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सीता स्वयंवर का मंचन देख भाव विभोर हुए दर्शक
Updated Thu, 27 Sep 2018 01:06 AM IST
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नौगांवा सादात। सनातन धर्म रामलीला समिति खेड़का के तत्वाधान में चल रही रामलीला में मथुरा से आई नाट्य मंडली ने ताड़का वध, सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ की लाला का मंचन किया। जिसे देखकर दर्शक भावविभोर हो गए।
योद्धाओं के धनुष का खंडन नहीं कर पाने पर राजा जनक व्याकुल हो भाव विभोर हो जाते हैं। बाद में भगवान राम के धनुष तोड़ते ही जनकपुरी में खुशी के मेघ बरसने लगते हैं। इसके बाद सीताजी रामजी के गले में वरमाला डाल देती हैं। वातावरण जयकारों से गूंज उठता है। वहीं परशुराम शिव धनुष के खंडन से क्रोधित होकर प्रचंड रूप धारण करते हैं। इस दौरान केहर सिंह, डा. नरदेव, शिवदत्त जाटव, इकबाल हसन, मनोज आदि मौजूद रहे।
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योद्धाओं के धनुष का खंडन नहीं कर पाने पर राजा जनक व्याकुल हो भाव विभोर हो जाते हैं। बाद में भगवान राम के धनुष तोड़ते ही जनकपुरी में खुशी के मेघ बरसने लगते हैं। इसके बाद सीताजी रामजी के गले में वरमाला डाल देती हैं। वातावरण जयकारों से गूंज उठता है। वहीं परशुराम शिव धनुष के खंडन से क्रोधित होकर प्रचंड रूप धारण करते हैं। इस दौरान केहर सिंह, डा. नरदेव, शिवदत्त जाटव, इकबाल हसन, मनोज आदि मौजूद रहे।
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