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Noida News: फर्जी लोन स्वीकृत लेटर भेजकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
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फर्जी लोन स्वीकृत लेटर भेजकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
- 10 प्रतिशत कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर फर्जी स्वीकृत लेटर भेजकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन के बदले अपने और म्यूल बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर बुधवार को गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान खोड़ा कॉलोनी निवासी तुषार ( 21) और सुमित कुमार ( 21) के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाने में दर्ज प्राथमिकी में दोनों आरोपी वांछित चल रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक कंपनी से प्राप्त डाटा का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने लोन लेने वालों से संपर्क कर कम समय में पर्सनल लोन स्वीकृत कराने का झांसा दिया था। लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस समेत अलग-अलग शुल्क लेते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी संपर्क बंद कर देते थे।
अपने बैंक खातों में मंगाते थे पैसे : पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गिरोह में बैंक खातों की अहम भूमिका थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें ठगी की रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद आरोपी कमीशन काटकर शेष राशि साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, तुषार के बैंक खाते में करीब 1.20 लाख रुपये और सुमित के खाते में 2.20 लाख की संदिग्ध रकम प्राप्त हुई है। इन बैंक खातों के खिलाफ महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दो शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।
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- 10 प्रतिशत कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे बैंक खाते, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने किया गिरफ्तार
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। पर्सनल लोन दिलाने के नाम पर फर्जी स्वीकृत लेटर भेजकर लोगों से प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के दो बदमाशों को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी 10 प्रतिशत कमीशन के बदले अपने और म्यूल बैंक खाते साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे।
डीसीपी साइबर शैव्या गोयल ने बताया कि गोपनीय सूचना के आधार पर बुधवार को गाजियाबाद की खोड़ा कॉलोनी से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान खोड़ा कॉलोनी निवासी तुषार ( 21) और सुमित कुमार ( 21) के रूप में हुई है। साइबर क्राइम थाने में दर्ज प्राथमिकी में दोनों आरोपी वांछित चल रहे थे। जांच में सामने आया कि गिरोह ने एक कंपनी से प्राप्त डाटा का दुरुपयोग किया। आरोपियों ने लोन लेने वालों से संपर्क कर कम समय में पर्सनल लोन स्वीकृत कराने का झांसा दिया था। लोन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के नाम पर प्रोसेसिंग फीस समेत अलग-अलग शुल्क लेते थे। रकम मिलने के बाद आरोपी संपर्क बंद कर देते थे।
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अपने बैंक खातों में मंगाते थे पैसे : पुलिस जांच में यह भी पता चला कि गिरोह में बैंक खातों की अहम भूमिका थी। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अपने बैंक खाते साइबर अपराधियों को किराये पर उपलब्ध कराते थे। इसके बदले उन्हें ठगी की रकम का 10 प्रतिशत कमीशन मिलता था। ठगी की रकम खाते में आने के बाद आरोपी कमीशन काटकर शेष राशि साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराते थे। पुलिस के अनुसार, तुषार के बैंक खाते में करीब 1.20 लाख रुपये और सुमित के खाते में 2.20 लाख की संदिग्ध रकम प्राप्त हुई है। इन बैंक खातों के खिलाफ महाराष्ट्र और तमिलनाडु से राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दो शिकायतें भी दर्ज मिली हैं।
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