Bijnor: भाकियू चढूनी के कार्यकर्ताओं का धरना शुरू, तालाबंदी की घोषणा, ये है किसानों की बड़ी मांग
Bijnor News : भाकियू चढूनी के कार्यकर्ताओं ने चीनी मिल के मुख्य प्रवेश द्वार पर धरना शुरू कर दिया है। किसानों ने तालाबंदी की घोषणा कर दी है।
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बिजनौर के हल्दौर में बिलाई चीनी मिल के मुख्य प्रवेश द्वार पर भाकियू चढूनी के कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। समस्त बकाया भुगतान न मिलने से मिल गेट पर तालाबंदी की घोषणा कर दी। मौके पर पहुंचे मिल प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच बैठा लिया। तीन दौर की वार्ता में भी समाधान नहीं निकला।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवा अध्यक्ष विकास चौधरी और जिलाध्यक्ष विकास कुमार उर्फ नूरी ने कहा कि मिल पर किसानों का करीब 154 करोड़ रुपये बकाया है। बुखार से पीड़ित अपने परिवारों का उपचार कराने के लिए किसान गेंहू सहित जरूरत की अन्य चीजें बेचने के लिए मजबूर है।
कहा कि एकमुश्त गन्ना भुगतान नहीं करने पर नवीन पेराई सत्र में किसी भी कीमत पर गन्ना नहीं देंगे। गन्ना ले जाने वाले मार्गों का शीघ्र निर्माण कराने सहित कई मांगों को प्रमुखता से रखा। इस अवसर पर कुलवीर सिंह, राकेश कुमार, मनोज कुमार, सुबोध कुमार, मुनेंद्र सिंह, मुस्तकीम, अल्ताफ, यशपाल सिंह आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता विजयपाल सिंह व संचालन परवेंद्र कुमार ने किया।
एसडीएम ने दिया किसानों को आश्वासन, नहीं माने किसान
किसानों के मिल पर तालाबंदी की घोषणा की सूचना मिलने पर एसडीएम विजय वर्धन तोमर, सीओ सिटी अनिल सिंह मिल गन्ना प्रबंधक परोपकार सिंह किसानों के बीच पहुंचे। पहले दौर की वार्ता में एसडीएम ने किसानों से कहा कि किसानों के गन्ने के भुगतान को लेकर लखनऊ में कैबिनेट की शीघ्र बैठक होने जा रही है। इसमें किसानों को 154 करोड़ रुपये में से 110 करोड़ रुपये दीपावली से पहले ही मिल जाएगा। शेष भुगतान शीघ्र कराने के प्रयास किए जा रहे है। दूसरे दौर की वार्ता में 20 नवंबर तक समस्त बकाया भुगतान के आश्वासन पर भी सहमति नहीं बनी।
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तीसरे दौर की वार्ता भी रही विफल
तीसरे दौर की वार्ता गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह ने पांच नवंबर तक किसानों का समस्त बकाया भुगतान दिलाने का वायदा किया। किसानों ने कहा कि मिल जब तक समस्त बकाया भुगतान नहीं धरना प्रदर्शन धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों के किसान अपने यहां कांटा नहीं लगवाना चाहते, या अपना कांटा किसी दूसरी मिल का लगवाने का प्रस्ताव दिया है, उनकी मांगों को शीघ्र माना जाएं। महाप्रबंधक ने मिल को 29 अक्तूबर को शुरू करने की बात कही। मगर, इस पर भी सहमति नहीं बनी। किसान अपनी मांगों को लेकर अड़ गए और अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। कहा कि किसान मिल को किसी भी कीमत पर गन्ना नहीं देगा।
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