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कालागढ़ में हर्षोल्लास से मनाया वाल्मीकि प्रकट दिवस
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कालागढ़ में केन्द्रीय कालोनी स्थित वाल्मीकि ब्रह्मालय पर जगराता करते श्रद्धालु।
- फोटो : DHAMPUR
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कालागढ़। वाल्मीकि प्रकट दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं में जगराता में शिरकत की।
कालागढ़ में वाल्मीकि ब्रह्मालय एवं नई कालोनी के वाल्मीकि मंदिर में जगराता कार्यक्रम आयोजित किए गया। दोनों ही मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने भाग लिया। वाल्मीकि ब्रहमालय पर विशेष पूजा अर्चना की गई। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय संचालक सुरेश देवांतक ने आदि नित्यम से पूजा अर्चना की। इसके बाद जगराता कार्यक्रम हुआ, जो सारी रात चला। सुबह एक बार फिर से मंदिर में पूजा पाठ किया गया। उसके बाद वाल्मीकि शोभायात्रा की परंपरा पूरी की गई। केंद्रीय कालोनी, नई कालोनी, हाइड्रिल कालोनी होकर शोभा यात्रा मंदिर पर अपने उत्कर्ष को पहुंची। कार्यक्रम एवं शोभायात्रा में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार, विनोद तिवारी, पप्पू, राधेलाल उनियाल, रवि नरांतक, डा. ओमप्रकाश, विरेंद्र लाला, संजीव कुमार, विक्की, मोहित, कुनाल, मीनाक्षी नरांतक, अजयपाल आदि मौजूद रहे।
वाल्मीकि जी का जीवन आदर्श आज की आवश्यकता
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भारत के राष्ट्रीय संचालक सुरेश देवांतक ने संबोधन में कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में भगवान वाल्मीकि का जीवन आदर्श अपनाना बहुत ही आवश्यक है। समाज को प्रगति एवं उन्नति की राह मिलेगी। जब भगवान श्रीराम के बच्चे उनके आश्रम से शिक्षा पाकर पराक्रमी बन सकते हैं तो फिर आज का समाज तो और भी अधिक उन आदर्शों को मानकर आगे बढ़ेगा।
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कालागढ़ में वाल्मीकि ब्रह्मालय एवं नई कालोनी के वाल्मीकि मंदिर में जगराता कार्यक्रम आयोजित किए गया। दोनों ही मंदिरों में बड़ी संख्या में श्रृद्धालुओं ने भाग लिया। वाल्मीकि ब्रहमालय पर विशेष पूजा अर्चना की गई। भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज के राष्ट्रीय संचालक सुरेश देवांतक ने आदि नित्यम से पूजा अर्चना की। इसके बाद जगराता कार्यक्रम हुआ, जो सारी रात चला। सुबह एक बार फिर से मंदिर में पूजा पाठ किया गया। उसके बाद वाल्मीकि शोभायात्रा की परंपरा पूरी की गई। केंद्रीय कालोनी, नई कालोनी, हाइड्रिल कालोनी होकर शोभा यात्रा मंदिर पर अपने उत्कर्ष को पहुंची। कार्यक्रम एवं शोभायात्रा में मुख्य रूप से प्रदीप कुमार, विनोद तिवारी, पप्पू, राधेलाल उनियाल, रवि नरांतक, डा. ओमप्रकाश, विरेंद्र लाला, संजीव कुमार, विक्की, मोहित, कुनाल, मीनाक्षी नरांतक, अजयपाल आदि मौजूद रहे।
वाल्मीकि जी का जीवन आदर्श आज की आवश्यकता
भारतीय वाल्मीकि धर्म समाज भारत के राष्ट्रीय संचालक सुरेश देवांतक ने संबोधन में कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में भगवान वाल्मीकि का जीवन आदर्श अपनाना बहुत ही आवश्यक है। समाज को प्रगति एवं उन्नति की राह मिलेगी। जब भगवान श्रीराम के बच्चे उनके आश्रम से शिक्षा पाकर पराक्रमी बन सकते हैं तो फिर आज का समाज तो और भी अधिक उन आदर्शों को मानकर आगे बढ़ेगा।
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