मेरठ के एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में फिर से बच्चे की सौदेबाजी की घटना सामने आई है। यहां मात्र तीन दिन के नवजात की सौदेबाजी की गई। नवजात के असली माता पिता ने बच्चे को बेचने की बात कबूल की है। चार बच्चों की मां दीपा ने जन्म देने से पहले ही अपने पांचवें बच्चे का सौदा कर लिया। पुलिस की पूछताछ में दीपा कभी रिश्तेदार को बच्चा देना बता रही थी तो कभी परिचित को। बच्चे का सौदा कराने में अपनी बहन उमा का नाम भी दीपा ने बताया।
बेबस: मजबूरी में माता-पिता ने बच्चे को बेचा, जन्म से पहले ही एक लाख में किया नवजात का सौदा, झकझोर देगी घटना
बहन के जरिये हुई बेचने की बात
पता चला कि दीपा का मायका माधवपुरम में है। दीपा की बहन उमा माधवपुरम में ही रहती है। उमा ने ही बैंक कर्मचारी से बच्चा देने की बात कहीं थी। एक लाख में बच्चा देने का सौदा हो गया था। 82 हजार दीपा के पास व 18 हजार उमा को मिले हैं। एसपी सिटी पीयूष सिंह का कहना है कि बैंक कर्मचारी व अन्य आरोपियों से पूछताछ के बाद सही जानकारी होगी।
गार्ड की सतर्कता से चला पता
मेडिकल कॉलेज के ईएमओ डॉ. दिवाकर ने बताया कि गायनिक वार्ड के बाहर गार्ड तरुण की ड्यूटी लगी हुई थी, उन्हें बच्चे के बेचने का संदेह हुआ तो उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी। तरुण अर्धसैनिक बल से रिटायर्ड हैं। मेडिकल में इस तरह के 35 गार्ड तैनात हैं। घटना की जानकारी मेडिकल प्रबंधन को देर रात लगी। उनसे पहले इसकी सूचना पुलिस को थी।
नोट उछाले तो सब हैरान
कर्मचारियों ने बताया कि महिला का पति राजेश शराब के नशे में है और वो बार-बार नोटों को उछाल रहा था। जिस पर लोगों को शक हुआ कि बच्चा बेचकर ही पैसे आए हैं। गार्ड और कर्मचारियों ने महिला से बच्चे के बारे में पूछताछ की, तब जाकर पोल खुली।
मेडिकल कॉलेज में बच्चा चोरी और बेचने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी मेडिकल कॉलेज में बच्चे चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले भी यहां से नवजात गायब हुुए हैं। पुलिस उन्हें तलाश नहीं पाई है। मेडिकल कॉलेज में कोई सुरक्षा व्यवस्था भी नहीं है। कई घटनाएं होने के बावजूद डिस्चार्ज होने तक कोई सख्त निगरानी नहीं रखी जा रही है।