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35 पंचायत सचिवों के खिलाफ हुई ताबड़तोड़ कारवाई
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35 पंचायत सचिवों के खिलाफ हुई कार्रवाई
बिजनौर। निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के आरोपी 35 पंचायत सचिवों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। दो दर्जन से अधिक सचिवों का वेतन रोका गया है। जबकि करीब एक दर्जन सचिव के खिलाफ सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन से पंचायतों में प्राथमिकता से किए जाने वाले विकास कार्य तय है। इनमें पंचायत घर तथा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। जिले में 1123 पंचायत हैं। विभागीय बैठकों में कार्य समय से पूरे करने की हिदायत दी गई । आरोप है कि कतिपय पंचायत सचिवों ने निर्देश पर अमल नहीं किया। कार्य में लापरवाही बरती। जिस पर 35 पंचायत सचिवों के खिलाफ विभिन्न प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई । इनमें ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं।
ये हुई है कार्रवाई
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 29 पंचायत सचिव का वेतन रोका गया है। इनमें 22 सचिव का अक्टूबर माह तथा तीन सचिव का एक से तीन दिन का वेतन रोका है । बताया कि पांच पंचायत सचिवों को सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। एक पंचायत सचिव का अस्थाई रूप से वेतन वृद्धि रोकी गई है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई से खलबली है।
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बिजनौर। निर्माण कार्य में कथित लापरवाही के आरोपी 35 पंचायत सचिवों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई हुई है। दो दर्जन से अधिक सचिवों का वेतन रोका गया है। जबकि करीब एक दर्जन सचिव के खिलाफ सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है।
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि शासन से पंचायतों में प्राथमिकता से किए जाने वाले विकास कार्य तय है। इनमें पंचायत घर तथा सामुदायिक शौचालयों का निर्माण सर्वोच्च प्राथमिकता में है। जिले में 1123 पंचायत हैं। विभागीय बैठकों में कार्य समय से पूरे करने की हिदायत दी गई । आरोप है कि कतिपय पंचायत सचिवों ने निर्देश पर अमल नहीं किया। कार्य में लापरवाही बरती। जिस पर 35 पंचायत सचिवों के खिलाफ विभिन्न प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई हुई । इनमें ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारी शामिल हैं।
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ये हुई है कार्रवाई
डीपीआरओ सतीश कुमार ने बताया कि 29 पंचायत सचिव का वेतन रोका गया है। इनमें 22 सचिव का अक्टूबर माह तथा तीन सचिव का एक से तीन दिन का वेतन रोका है । बताया कि पांच पंचायत सचिवों को सेवा पंजिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। एक पंचायत सचिव का अस्थाई रूप से वेतन वृद्धि रोकी गई है। प्रशासन की सख्त कार्रवाई से खलबली है।
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