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Bijnor News: गन्ने की ढुलाई पर रहेगी लाइव नजर, जीपीएस से ट्रैक होंगे वाहन
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बिजनौर। गन्ना किसानों के हितों की रक्षा और गन्ना ढुलाई व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए गन्ना विकास विभाग डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत गन्ने से लदे वाहनों की लाइव लोकेशन पर नजर रखने के लिए व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश मिनिस्थी एस द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल गेट तक गन्ना पहुंचाने वाले वाहनों में जीपीएस के माध्यम से पल-पल की निगरानी की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां से अधिकारी 24 घंटे वाहनों की आवाजाही पर नजर रख सकेंगे।जीपीएस ट्रैकिंग से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकने, निर्धारित मार्ग से हटने, अनधिकृत ठहराव की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे गन्ना ढुलाई में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि गन्ने की कटाई के बाद उसे 24 घंटे के भीतर चीनी मिल तक पहुंचाने का लक्ष्य है। समय से मिल पहुंचने पर गन्ना सूखने के कारण होने वाले वजन में कमी से किसानों को राहत मिलेगी। डिजिटल निगरानी से गन्ना आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकेगी।
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-चीनी मिलों में चल रहा मरम्मत कार्य तेज
आगामी गन्ना पेराई को लेकर गन्ना विभाग व चीनी मिलें तेजी से कार्य कर रही है। अधिकतर चीनी मिलों मशीनों का मरम्मत कार्य 60 से 70 प्रतिशत हो गया है। ताकि चीनी मिलों का संचालन समय से आरंभ हो जाए। वहीं गन्ना विभाग भी विभागीय कार्य पूरे करने में जुटा है। गन्ना सर्वे के बाद सट्टा प्रदर्शन, नए सदस्य बनाना तथा शासन स्तर से नई नीतियां जारी की जा रही है।
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चीनी बिक्री की दर 5000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक न हो
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने चीनी मिलों के जिले की सभी चीनी मिलों के समस्त अध्याशी को पत्र जारी किया है। बताया कि अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ की ओर से तीन सितंबर को आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में चीनी की बिक्री दर निर्धारित सीमा में रखने के निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में सामान्य चीनी की बिक्री दर 5000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं रखी जाएगी। डीसीओ ने कहा कि यदि किसी चीनी मिल ने शासन के निर्देशों का उल्लंघन कर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलना, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी जैसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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आयुक्त गन्ना एवं चीनी उत्तर प्रदेश मिनिस्थी एस द्वारा जारी आदेश के अनुसार नई व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिल गेट तक गन्ना पहुंचाने वाले वाहनों में जीपीएस के माध्यम से पल-पल की निगरानी की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यहां से अधिकारी 24 घंटे वाहनों की आवाजाही पर नजर रख सकेंगे।जीपीएस ट्रैकिंग से वाहनों के रास्ते में अनावश्यक रुकने, निर्धारित मार्ग से हटने, अनधिकृत ठहराव की जानकारी तुरंत मिल सकेगी। इससे गन्ना ढुलाई में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी।
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जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने बताया कि गन्ने की कटाई के बाद उसे 24 घंटे के भीतर चीनी मिल तक पहुंचाने का लक्ष्य है। समय से मिल पहुंचने पर गन्ना सूखने के कारण होने वाले वजन में कमी से किसानों को राहत मिलेगी। डिजिटल निगरानी से गन्ना आपूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी और व्यवस्थित हो सकेगी।
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-चीनी मिलों में चल रहा मरम्मत कार्य तेज
आगामी गन्ना पेराई को लेकर गन्ना विभाग व चीनी मिलें तेजी से कार्य कर रही है। अधिकतर चीनी मिलों मशीनों का मरम्मत कार्य 60 से 70 प्रतिशत हो गया है। ताकि चीनी मिलों का संचालन समय से आरंभ हो जाए। वहीं गन्ना विभाग भी विभागीय कार्य पूरे करने में जुटा है। गन्ना सर्वे के बाद सट्टा प्रदर्शन, नए सदस्य बनाना तथा शासन स्तर से नई नीतियां जारी की जा रही है।
चीनी बिक्री की दर 5000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक न हो
जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश कुमार पटेल ने चीनी मिलों के जिले की सभी चीनी मिलों के समस्त अध्याशी को पत्र जारी किया है। बताया कि अपर मुख्य सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ की ओर से तीन सितंबर को आयोजित वर्चुअल समीक्षा बैठक में चीनी की बिक्री दर निर्धारित सीमा में रखने के निर्देश दिए गए। निर्देशों के अनुसार किसी भी दशा में सामान्य चीनी की बिक्री दर 5000 रुपये प्रति क्विंटल से अधिक नहीं रखी जाएगी। डीसीओ ने कहा कि यदि किसी चीनी मिल ने शासन के निर्देशों का उल्लंघन कर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलना, कालाबाजारी और मुनाफाखोरी जैसे कृत्यों को गंभीरता से लिया जाएगा। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।