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टीबी मिटाने को प्राइवेट चिकित्सकों से वेबीनार, मांगे सुझाव
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सीबीनॉट मशीनों का लाभ दिलाने की अपील
बिजनौर। टीबी रोगियों को अधिक से अधिक संख्या में चिह्नित कर उन्हें उपचार कराने के लिए प्रेरित करने और प्राइवेट अस्पतालों में आकर इलाज कराने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों में लगी सीबीनॉट मशीनों का लाभ दिलाने की अपील की गई।
बृहस्पतिवार को टीबी रोग को समूल नष्ट करने के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों के सरकारी प्राइवेट चिकित्सकों की वेबिनार का आयोजन किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत, मेरठ से डब्ल्यूएचओ के कंसल्टेंट डा. समर्थ गोविल, बरेली से डा. स्मृति वशिष्ठ, लखनऊ से प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डा. सादिक आदि ने जनपद बिजनौर के निजी चिकित्सकों से टीबी को समूल नष्ट करने के लिए सुझाव मांगे। वेबीनार में शामिल बिजनौर के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ, चेस्ट फिजीशियन डा. तजीन आरिफ, डा. आस्था कंसल, डा. पंकज त्यागी, धामपुर से डा. अनुराग अग्रवाल, नजीबाबाद से डा. संदीप अग्रवाल आदि वेबिनार से जुड़े रहे।
इस दौरान चिकित्सकों ने प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को भी टीबी जांच की ट्रेनिंग दिलाने की मांग की गई, जिससे निजी अस्पतालों में इन मरीजों की आसानी से टीबी की जांच हो सके। कुछ चिकित्सकों की शिकायत रही कि प्राइवेट चिकित्सकों और उनके यहां उपचार कराने वाले मरीजों को निक्षय पोषण भत्ता योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने बताया कि जिन चिकित्सकों को ये समस्या है, उनमें से अधिकांश के बैंक खातों के नंबर उनके कार्यालय में जमा नहीं हुए हैं, ये कागजात जमा होने पर इस समस्या का शीघ्र ही समाधान करा दिया जाएगा।
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बिजनौर। टीबी रोगियों को अधिक से अधिक संख्या में चिह्नित कर उन्हें उपचार कराने के लिए प्रेरित करने और प्राइवेट अस्पतालों में आकर इलाज कराने वाले मरीजों को सरकारी अस्पतालों में लगी सीबीनॉट मशीनों का लाभ दिलाने की अपील की गई।
बृहस्पतिवार को टीबी रोग को समूल नष्ट करने के लिए प्रदेश के विभिन्न शहरों के सरकारी प्राइवेट चिकित्सकों की वेबिनार का आयोजन किया गया। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत, मेरठ से डब्ल्यूएचओ के कंसल्टेंट डा. समर्थ गोविल, बरेली से डा. स्मृति वशिष्ठ, लखनऊ से प्रोजेक्ट के डायरेक्टर डा. सादिक आदि ने जनपद बिजनौर के निजी चिकित्सकों से टीबी को समूल नष्ट करने के लिए सुझाव मांगे। वेबीनार में शामिल बिजनौर के क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ डा. अवधेश वशिष्ठ, चेस्ट फिजीशियन डा. तजीन आरिफ, डा. आस्था कंसल, डा. पंकज त्यागी, धामपुर से डा. अनुराग अग्रवाल, नजीबाबाद से डा. संदीप अग्रवाल आदि वेबिनार से जुड़े रहे।
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इस दौरान चिकित्सकों ने प्राइवेट अस्पतालों में काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को भी टीबी जांच की ट्रेनिंग दिलाने की मांग की गई, जिससे निजी अस्पतालों में इन मरीजों की आसानी से टीबी की जांच हो सके। कुछ चिकित्सकों की शिकायत रही कि प्राइवेट चिकित्सकों और उनके यहां उपचार कराने वाले मरीजों को निक्षय पोषण भत्ता योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डा. बीएस रावत ने बताया कि जिन चिकित्सकों को ये समस्या है, उनमें से अधिकांश के बैंक खातों के नंबर उनके कार्यालय में जमा नहीं हुए हैं, ये कागजात जमा होने पर इस समस्या का शीघ्र ही समाधान करा दिया जाएगा।