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बुखार से पूर्व पालिकाध्यक्ष की पत्नी का निधन
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बुखार से पूर्व पालिकाध्यक्ष की पत्नी का निधन
धामपुर। क्षेत्र में बुखार ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। बुुखार से मंगलवार को धामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष महमूद हसन कस्सार की पत्नी जाकिरा कस्सार का मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान इंतकाल हो गया। बताया जा रहा है प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच पॉजिटिव आई थी।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ने बताया कि उनकी पत्नी को कई दिन से बुुुखार आ रहा था। वह धामपुर के निजी डाक्टरों से उनका उपचार करा रहे थे। जब सुधार नहीं हुआ तो वह मुरादाबाद ले गए। जहां पर मंगलवार को दोपहर बाद उनकी पत्नी की मौत हो गई। पूर्व पालिकाध्यक्ष की पत्नी के इंतकाल की सूचना पाते ही लोगों ने उनके घर पर जाकर दुुख जताया। लोगों का कहना है कि नगर और देहात में डेंगू और चिकनगुनिया बुखार तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इस महामारी पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।
नगर के रवि कुमार, गजेंद्र सिंह, मुखराम सिंह आदि का कहना है कि सरकारी अस्पताल में न तो डाक्टर हैं और न ही बीमारी से निपटने के संसाधन हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी से निपटने के लिए कुछ नहीं हैं। सीएचसी में डेंगू वार्ड तो बना रखा है। लेकिन वार्ड में मरीजों के उपचार की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल में न तो डेंगू का परीक्षण करने को लैब है और न ही उपचार करने को आवश्यक दवाईयां। ऐेसे में लोगों को महंगाई के दौर में प्राइवेट डॉक्टरों के यहां पर भर्ती होकर उपचार कराने को विवश होना पड़ रहा है।
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उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. ओपी यादव का कहना है कि विभाग की ओर से जो संसाधन उपलब्ध करा रखें। उनसे मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।
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धामपुर। क्षेत्र में बुखार ने तेजी से पैर पसार लिए हैं। बुुखार से मंगलवार को धामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष महमूद हसन कस्सार की पत्नी जाकिरा कस्सार का मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान इंतकाल हो गया। बताया जा रहा है प्राइवेट लैब में डेंगू की जांच पॉजिटिव आई थी।
पूर्व पालिकाध्यक्ष ने बताया कि उनकी पत्नी को कई दिन से बुुुखार आ रहा था। वह धामपुर के निजी डाक्टरों से उनका उपचार करा रहे थे। जब सुधार नहीं हुआ तो वह मुरादाबाद ले गए। जहां पर मंगलवार को दोपहर बाद उनकी पत्नी की मौत हो गई। पूर्व पालिकाध्यक्ष की पत्नी के इंतकाल की सूचना पाते ही लोगों ने उनके घर पर जाकर दुुख जताया। लोगों का कहना है कि नगर और देहात में डेंगू और चिकनगुनिया बुखार तेजी से फैल रहा है। स्वास्थ्य विभाग इस महामारी पर रोक लगाने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो रहा है।
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नगर के रवि कुमार, गजेंद्र सिंह, मुखराम सिंह आदि का कहना है कि सरकारी अस्पताल में न तो डाक्टर हैं और न ही बीमारी से निपटने के संसाधन हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बीमारी से निपटने के लिए कुछ नहीं हैं। सीएचसी में डेंगू वार्ड तो बना रखा है। लेकिन वार्ड में मरीजों के उपचार की कोई सुविधा नहीं है। अस्पताल में न तो डेंगू का परीक्षण करने को लैब है और न ही उपचार करने को आवश्यक दवाईयां। ऐेसे में लोगों को महंगाई के दौर में प्राइवेट डॉक्टरों के यहां पर भर्ती होकर उपचार कराने को विवश होना पड़ रहा है।
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उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. ओपी यादव का कहना है कि विभाग की ओर से जो संसाधन उपलब्ध करा रखें। उनसे मरीजों का उपचार कराया जा रहा है। गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।