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जिले में खोजे गए 213 नए कुष्ठ रोगी, सभी का उपचार शुरु
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जिले में खोजे गए 213 नए कुष्ठ रोगी, सभी का उपचार शुरू
बिजनौर। जिले में कुष्ठ रोग के 213 मरीज खोजे गए हैं। इनमें 74 महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं। जबकि चार लोग कुष्ठ रोग से दिव्यांग हुए हैं। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। हालांकि 184 पहले से ही उपचाराधीन हैं। अफसरों के अनुसार कुष्ठ लाईलाज नहीं है, बल्कि नियमित दवाओं के सेवन से मरीज पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है।
कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है। इसमें त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे दिखाई देते हैं, जो कुष्ठ रोग की शुरुआती पहचान है। यह तंत्रिकाओं, त्वचा और आंखों को प्रभावित करता है। इससे कभी स्थाई शारीरिक दिव्यांगता हो सकती है, लेकिन यह रोग बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस बीमारी में विशेष रूप से रोगी में होने एवं दिखने वाली विकृति ही मरीज के साथ सामाजिक भेदभाव के लिए जिम्मेदार है। 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले में डीएम द्वारा घोषित कुष्ठ जागरूकता अभियान के संबंध में घोषणा पढ़कर लोगों में इसके प्रति जागरूकता लाई जाएगी। अफसरों के अनुसार 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर हर ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिका स्तरों पर गांधी का वेश धारण किए बच्चे कुष्ठ रोगियों के साथ होने वाले भेदभाव को दूर करने के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही जिले के सभी ग्राम प्रधान अपनी ग्राम पंचायतों में कुष्ठ के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला कुष्ठ निवारण अधिकारी शैलेश जैन ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर माह तक चलाये गए कुष्ठ रोगी खोज अभियान के अंतर्गत कुल 213 मरीज खोजे गए हैं। इनमें 74 महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल हैं। इससे चार लोग दिव्यांग हुए हैं। फिलहाल सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा हैं।
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बिजनौर। जिले में कुष्ठ रोग के 213 मरीज खोजे गए हैं। इनमें 74 महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं। जबकि चार लोग कुष्ठ रोग से दिव्यांग हुए हैं। सभी का उपचार शुरू कर दिया गया है। हालांकि 184 पहले से ही उपचाराधीन हैं। अफसरों के अनुसार कुष्ठ लाईलाज नहीं है, बल्कि नियमित दवाओं के सेवन से मरीज पूर्ण रूप से ठीक हो जाता है।
कुष्ठ रोग एक दीर्घकालिक संक्रामक रोग है। इसमें त्वचा पर हल्के रंग के धब्बे दिखाई देते हैं, जो कुष्ठ रोग की शुरुआती पहचान है। यह तंत्रिकाओं, त्वचा और आंखों को प्रभावित करता है। इससे कभी स्थाई शारीरिक दिव्यांगता हो सकती है, लेकिन यह रोग बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि इस बीमारी में विशेष रूप से रोगी में होने एवं दिखने वाली विकृति ही मरीज के साथ सामाजिक भेदभाव के लिए जिम्मेदार है। 30 जनवरी से 13 फरवरी तक स्पर्श कुष्ठ अभियान चलाया जाएगा। इसके अंतर्गत जिले में डीएम द्वारा घोषित कुष्ठ जागरूकता अभियान के संबंध में घोषणा पढ़कर लोगों में इसके प्रति जागरूकता लाई जाएगी। अफसरों के अनुसार 30 जनवरी को महात्मा गांधी की पुण्य तिथि के अवसर पर हर ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर पालिका स्तरों पर गांधी का वेश धारण किए बच्चे कुष्ठ रोगियों के साथ होने वाले भेदभाव को दूर करने के प्रति जागरूक करेंगे। साथ ही जिले के सभी ग्राम प्रधान अपनी ग्राम पंचायतों में कुष्ठ के प्रति जागरूक किया जाएगा। जिला कुष्ठ निवारण अधिकारी शैलेश जैन ने बताया कि अप्रैल से दिसंबर माह तक चलाये गए कुष्ठ रोगी खोज अभियान के अंतर्गत कुल 213 मरीज खोजे गए हैं। इनमें 74 महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल हैं। इससे चार लोग दिव्यांग हुए हैं। फिलहाल सभी मरीजों का उपचार किया जा रहा हैं।
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