के बैनर तले शास्त्री चौक पर जमकर हंगामा किया गया था। दलित समाज के युवकों ने शास्त्री चौक पर जाम लगाकर दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की थी। शास्त्री चौक स्थित जैन स्वीट सेंटर में भी तोड़फोड़ की गई थी। स्वीट सेंटर के स्वामी संजीव जैन ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शहर कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। सोशल मीडिया पर भी रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए शहर कोतवाली पुलिस पर खूब कटाक्ष किए गए। बृहस्पतिवार को इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट धारा 147 व 427 में दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने से तोड़फोड़ करने वाले दलित युवकों में खलबली मची है। पुलिस हंगामे के दौरान बनाई वीडियो फुटेज व दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से तोड़फोड़ करने वालों को खंगालने में जुटी है। शहर कोतवाल फतेह सिंह के मुताबिक दुकान में तोड़फोड़ करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तोड़फोड़ करने वालों की तलाश की जा रही है।
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धर्मस्थल के पुुजारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने बताया कि वह मूल रूप से राजस्थान मेहंदीपुर का निवासी है। उन्होंने बताया कि10 साल पहले गांव पीपलसाना में धर्मस्थल की स्थापना की थी। उसी समय से यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर सत्संग करते हैं। बकौल पुजारी, जब वह बुधवार शाम करीब 7.30 बजे आरती कर रहे थे, तो दलित समाज के लोगों ने धर्मस्थल पर हमला बोल दिया। धर्मस्थल के गेटों को उखाड़ कर भीतर घुसकर महिला श्रद्धालुओं के साथ मारपीट का प्रयास किया। समझाने पर पथराव शुरू कर दिया। इस दौरान आरोपियों ने धर्मस्थल के बाहर खड़ी पुुजारी की कार क्षतिग्रस्त कर दी। धर्मस्थल के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे को भी तोड़ दिया। काफी देर तक मंदिर में अफरातफरी का माहौल रहा है। किसी तरह से श्रद्धालुओं ने धर्मस्थल के सभी गेट भीतर से बंद कर जान बचाई। आरोप है कि वे लोग धर्मस्थल को बंद कराने की कोशिश कर रहे हैं। पुजारी ने बताया कि आरोपी पहले भी हमला कर चुके हैं, तब भी पुलिस को घटना के बारे में बताया था। उस समय भी पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की थी। बताया कि उनके द्वारा बुधवार रात में ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए पर श्रद्धालुओं से ही अभद्रता की। धर्मस्थल के पुजारी, पंडित सहित कई लोगों को पकड़ कर ले गई। रातभर थाने में बंद रखने के बाद दिन निकलने पर पंडित व पुुजारी को तो छोड़ दिया गया, बाकी अन्य को पुलिस ने नहीं छोड़ा। बृहस्पतिवार को भी धर्मस्थल में ठहरी महिलाओं में दहशत का माहौल है। पुजारी के अनुसार तहरीर देने के बाद भी पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है, उल्टे श्रद्धालुओं को जेल भेजने में लगी है। वहीं कोतवाल ने बताया कि पुलिस ने बिजनौर के विकास, आकाश व किशन को शांतिभंग में गिरफ्तार कर उनका चालान कर दिया है।
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पुुजारी ने न्याय न मिलने पर अन्न त्यागा
पुुजारी महेंद्र गिरी गोस्वामी हमले की घटना से बुरी तरह से आहत हैं। पुुजारी का कहना है कि जब तब पुलिस आरोपियों पर कार्रवाई कर उन्हें न्याय नहीं दिलाती है, तब तक वे अन्न ग्रहण नहीं करेंगेे। वह धर्मस्थल के पुुजारी ही नहीं हैं, बल्कि हिंदू रक्षा सेना बिजनौर के जिला प्रभारी भी हैं। घटना का पता लगने पर उनके संगठन के जिलाध्यक्ष डा. तेजपाल सिंह, मीडिया प्रभारी मनीष चौहान आदि कार्यकर्ता पहुंच कर घटना की जानकारी ली और न्याय दिलाने को एसपी से मिलने की बात कही।
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मामला रंजिशन है, होगी कार्रवाई : सीओ
सीओ अर्चना सिंह ने पुुजारी और अन्य श्रद्धालुओं के लगे आरोपों को पूरी तरह से गलत बताया है। सीओ का कहना है कि पुुजारी ने एक साल पहले गांव के नरेंद्र कुमार से गऊशाला खोलने के लिए जमीन खरीदी थी। पैसों के लेनदेन को लेकर दोनों के बीच में विवाद चल रहा था, जिसके कारण रंजिशन दो पक्षों में यह घटना हुई। आरोप है कि पुजारी बेवजह इसे धार्मिक रूप देकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहा हैै।
बोले दिलत, पुजारी ने श्रद्धालुओं से कराया हमला
गांव के दलित समाज के लोगों ने पुुजारी के लगे आरोपों को निराधार बताया। कहा कि धर्मस्थल और पुजारी पर कोई हमला नहीं किया गया है। बल्कि पुजारी षड्यंत्र के तहत श्रद्धालुओं को आगे कर उन्हें मंदिर के पास से हटाना चाहता है। आरोप है कि पुुजारी उनसे पहले भी कई बार धर्मस्थल के सामने एक व्यक्ति की बनी तीन दुकानों को लेने की मांग कर चुका है। मना करने पर वह उनसे रंजिश रखता है। हमले में गांव का नरेंद्र व उसके परिवार के तीन सदस्यों को चोटें आई हैं।
दुकान में तोड़फोड़ करने पर रिपोर्ट दर्ज
दलित आंदोलन के दौरान शास्त्री चौक पर जैन स्वीट सेंटर पर तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात दलित युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। दो अप्रैल को एससीएसटी एक्ट से जुड़े मामले में दलित संगठनों के बैनर तले शास्त्री चौक पर जमकर हंगामा किया गया था। दलित समाज के युवकों ने शास्त्री चौक पर जाम लगाकर दुकानों में तोड़फोड़ व लूटपाट की थी। शास्त्री चौक स्थित जैन स्वीट सेंटर में भी तोड़फोड़ की गई थी। स्वीट सेंटर के स्वामी संजीव जैन ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शहर कोतवाली में तहरीर दी थी। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। सोशल मीडिया पर भी रिपोर्ट दर्ज न करने के लिए शहर कोतवाली पुलिस पर खूब कटाक्ष किए गए। बृहस्पतिवार को इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई है। रिपोर्ट धारा 147 व 427 में दर्ज कराई गई है। रिपोर्ट दर्ज होने से तोड़फोड़ करने वाले दलित युवकों में खलबली मची है। पुलिस हंगामे के दौरान बनाई वीडियो फुटेज व दुकानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से तोड़फोड़ करने वालों को खंगालने में जुटी है। शहर कोतवाल फतेह सिंह के मुताबिक दुकान में तोड़फोड़ करने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। तोड़फोड़ करने वालों की तलाश की जा रही है।