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सामूहिक रोजा इफ्तार कराने पर सपा विधायक समेत 34 पर मुकदमा
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सामूहिक रोजा इफ्तार कराने पर सपा विधायक समेत 34 पर मुकदमा
नगीना (बिजनौर)। नगीना पुलिस ने बिना अनुमति रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन करने के मामले में नगीना के सपा विधायक मनोज पारस सहित 34 सपा नेताओं के खिलाफ कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन व महामारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
उप निरीक्षक करमजीत की ओर से नगीना थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया कि सपा विधायक मनोज पारस की ओर से जिला पंचायत के चुने गए सदस्यों, ग्राम प्रधान व मुस्लिम समाज के लोगों को पांच मई को मतलूब निवासी सरायमीर के आवास पर रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। इसमें कोरोना कर्फ्यू के नियमों व धारा 144 का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल फोटो की पहचान के आधार पर नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, अहमद, कफील, दानिश, अकबर, मतलूब, शिवकुमार गोस्वामी, इकबाल कुरैशी, आलमगीर उस्मानी, राशिद, नफीस, जहांगीर, उस्मान, खलील, केसर, भूरे, पप्पू समेत सपा के 34 नेताओं व कार्यकर्ताओं को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया है।
वहीं, विधायक मनोज पारस का कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ मुकदमा लिखा है। उनका कहना है कि जब विवाह शादी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, तो अकीका के तौर पर आयोजित की गई रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखने का कोई औचित्य नहीं बनता। रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा। सीओ सुमित शुक्ला का कहना है की कोरोना कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की धार्मिक आयोजन पर पूरी तरह रोक चल रही है। पाबंदी के बावजूद रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन होना नियमों का उल्लंघन है।
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पिछले साल भी दर्ज हुआ था मुकदमा
नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के खिलाफ पिछले साल लॉकडाउन के दौरान भी गरीबों को आटा बांटते समय सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रखने पर लॉक डाउन के उल्लंघन के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। कोरोना कर्फ्यू के दौरान हुए रोजा इफ्तार कार्यक्रम को उन्हीं की पार्टी के ही एक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर फोटो व समाचार बनाकर अपलोड कर दिया। इसके बाद ही यह मामला सुर्खियों में आया और पुलिस को मुकदमा लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा।
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नगीना (बिजनौर)। नगीना पुलिस ने बिना अनुमति रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन करने के मामले में नगीना के सपा विधायक मनोज पारस सहित 34 सपा नेताओं के खिलाफ कोरोना कर्फ्यू के उल्लंघन व महामारी अधिनियम के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया है।
उप निरीक्षक करमजीत की ओर से नगीना थाने में दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया कि सपा विधायक मनोज पारस की ओर से जिला पंचायत के चुने गए सदस्यों, ग्राम प्रधान व मुस्लिम समाज के लोगों को पांच मई को मतलूब निवासी सरायमीर के आवास पर रोजा इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इसके लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी। इसमें कोरोना कर्फ्यू के नियमों व धारा 144 का उल्लंघन किया गया। पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल फोटो की पहचान के आधार पर नगीना के सपा विधायक मनोज पारस, अहमद, कफील, दानिश, अकबर, मतलूब, शिवकुमार गोस्वामी, इकबाल कुरैशी, आलमगीर उस्मानी, राशिद, नफीस, जहांगीर, उस्मान, खलील, केसर, भूरे, पप्पू समेत सपा के 34 नेताओं व कार्यकर्ताओं को नामजद करते हुए 15-20 अज्ञात लोगों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया है।
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वहीं, विधायक मनोज पारस का कहना है कि प्रशासन ने जानबूझकर उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से उनके खिलाफ मुकदमा लिखा है। उनका कहना है कि जब विवाह शादी कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं, तो अकीका के तौर पर आयोजित की गई रोजा इफ्तार पार्टी में शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा लिखने का कोई औचित्य नहीं बनता। रोजा इफ्तार कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा। सीओ सुमित शुक्ला का कहना है की कोरोना कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की धार्मिक आयोजन पर पूरी तरह रोक चल रही है। पाबंदी के बावजूद रोजा इफ्तार कार्यक्रम का आयोजन होना नियमों का उल्लंघन है।
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पिछले साल भी दर्ज हुआ था मुकदमा
नगीना के सपा विधायक मनोज पारस के खिलाफ पिछले साल लॉकडाउन के दौरान भी गरीबों को आटा बांटते समय सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल न रखने पर लॉक डाउन के उल्लंघन के अंतर्गत मुकदमा दर्ज किया गया था। कोरोना कर्फ्यू के दौरान हुए रोजा इफ्तार कार्यक्रम को उन्हीं की पार्टी के ही एक कार्यकर्ता ने सोशल मीडिया पर फोटो व समाचार बनाकर अपलोड कर दिया। इसके बाद ही यह मामला सुर्खियों में आया और पुलिस को मुकदमा लिखने के लिए मजबूर होना पड़ा।