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थियार तस्कर दबोचे
Updated Tue, 05 Jun 2018 12:32 AM IST
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बिजनौर। किरतपुर पुलिस ने अवैध शस्त्र बेचने वाले गैंग के दो सदस्यों को मुठभेड़ के दौरान दबोचा है। गैंग का सरगना फरार हो गया। पकड़े गए सदस्यों से दो पिस्टल व एक रायफल बरामद की है। गैंग 15 पिस्टल अब तक बेच चुका हैं।
एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक किरतपुर थाने में तैनात दरोगा सतीश कुमार ने पुलिस के साथ मौज्जमपुर टेंपो स्टैंड के पास से मुठभेड़ के दौरान कोतवाली शहर के गांव झलरा निवासी आरिफ व किरतपुर के मोहल्ला मलकान निवासी शाहनवाज को दबोचा है। गांव भोगी निवासी सुनील उफ पप्पू मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए दोनों बदमाशों के पास से दो 32 बोर के पिस्टल व एक 315 बोर की देशी रायफल बरामद की है। गैंग अवैध असलाह को बेचने का काम करता था। अब तक गैंग नजीबाबाद , कोतवाली देहात व बिजनौर में करीब 15 पिस्टल बेच चुका है। एक पिस्टल 30 से लेकर 35 हजार में गैंग बेचता था। राइफल 20 से 25 हजार तक बेची जाती थी। किरतपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक तेजेंद्र सिंह के मुताबिक गैेग काफी समय से सक्रिय होकर असलहे बेच रहा था। पिस्टल व रायफल बेचने के लिए गैंग के पास कहां से आती थी? यह फरार सुनील जानता है। सुनील ही शाहनवाज व आरिफ को बेचने को हथियार देता था। पुलिस फरार सुनील की तलाश में जुटी हैं। किन लोगों को हथियार बेचे गए पुलिस इसका पता लगाने में भी जुटी हैं।
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एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक किरतपुर थाने में तैनात दरोगा सतीश कुमार ने पुलिस के साथ मौज्जमपुर टेंपो स्टैंड के पास से मुठभेड़ के दौरान कोतवाली शहर के गांव झलरा निवासी आरिफ व किरतपुर के मोहल्ला मलकान निवासी शाहनवाज को दबोचा है। गांव भोगी निवासी सुनील उफ पप्पू मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पकड़े गए दोनों बदमाशों के पास से दो 32 बोर के पिस्टल व एक 315 बोर की देशी रायफल बरामद की है। गैंग अवैध असलाह को बेचने का काम करता था। अब तक गैंग नजीबाबाद , कोतवाली देहात व बिजनौर में करीब 15 पिस्टल बेच चुका है। एक पिस्टल 30 से लेकर 35 हजार में गैंग बेचता था। राइफल 20 से 25 हजार तक बेची जाती थी। किरतपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक तेजेंद्र सिंह के मुताबिक गैेग काफी समय से सक्रिय होकर असलहे बेच रहा था। पिस्टल व रायफल बेचने के लिए गैंग के पास कहां से आती थी? यह फरार सुनील जानता है। सुनील ही शाहनवाज व आरिफ को बेचने को हथियार देता था। पुलिस फरार सुनील की तलाश में जुटी हैं। किन लोगों को हथियार बेचे गए पुलिस इसका पता लगाने में भी जुटी हैं।
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