{"_id":"5bb268ec867a557fe112297b","slug":"181538418924-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो आरोपियों ने किया कोर्ट में सरेंडर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
दो आरोपियों ने किया कोर्ट में सरेंडर
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:05 AM IST
विज्ञापन
दो आरोपियों ने किया कोर्ट में सरेंडर
बढ़ापुर। हाथी को मारने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बढ़ापुर वन रेंज की रामजीवाला बीट में 25 मार्च को हाथी के अवशेष मिलने के चर्चित मामले में दो सितंबर को ग्राम रामजीवाला के चार लोगों असलम, शौकत, बिशारत उर्फ मोची व नासिर की गिरफ्तारी के बाद करीब एक दर्जन अन्य लोगों के नाम इस मामले में प्रकाश में आए थे। दस लोगों ने कोर्ट में सरेंडर हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इन लोगों को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में वांछित बताया था। लेकिन 13 सितंबर को इन लोगों का आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र खारिज हो गया। इस दौरान पहले से ही गिरफ्तार चारों लोगों की जमानत भी सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। इस मामले में शेष बचे आरोपी पुलिस व वन विभाग के हाथ नहीं लग रहे थे। इस मामले के दो आरोपी शराफत पुत्र असगर और शराफत पुत्र रहीमबख्श ने पुलिस और वन विभाग को चकमा देकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिजनौर की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
विज्ञापन
बढ़ापुर। हाथी को मारने के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बढ़ापुर वन रेंज की रामजीवाला बीट में 25 मार्च को हाथी के अवशेष मिलने के चर्चित मामले में दो सितंबर को ग्राम रामजीवाला के चार लोगों असलम, शौकत, बिशारत उर्फ मोची व नासिर की गिरफ्तारी के बाद करीब एक दर्जन अन्य लोगों के नाम इस मामले में प्रकाश में आए थे। दस लोगों ने कोर्ट में सरेंडर हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। इन लोगों को पुलिस ने अपनी रिपोर्ट में वांछित बताया था। लेकिन 13 सितंबर को इन लोगों का आत्मसमर्पण का प्रार्थना पत्र खारिज हो गया। इस दौरान पहले से ही गिरफ्तार चारों लोगों की जमानत भी सत्र न्यायालय से खारिज हो चुकी है। इस मामले में शेष बचे आरोपी पुलिस व वन विभाग के हाथ नहीं लग रहे थे। इस मामले के दो आरोपी शराफत पुत्र असगर और शराफत पुत्र रहीमबख्श ने पुलिस और वन विभाग को चकमा देकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बिजनौर की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है।