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ठगों से ठगी : सोने के नाम पर पीतल की मूर्ति का सौदा, खरीदारों ने थमाए नकली नोट

Tue, 13 Dec 2022 06:30 AM IST
मेरठ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर Published by: मेरठ ब्यूरो Updated Tue, 13 Dec 2022 06:30 AM IST
सार

ठग भी ठगी का शिकार हो सकते हैं ऐसा यूपी के बिजनौर में सामने आया है। यहां सोने के नाम पर पीतल की मूर्ति थमाने वाले ठग खुद ही ठगी का शिकार हो गए। मूर्ति खरीदने वालों ने ही उन्हें 83 हजार रुपये का चूना लगा दिया।

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Cheated by thugs: deal of brass statue in the name of gold, buyers handed over fake notes
बिजनौर में पकड़े गए ठगी के आरोपी। - फोटो : BIJNOR

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में भगवान महावीर की चार किलो वजन की पीतल की मूर्ति को सोने की बताकर बेचने का प्रयास करने वाले ठग भी ठगी का शिकार हो गए। दरअसल, मूर्ति के खरीदारों ने सौदा तय करने के बाद साढे़ पंद्रह लाख के नकली नोट थमा दिए। गड्डी पर एक-एक नोट ही असली लगा हुआ था, बाकी चिल्ड्रन बैंक वाले बच्चों के खेलने के नोट थे। पुलिस ने खरीद फरोख्त कराने वाले चार आरोपियों को दबोच लिया है। जबकि एक फरार हो गया।

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सोमवार को एएसपी देहात रामअर्ज ने प्रेसवार्ता करते हुए ठगों के पकड़ लिए जाने का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि मंडावर पुलिस ने वसीम अहमद पुत्र अब्दुल वहीद, नाजिम पुत्र महबूब, यूनुस पुत्र यूसुफ निवासीगण गांव किथौड़ा किरतपुर, यूनुस पुत्र रमजानी निवासी गांव जहांगीरवाला को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अख्तर पुत्र अब्दुल माजिद निवासी गांव जंदरपुर फरार हो गया।
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पकड़े गए आरोपियों में शामिल जहांगीर वाला का यूनुस दो ईंट भट्ठों का स्वामी है, जबकि किथौड़ा का यूनुस पूर्व प्रधान है। इनके पास से चार किलो वजन की भगवान महावीर की मूर्ति, साढ़े पंद्रह लाख रुपये के नकली नोट और 1400 रुपये के असली नोट और एक कार बरामद हुई है।
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पुलिस ने बताया कि अख्तर ने उसे पीली धातु की मूर्ति के बारे में बताया था, वसीम और अख्तर ने यूनुस, नाजिम और यूनुस किथौड़ा को मूर्ति खरीदने के लिए राजी किया। तीनों आरोपी पंद्रह लाख 83 हजार रुपये लेकर मूर्ति खरीदाने के लिए पहुंच गए। खरीद फरोख्त करते हुए मंडावर पुलिस ने उन्हें मौके से ही दबोच लिया।

इस मामले में उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब रकम में नकली करेंसी निकली। बता दें कि पीतल की मूर्ति को सोने की बताकर बेचने वालों के साथ खरीदने वालों ने ही ठगी कर दी। पूरी रकम में सिर्फ 1400 रुपये की असली निकले।

असली नोटों को नकली नोटों की गड्डी पर दोनों तरफ लगाया गया था। कुछ गड्डी तो ऐसी मिलीं, जिनमें नोट एक ही तरफ से छपा हुआ था, दूसरी तरफ से कोरा कागज था। पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करते हुए चालान कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की भी जाएगी। आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार, एसआई रामचंद्र सिंह आदि शामिल रहे।
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