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मतगणना करने नहीं पहुंचे 800 कर्मचारी
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मतगणना करने ही नहीं पहुंचे 800 कर्मचारी
बिजनौर। जिले के 11 मतगणना केंद्रों पर पंचायत चुनाव की मतगणना तय समय से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। कर्मचारी संगठनों के बहिष्कार का असर दिखा। करीब 800 कर्मचारी मतगणना में नहीं पहुंचे। प्रशासन ने 400 कर्मचारियों की आनन फानन में दूसरी सूची तैयार कर प्रशिक्षण कराया था और उन्हें मतगणना में लगाया।
जिले में 1123 प्रधान, 56 जिला पंचायत सदस्य, 1393 क्षेत्र पंचायत सदस्य व 14066 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 19 अप्रैल को पड़े वोटों की गिनती के लिए रविवार को सुबह आठ बजे समय निर्धारित था। मतगणना प्रशिक्षण में 800 से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित रहे थे। इन सभी कर्मचारियों की 11 मतगणना केंद्रों पर ड्यूटी लगी थी। मतगणना केंद्रों से आ रही खबरों के अनुसार कर्मचारियों को सुबह सात बजे केंद्रों पर बुलाया गया था। आठ बजे मतगणना शुरू होनी थी। परंतु हर केंद्र पर बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। उनकी जगह रिजर्व कर्मचारियों को लगाया गया। तब कहीं जाकर कहीं दस बजे तो कहीं साढ़े दस बजे तक मतगणना शुरू हो सकी।
मतगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह के अनुसार जिले में पंचायत चुनाव ड्यूटी पर गए दर्जनों शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हो गई है। संघ ने जान है तो जहान है का हवाला देकर मतगणना ड्यूटी पर नहीं जाने का आह्वान किया था। जिसका असर दिखाई पड़ा और 800 कर्मचारी ड्यूटी करने नहीं पहुंचे।
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कोरोना की जांच के इंतजाम धड़ाम
मतगणना केंद्रों पर कोरोना से बचाव के सारे इंतजाम धड़ाम हो गए। केंद्रों से मिलीं खबरों के अनुसार प्रशासन ने एजेंट के लिए 48 घंटे पहले की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव लाने की घोषणा की थी। साथ ही यदि कोई रिपोर्ट लेकर नहीं आता है तो वहीं एजेंट की कोरोना जांच होगी। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग आदि के इंतजाम करने का दावा किया गया था। बताया गया कि शुरू में तो सभी कुछ ठीक ठाक चला। परंतु भीड़ बढ़ने पर जांच में मात्र खानापूर्ति की गई।
जांच में पॉजिटिव मिले कर्मचारियों को वापस भेजा
मतगणना केंद्रों पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की कोरोना जांच के इंतजाम थे। थर्मल स्क्रीनिंग व अन्य जांच के बाद ही कर्मचारियों को ड्यूटी स्थल पर भेजा जा रहा था। अफजलगढ़ मतगणना केंद्र पर जांच में दो कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी हटाकर घर भेज दिया गया। अन्य केंद्र पर भी कर्मचारियों के खांसी आदि की शिकायत करने पर हटा दिया गया। मतगणना ड्यूटी में लगे कई कर्मचारियों ने संबंधित ब्लॉक निर्वाचन अधिकारी को बीमारी के कारण ड्यूटी पर नहीं आने की खबर भेज दी। हल्दौर मतगणना केंद्र पर बीमारी की सूचना भेजने वाले कर्मचारियों की संख्या 25 बताई गई है।
ग्राम पंचायत का पहला परिणाम 12 बजे आया
मतगणना का समय सुबह आठ बजे से था। मतगणना दो शिफ्ट में होनी है। पहली शिफ्ट कर्मचारियों के नहीं आने व रिजर्व से ड्यूटी लगाने के कारण दो से ढाई घंटे देरी से शुरू हो सकी। मतगणना बेहद धीमी गति से शुरू हुई। पहला चुनाव परिणाम दोपहर 12 बजे आया। सबसे पहले प्रधान के नतीजे आए। जिला पंचायत सदस्य की मतगणना कई कमरों में होने से प्रत्याशी को मिले मतों की संख्या आने में विलंब होने की बात कही गई। जिससे जिला पंचायत सदस्य पद का कोई परिणाम पूरे दिन फाइनल नहीं हो सका।
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बिजनौर। जिले के 11 मतगणना केंद्रों पर पंचायत चुनाव की मतगणना तय समय से डेढ़ घंटे देरी से शुरू हुई। कर्मचारी संगठनों के बहिष्कार का असर दिखा। करीब 800 कर्मचारी मतगणना में नहीं पहुंचे। प्रशासन ने 400 कर्मचारियों की आनन फानन में दूसरी सूची तैयार कर प्रशिक्षण कराया था और उन्हें मतगणना में लगाया।
जिले में 1123 प्रधान, 56 जिला पंचायत सदस्य, 1393 क्षेत्र पंचायत सदस्य व 14066 ग्राम पंचायत सदस्य पद के लिए 19 अप्रैल को पड़े वोटों की गिनती के लिए रविवार को सुबह आठ बजे समय निर्धारित था। मतगणना प्रशिक्षण में 800 से अधिक कर्मचारी अनुपस्थित रहे थे। इन सभी कर्मचारियों की 11 मतगणना केंद्रों पर ड्यूटी लगी थी। मतगणना केंद्रों से आ रही खबरों के अनुसार कर्मचारियों को सुबह सात बजे केंद्रों पर बुलाया गया था। आठ बजे मतगणना शुरू होनी थी। परंतु हर केंद्र पर बड़ी संख्या में कर्मचारी ड्यूटी पर नहीं आए। उनकी जगह रिजर्व कर्मचारियों को लगाया गया। तब कहीं जाकर कहीं दस बजे तो कहीं साढ़े दस बजे तक मतगणना शुरू हो सकी।
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मतगणना में शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष धर्मवीर सिंह के अनुसार जिले में पंचायत चुनाव ड्यूटी पर गए दर्जनों शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हो गई है। संघ ने जान है तो जहान है का हवाला देकर मतगणना ड्यूटी पर नहीं जाने का आह्वान किया था। जिसका असर दिखाई पड़ा और 800 कर्मचारी ड्यूटी करने नहीं पहुंचे।
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कोरोना की जांच के इंतजाम धड़ाम
मतगणना केंद्रों पर कोरोना से बचाव के सारे इंतजाम धड़ाम हो गए। केंद्रों से मिलीं खबरों के अनुसार प्रशासन ने एजेंट के लिए 48 घंटे पहले की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव लाने की घोषणा की थी। साथ ही यदि कोई रिपोर्ट लेकर नहीं आता है तो वहीं एजेंट की कोरोना जांच होगी। इसके लिए थर्मल स्क्रीनिंग आदि के इंतजाम करने का दावा किया गया था। बताया गया कि शुरू में तो सभी कुछ ठीक ठाक चला। परंतु भीड़ बढ़ने पर जांच में मात्र खानापूर्ति की गई।
जांच में पॉजिटिव मिले कर्मचारियों को वापस भेजा
मतगणना केंद्रों पर ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की कोरोना जांच के इंतजाम थे। थर्मल स्क्रीनिंग व अन्य जांच के बाद ही कर्मचारियों को ड्यूटी स्थल पर भेजा जा रहा था। अफजलगढ़ मतगणना केंद्र पर जांच में दो कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके बाद दोनों कर्मचारियों की ड्यूटी हटाकर घर भेज दिया गया। अन्य केंद्र पर भी कर्मचारियों के खांसी आदि की शिकायत करने पर हटा दिया गया। मतगणना ड्यूटी में लगे कई कर्मचारियों ने संबंधित ब्लॉक निर्वाचन अधिकारी को बीमारी के कारण ड्यूटी पर नहीं आने की खबर भेज दी। हल्दौर मतगणना केंद्र पर बीमारी की सूचना भेजने वाले कर्मचारियों की संख्या 25 बताई गई है।
ग्राम पंचायत का पहला परिणाम 12 बजे आया
मतगणना का समय सुबह आठ बजे से था। मतगणना दो शिफ्ट में होनी है। पहली शिफ्ट कर्मचारियों के नहीं आने व रिजर्व से ड्यूटी लगाने के कारण दो से ढाई घंटे देरी से शुरू हो सकी। मतगणना बेहद धीमी गति से शुरू हुई। पहला चुनाव परिणाम दोपहर 12 बजे आया। सबसे पहले प्रधान के नतीजे आए। जिला पंचायत सदस्य की मतगणना कई कमरों में होने से प्रत्याशी को मिले मतों की संख्या आने में विलंब होने की बात कही गई। जिससे जिला पंचायत सदस्य पद का कोई परिणाम पूरे दिन फाइनल नहीं हो सका।