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एससी/एसटी एक्ट के आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर युवती के परिजनों ने आरोपियों की दो महिलाओं को बंधक बनाया
Updated Wed, 12 Sep 2018 12:49 AM IST
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दलित युवती को भगा ले जाने का मामला, एससी/एसटी एक्ट के आरोपियों पर कार्रवाई न होने से भड़के
सूचना पर गांव में पहुंची पुलिस से युवती के परिजनों से हुई नोकझोंक
धामपुर (बिजनौर)। थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को बवाल होते होते बच गया। बताया गया कि इस गांव में चार दिन पहले गांव का युवक गांव की ही एक दलित युवती को भगाकर ले गया था। आरोप है कि जब युवती के परिजनों ने आरोपी युवक के घर जाकर उसके परिजनों से जानकारी करने का प्रयास किया तो उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की और जान से मार देने की धमकी भी दी है। युवती के परिजनों की ओर से आरोपी सहित चार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में नामजद रिपोर्ट कायम करा दी गई। आरोप है कि चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित पक्ष के लोगों ने मंगलवार को आरोपी पक्ष की दो महिलाओं को बंधक बना लिया और अपने घर में करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा है। गांव के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस के गांव में पहुंचने के बाद पीड़ित पक्ष के लोगों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। पुलिस ने बामुश्किल महिलाओं को बंधक मुक्त कराया।
एसएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि थाने के गांव में गैर बिरादरी का युवक गांव की दलित युवती को प्रेमजाल में फंसा कर भगा कर ले गया। ऐसा होने से दलित समाज के लोगों में गुस्सा है। युवती के परिजनों की ओर से इस मामले में आरोपी युवक सहित चार के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट कायम है। आरोप है कि रिपोर्ट कायम होने के बाद भी जब पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की तो युवती पक्ष के लोगों ने आरोपियों की दो महिलाओं को बंधक बना लिया। बताया गया दलित समाज के लोगों ने करीब तीन घंटे तक इन दोनों महिलाओं को अपने घर पर बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गांव में जाकर महिलाओं को बंधन मुक्त कराने का प्रयास किया तो वहां पर बखेड़ा खड़ा हो गया। समाज के लोगों की पुलिस ने काफी देर तक नोकझोंक हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाकर दोनों महिलाओं को बंधन मुक्त करा संबंधित परिवार को सौंपा। इस मौके पर युवती पक्ष की एक महिला को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई। जिसे बाद में छोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर गांव में दोनों जातियों के लोगों में असंतोष है। एसएसआई का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था को गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। जो कोई कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उस पर कार्रवाई होगी।
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सूचना पर गांव में पहुंची पुलिस से युवती के परिजनों से हुई नोकझोंक
धामपुर (बिजनौर)। थाना क्षेत्र के एक गांव में मंगलवार को बवाल होते होते बच गया। बताया गया कि इस गांव में चार दिन पहले गांव का युवक गांव की ही एक दलित युवती को भगाकर ले गया था। आरोप है कि जब युवती के परिजनों ने आरोपी युवक के घर जाकर उसके परिजनों से जानकारी करने का प्रयास किया तो उनके साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अभद्रता की और जान से मार देने की धमकी भी दी है। युवती के परिजनों की ओर से आरोपी सहित चार लोगों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट में नामजद रिपोर्ट कायम करा दी गई। आरोप है कि चार दिन बाद भी कार्रवाई नहीं की तो पीड़ित पक्ष के लोगों ने मंगलवार को आरोपी पक्ष की दो महिलाओं को बंधक बना लिया और अपने घर में करीब तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा है। गांव के लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। आरोप है कि पुलिस के गांव में पहुंचने के बाद पीड़ित पक्ष के लोगों की पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। पुलिस ने बामुश्किल महिलाओं को बंधक मुक्त कराया।
एसएसआई यशपाल सिंह ने बताया कि थाने के गांव में गैर बिरादरी का युवक गांव की दलित युवती को प्रेमजाल में फंसा कर भगा कर ले गया। ऐसा होने से दलित समाज के लोगों में गुस्सा है। युवती के परिजनों की ओर से इस मामले में आरोपी युवक सहित चार के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट कायम है। आरोप है कि रिपोर्ट कायम होने के बाद भी जब पुलिस ने आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की तो युवती पक्ष के लोगों ने आरोपियों की दो महिलाओं को बंधक बना लिया। बताया गया दलित समाज के लोगों ने करीब तीन घंटे तक इन दोनों महिलाओं को अपने घर पर बंधक बनाए रखा। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने गांव में जाकर महिलाओं को बंधन मुक्त कराने का प्रयास किया तो वहां पर बखेड़ा खड़ा हो गया। समाज के लोगों की पुलिस ने काफी देर तक नोकझोंक हुई। पुलिस ने सख्ती दिखाकर दोनों महिलाओं को बंधन मुक्त करा संबंधित परिवार को सौंपा। इस मौके पर युवती पक्ष की एक महिला को पुलिस पकड़ कर थाने ले गई। जिसे बाद में छोड़ दिया गया। इस मामले को लेकर गांव में दोनों जातियों के लोगों में असंतोष है। एसएसआई का कहना है कि गांव में शांति व्यवस्था को गांव में पुलिस की तैनाती की गई है। जो कोई कानून को हाथ में लेने का प्रयास करेगा, उस पर कार्रवाई होगी।
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