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विधायक बनना चहते थे हाजी अहसान

Wed, 29 May 2019 12:28 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 29 May 2019 12:28 AM IST
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विधायक बनना चहते थे हाजी अहसान
विधायक बनना चहते थे हाजी अहसान
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बिजनौर। बसपा नेता हाजी अहसान विधायक बनना चाहते थे, 2017 के विधान सभा चुनाव में उन्होंने नजीबाबाद से बसपा का टिकट मांगा था। टिकट के लिए उन्होंने पूरा जोर लगा दिया था। दिल्ली से लेकर बिजनौर तक हाजी अहसान का प्रॉपर्टी का बड़ा कारोबार था। पिछले कई साल से दिल्ली में वह प्रॉपर्टी का काम कर रहे थे।
बसपा नेता हाजी अहसान चंद सालों में ही प्रॉपर्टी के कारोबार से अमीर बन गए थे। नजीबाबाद और बिजनौर में उनके पास बेशकीमती जमीन हैं। नजीबाबाद से प्रॉपर्टी में पैसा कमाने के बाद उन्होंने कई साल पहले दिल्ली की ओर रुख कर लिया था। दिल्ली में प्रॉपर्टी के बड़े कारोबार किए। कई बडे़ लोगों से उनके गहरे संबंध रहे। दिल्ली के साथ-साथ नजीबाबाद में भी उनके प्रॉपर्टी के काम चलते रहे। विवादित प्रॉपर्टी में भी हाथ डालने से हाजी अहसान डरते नहीं थे। हाजी अहसान के बारे में कहा जाता था कि जिस प्रॉपर्टी पर उनकी नजर पड़ गई उसे उन्होंने हासिल ही कर लिया। प्रॉपर्टी की उन्हें बेहद परख थी। प्रॉपर्टी देखकर बता देते थे कि इस प्रॉपर्टी से उन्हें कितनी कमाई होगी। राजनीति में भी उनकी गहरी पकड़ थी। कई दलों के राजनेताओं से उनके गहरे संबंध थे।
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हाजी अहसान की तमन्ना विधायक बनने की थी। इस लिए ही उन्होंने 2017 के विधान सभा चुनाव में नजीबाबाद विधान सभा से बसपा का टिकट मांगा था। टिकट पाने के लिए उन्होंने पूरे जोर लगा दिए थे। पर बसपा हाईकमान ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। हाजी अहसान प्रॉपर्टी को लेकर सदा विवादों में रहते थे। कई लोग उनसे रंजिश भी रखते थे। पर उनका कुछ बिगाड़ नहीं पा रहे थे। जब तक वह दिल्ली में रहे पूरी तरह सुरक्षित थे। दिल्ली से नजीबाबाद कब आते जाते थे। कुछ नजदीकी लोगों को छोड़कर उनके बारे में किसी को कोई पता नहीं रहता था। पिछले छह महीने से हाजी अहसान फिर से नजीबाबाद में आ बसे। अपने बच्चों के साथ नजीबाबाद में ही रह रहे थे। हाजी अहसान नजीबाबाद में भी चौकस रहते थे। किसी बाहरी व्यक्ति से मिलते नहीं थे। मंगलवार को भी दो बदमाशों के कांप्लेक्स में घुसने पर वह इसलिए धोखा खा गए कि दोनों बदमाशों ने उन्हें मिठाई देने की बात कही थी। हाथ में मिठाई का डिब्बा देख उन्होंने सोचा कि रमजान में कोई उन्हें मिठाई देने आया है। हाजी अहसान को नहीं मालूम था कि मिठाई का डिब्बा देने के बहाने बदमाश उनकी जान लेने आए हैं। हाजी अहसान का भांजा शादाब हर वक्त उनके साथ रहता था। शादाब पर बसपा नेता बेहद विश्वास करते थे।
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सीसीटीवी कैमरे खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस बसपा नेता व उनके भांजे के कातिलों को पहचानने के लिए कांप्लेक्स में लगे सीसी टीवी कैमरे खंगालने में जुटी है। सीसी टीवी कैमरों के सहारे पुलिस कातिलों तक पहुंचना चाहती है। पुलिस के मुताबिक घटना को अंजाम तीन शूटरों ने दिया। एक शूटर कांप्लेक्स के बाहर खड़ा रहा। दो अंदर मिठाई देने के बहाने गए। शूटरों के चेहरे खुले हुए थे। पुलिस मान रही है कि भाड़े के शूटरों से हाजी अहसान और उनके भांजे की हत्या कराई गई है।
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