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550 करोड़ रुपये में निर्मल होगी गंगा
ब्यूरो / अमर उजाला, बिजनौर
Updated Wed, 18 Nov 2015 12:21 AM IST
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बिजनौर। गंगा की पवित्रता को बरकरार रखने के लिए जल निगम ने कवायद शुरू कर दी है। इस कवायद में नमामि गंगे योजना के अंतर्गत जिले से साढ़े पांच सौ करोड़ का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजा है।
इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना करके शहर के नालों और नदियों का दूषित पानी शुद्ध करके गंगा में डाला जाएगा। निगम को अब इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
गोमुख से निकलकर गंगा सागर तक निकली पतित पावनी गंगा की धारा का अविरल बनाने और पवित्र रखने के लिए कई बार प्लान तो बने, परंतु इस पर अमल नहीं हुआ। गंगा में कई बड़े शहरों के नालों के गंदे पानी के साथ नदियों का दूषित पानी डाला जा रहा हैं।
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गंगा को मैली करने से लोग बाज नहीं आ रहे है। गंगा की जमीन पर भी लोग कब्जे कर बैठे है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में गंगा को पवित्र रखने के लिए नमामी गंगे के तहत योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत जिन जिलों से गंगा निकल रही हैं, वहां गंगा की शुद्धता के लिए प्लान तैयार करने को कहा गया।
इस पर जल निगम की निर्माण इकाई ने नमामि गंगे के तहत बिजनौर शहर के लिए 125 करोड़, नजीबाबाद के लिए 150 करोड़ , नगीना के लिए 125 करोड़ और धामपुर के लिए 150 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा हैं।
जल निगम की निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक अवधेश कुमार के मुताबिक नमामि गंगे के तहत यह प्रस्ताव तैयार हुआ हैं । इसकी मंजूरी के बाद इन शहरो के नालों और नदियों का दूषित पानी शुद्ध करके गंगा में डाला जाएगा। इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे और अलग से शहरों में इसकी लाइन डाली जाएगी।
नए ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे
बिजनौर। नमामि गंगे योजना के तहत बिजनौर, धामपुर, नजीबाबाद और नगीना में नए बड़े ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। नई लाइन डाली जाएगी। इन लाइनों के माध्यम से नदी शहर के नालों का दूषित पानी ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। वहां से ये पानी शुद्ध करके गंगा में भेजा जाएगा।
बिजनौर शहर में करीब आठ नालों का पानी गंगा में डाला जा रहा हैं। सीवर लाइन के लिए बनाया जा रहा करीब 43 लाख की लागत का ट्रीटमेंट प्लांट केवल सीवर लाइन के लिए रहेगा। इसमें यह काम नहीं आएगा। नया ट्रीटमेंट प्लांट ही बनेगा।
यहां मैली हो रही गंगा
बिजनौर जिले में बालाबाली से नांगल, मंडावर, बैराज, गंज दत्यिाना होकर गंगा अमरोहा जिले के तिगरी से निकलती हुई आगे जा रही है। बिजनौर जिले का काफी बड़ा एरिया गंगा से जुड़ा है। इस गंगा को मैली करने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है।
बिजनौर शहर में नालों के गंदे पानी के साथ छोइया नदी का दूषित पानी गंगा में डाला रहा है। नजीबाबाद में मालन नदी के माध्यम से शहर के नालों का गंदा पानी गंगा में जा रहा है। धामपुर में राम गंगा और नगीना में भी नदियों के माध्यम से नालों का गंदा पानी गंगा में पहुंच रहा है।
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इस प्रोजेक्ट की खास बात यह है कि ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना करके शहर के नालों और नदियों का दूषित पानी शुद्ध करके गंगा में डाला जाएगा। निगम को अब इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलने का इंतजार है।
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गोमुख से निकलकर गंगा सागर तक निकली पतित पावनी गंगा की धारा का अविरल बनाने और पवित्र रखने के लिए कई बार प्लान तो बने, परंतु इस पर अमल नहीं हुआ। गंगा में कई बड़े शहरों के नालों के गंदे पानी के साथ नदियों का दूषित पानी डाला जा रहा हैं।
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गंगा को मैली करने से लोग बाज नहीं आ रहे है। गंगा की जमीन पर भी लोग कब्जे कर बैठे है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने हाल ही में गंगा को पवित्र रखने के लिए नमामी गंगे के तहत योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत जिन जिलों से गंगा निकल रही हैं, वहां गंगा की शुद्धता के लिए प्लान तैयार करने को कहा गया।
इस पर जल निगम की निर्माण इकाई ने नमामि गंगे के तहत बिजनौर शहर के लिए 125 करोड़, नजीबाबाद के लिए 150 करोड़ , नगीना के लिए 125 करोड़ और धामपुर के लिए 150 करोड़ का प्रस्ताव तैयार करके केंद्र सरकार को भेजा हैं।
जल निगम की निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक अवधेश कुमार के मुताबिक नमामि गंगे के तहत यह प्रस्ताव तैयार हुआ हैं । इसकी मंजूरी के बाद इन शहरो के नालों और नदियों का दूषित पानी शुद्ध करके गंगा में डाला जाएगा। इसके लिए ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे और अलग से शहरों में इसकी लाइन डाली जाएगी।
नए ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे
बिजनौर। नमामि गंगे योजना के तहत बिजनौर, धामपुर, नजीबाबाद और नगीना में नए बड़े ट्रीटमेंट प्लांट बनेंगे। नई लाइन डाली जाएगी। इन लाइनों के माध्यम से नदी शहर के नालों का दूषित पानी ट्रीटमेंट प्लांट में जाएगा। वहां से ये पानी शुद्ध करके गंगा में भेजा जाएगा।
बिजनौर शहर में करीब आठ नालों का पानी गंगा में डाला जा रहा हैं। सीवर लाइन के लिए बनाया जा रहा करीब 43 लाख की लागत का ट्रीटमेंट प्लांट केवल सीवर लाइन के लिए रहेगा। इसमें यह काम नहीं आएगा। नया ट्रीटमेंट प्लांट ही बनेगा।
यहां मैली हो रही गंगा
बिजनौर जिले में बालाबाली से नांगल, मंडावर, बैराज, गंज दत्यिाना होकर गंगा अमरोहा जिले के तिगरी से निकलती हुई आगे जा रही है। बिजनौर जिले का काफी बड़ा एरिया गंगा से जुड़ा है। इस गंगा को मैली करने में कोई कसर नही छोड़ी जा रही है।
बिजनौर शहर में नालों के गंदे पानी के साथ छोइया नदी का दूषित पानी गंगा में डाला रहा है। नजीबाबाद में मालन नदी के माध्यम से शहर के नालों का गंदा पानी गंगा में जा रहा है। धामपुर में राम गंगा और नगीना में भी नदियों के माध्यम से नालों का गंदा पानी गंगा में पहुंच रहा है।