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15 साल पुराने 7863 वाहनों के रजिस्ट्रेशन होंगे कैंसिल
Updated Tue, 13 Nov 2018 12:37 AM IST
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15 साल पुराने 7863 वाहनों के रजिस्ट्रेशन होंगे रद्द
बिजनौर। जिले में सड़कों पर फर्राटा भर रहे तेज रफ्तार पुराने व अनफिट निजी वाहनों पर विराम लगने वाला है। अधिकांश वाहन बिना पंजीकरण कराए ही संचालित हो रहे हैं। नवीनीकरण नहीं कराने पर 15 साल की आयु पूरी कर चुके इन निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए जाएंगे। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने इसके लिए दो माह का समय दिया था। प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर नियमानुसार इन वाहनों के पंजीकरण कैंसल कर दिए जाएंगे। विभाग ने करीब 7863 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें 1103 चार पहिया और 6760 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
मौजूदा व्यवस्था के तहत निजी वाहन एक बार पंजीकरण के बाद तब तक सड़कों पर चल सकते हैं। जब तक कि मालिक उसे चलाना चाहे। इसके लिए उसे एक ही बार लाइफटाइम टैक्स देना होता है। यही वजह है कि सड़कों पर ये पुराने निजी वाहन बाकी गाड़ियों की तुलना में कहीं ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। वाहन पंजीकरण के 15 साल पूरे होने पर भी वाहन स्वामी बेखौफ होकर इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे एक ओर शहर में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, तो दूसरी ये खटारा वाहन वातावरण को प्रदूषित करते हैं। इन वाहनों पर रोक लगाने से यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में आसानी रहेगी तो दूसरी शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को भी कंट्रोल किया जा सकता है। अफसरों के अनुसार ऐसे निजी दोपहिया व चार पहिया वाहनों के स्वामी जिनके वाहनों को पंजीयन तिथि से 15 साल पूरे हो चुके हैं। पुन: पंजीयन के लिए दो माह का समय देने के बावजूद वाहन मालिकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और उन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है। इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि वाहन का अस्तित्व समाप्त हो चुका है या स्थायी रूप से वह वाहन उपयोग के लिए अयोग्य हो गया है तो उसे चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन हैं। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि 15 साल की आयु पूरी कर चुके वाहनों के पुन: पंजीयन के लिए 60 दिन का समय दिया गया। इसके बावजूद वाहन मालिकों ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद से निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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बिजनौर। जिले में सड़कों पर फर्राटा भर रहे तेज रफ्तार पुराने व अनफिट निजी वाहनों पर विराम लगने वाला है। अधिकांश वाहन बिना पंजीकरण कराए ही संचालित हो रहे हैं। नवीनीकरण नहीं कराने पर 15 साल की आयु पूरी कर चुके इन निजी वाहनों के रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिए जाएंगे। सहायक संभागीय परिवहन विभाग ने इसके लिए दो माह का समय दिया था। प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर नियमानुसार इन वाहनों के पंजीकरण कैंसल कर दिए जाएंगे। विभाग ने करीब 7863 वाहन स्वामियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें 1103 चार पहिया और 6760 दोपहिया वाहन शामिल हैं।
मौजूदा व्यवस्था के तहत निजी वाहन एक बार पंजीकरण के बाद तब तक सड़कों पर चल सकते हैं। जब तक कि मालिक उसे चलाना चाहे। इसके लिए उसे एक ही बार लाइफटाइम टैक्स देना होता है। यही वजह है कि सड़कों पर ये पुराने निजी वाहन बाकी गाड़ियों की तुलना में कहीं ज्यादा प्रदूषण फैलाते हैं। वाहन पंजीकरण के 15 साल पूरे होने पर भी वाहन स्वामी बेखौफ होकर इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे एक ओर शहर में हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है, तो दूसरी ये खटारा वाहन वातावरण को प्रदूषित करते हैं। इन वाहनों पर रोक लगाने से यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में आसानी रहेगी तो दूसरी शहर में बढ़ रहे प्रदूषण को भी कंट्रोल किया जा सकता है। अफसरों के अनुसार ऐसे निजी दोपहिया व चार पहिया वाहनों के स्वामी जिनके वाहनों को पंजीयन तिथि से 15 साल पूरे हो चुके हैं। पुन: पंजीयन के लिए दो माह का समय देने के बावजूद वाहन मालिकों ने इस ओर ध्यान नहीं दिया और उन्होंने पंजीकरण नहीं कराया है। इन सभी को नोटिस जारी किए गए हैं। यदि वाहन का अस्तित्व समाप्त हो चुका है या स्थायी रूप से वह वाहन उपयोग के लिए अयोग्य हो गया है तो उसे चलाना यातायात नियमों का उल्लंघन हैं। एआरटीओ प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि 15 साल की आयु पूरी कर चुके वाहनों के पुन: पंजीयन के लिए 60 दिन का समय दिया गया। इसके बावजूद वाहन मालिकों ने ध्यान नहीं दिया। इसके बाद से निलंबन की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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