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पड़ोसी राज्य और गैर जनपद में रहकर कागजों पर कर रहे सफाई
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:39 PM IST
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नजीबाबाद। विकास खंड नजीबाबाद में तैनात कई सफाईकर्मियों ने नौकरी को खेल बना लिया है। पड़ोसी राज्य और गैर जनपद में रहकर अन्य कार्यों में जुटे सफाईकर्मी अन्य व्यक्ति से मजदूरी पर अपने हिस्से का काम करा रहे हैं। गांव सबलगढ़ में ऐसा एक मामला पकड़ में आने के बाद प्रशासन की आंखें खुलीं और हरिद्वार में रहकर अपनी ड्यूटी को परवान चढ़ाने वाले सफाईकर्मी को निलंबित किया गया।
नजीबाबाद विकास खंड में 131 ग्राम पंचायतें हैं। सफाई व्यवस्था के लिए इन पंचायतों में 300 सफाईकर्मी तैनात हैं। इनमें कई सफाईकर्मी ऐसे हैं, जो पड़ोसी राज्य उत्तराखंड अथवा बिजनौर से सटे गैर जनपदों के मूल निवासी हैं और कई ऐसे हैं जो स्थानीय होने के बावजूद बाहर रहकर अन्य कार्यों से जुड़े हैं। हाल ही में ग्राम पंचायत सबलगढ़ में तैनात सफाईकर्मी वीर सिंह के स्थान पर एक मजदूर को सफाई कार्य में लगा पाया गया। सीडीओ डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर डीपीआरओ ने सफाईकर्मी वीर सिंह को निलंबित कर दिया।
मामले को खंगाला गया, तो पता चला कि वीर सिंह पिछले दो वर्षों से हरिद्वार में रहकर अपनी आजीविका को बढ़ाने में जुटा रहा। और सबलगढ़ में मजदूर को मजदूरी देकर उससे अपने हिस्से का काम कराता रहा। इस बीच सफाईकर्मी वीर सिंह सरकार से अपना वेतन पाता रहा। प्रभारी एडीओ पंचायत कुलदीप सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सफाईकर्मी वीर सिंह को निलंबित करने के साथ नहटौर ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच एडीओ पंचायत नूरपुर को सौंपी गई है। बहरहाल सबलगढ़ में कोई दूसरा सफाईकर्मी तैनात न करने से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
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प्रधान की भूमिका पर संदेह
नजीबाबाद। ग्राम प्रधान घसीटा सिंह की भूमिका भी संदेह के घेरे में नजर आ रही है। माना जा रहा है कि ग्राम प्रधान की मिलीभगत से काम पर न आने वाले सफाईकर्मी का वेतन आसानी से निकलता रहा। उधर, ग्राम प्रधान का कहना है कि सफाईकर्मी वीर सिंह कभी-कभी आकर अपने सामने सफाईकार्य कराता था। उपस्थिति पंजिका में उसकी एंट्री होने से उसका वेतन निकलता रहा। उनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
नजीबाबाद। बीडीओ अनवर शेख ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का मिला हुआ है संरक्षण
नजीबाबाद। अभी कई सफाईकर्मी ऐसे हैं जो खुद या फिर अधिकारियों के संरक्षण में ड्यूटी से खिलवाड़ कर रहे हैं। भागूवाला का सफाईकर्मी संजय कई वर्षों तक बीडीओ का कुक बना रहा। सफाईकर्मी प्रशांत एनआरएलएम कार्यालय बिजनौर में काम कर रहा है। एक अन्य सफाईकर्मी जितेंद्र विकास खंड कार्यालय परिसर की चौकीदारी करता है। जालबपुर गूदड़ में तैनात सफाईकर्मी सेवाराम ई-रिक्शा भी चला रहा है।
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नजीबाबाद विकास खंड में 131 ग्राम पंचायतें हैं। सफाई व्यवस्था के लिए इन पंचायतों में 300 सफाईकर्मी तैनात हैं। इनमें कई सफाईकर्मी ऐसे हैं, जो पड़ोसी राज्य उत्तराखंड अथवा बिजनौर से सटे गैर जनपदों के मूल निवासी हैं और कई ऐसे हैं जो स्थानीय होने के बावजूद बाहर रहकर अन्य कार्यों से जुड़े हैं। हाल ही में ग्राम पंचायत सबलगढ़ में तैनात सफाईकर्मी वीर सिंह के स्थान पर एक मजदूर को सफाई कार्य में लगा पाया गया। सीडीओ डॉ.इंद्रमणि त्रिपाठी के निर्देश पर डीपीआरओ ने सफाईकर्मी वीर सिंह को निलंबित कर दिया।
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मामले को खंगाला गया, तो पता चला कि वीर सिंह पिछले दो वर्षों से हरिद्वार में रहकर अपनी आजीविका को बढ़ाने में जुटा रहा। और सबलगढ़ में मजदूर को मजदूरी देकर उससे अपने हिस्से का काम कराता रहा। इस बीच सफाईकर्मी वीर सिंह सरकार से अपना वेतन पाता रहा। प्रभारी एडीओ पंचायत कुलदीप सिंह ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि सफाईकर्मी वीर सिंह को निलंबित करने के साथ नहटौर ब्लॉक से संबद्ध किया गया है। मामले की जांच एडीओ पंचायत नूरपुर को सौंपी गई है। बहरहाल सबलगढ़ में कोई दूसरा सफाईकर्मी तैनात न करने से सफाई व्यवस्था चरमरा गई है।
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प्रधान की भूमिका पर संदेह
नजीबाबाद। ग्राम प्रधान घसीटा सिंह की भूमिका भी संदेह के घेरे में नजर आ रही है। माना जा रहा है कि ग्राम प्रधान की मिलीभगत से काम पर न आने वाले सफाईकर्मी का वेतन आसानी से निकलता रहा। उधर, ग्राम प्रधान का कहना है कि सफाईकर्मी वीर सिंह कभी-कभी आकर अपने सामने सफाईकार्य कराता था। उपस्थिति पंजिका में उसकी एंट्री होने से उसका वेतन निकलता रहा। उनका मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
जांच के बाद होगी कार्रवाई
नजीबाबाद। बीडीओ अनवर शेख ने बताया कि मामला उच्चाधिकारियों के संज्ञान में है। प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच उपरांत कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का मिला हुआ है संरक्षण
नजीबाबाद। अभी कई सफाईकर्मी ऐसे हैं जो खुद या फिर अधिकारियों के संरक्षण में ड्यूटी से खिलवाड़ कर रहे हैं। भागूवाला का सफाईकर्मी संजय कई वर्षों तक बीडीओ का कुक बना रहा। सफाईकर्मी प्रशांत एनआरएलएम कार्यालय बिजनौर में काम कर रहा है। एक अन्य सफाईकर्मी जितेंद्र विकास खंड कार्यालय परिसर की चौकीदारी करता है। जालबपुर गूदड़ में तैनात सफाईकर्मी सेवाराम ई-रिक्शा भी चला रहा है।