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सात दिन बिना बिजली के ग्रामीण परेशान
Updated Sun, 20 May 2018 12:25 AM IST
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स्योहारा (बिजनौर)। ग्रामीण क्षेत्रों में 13 मई को आई आंधी में करीब 17 बिजली के खंभे टूटकर गिरने से आपूर्ति ठप हो गई थी, जो सात दिन बाद भी सुचारु नहीं हो पाई है। आपूर्ति ठप होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट भी गहरा गया है। विद्युत निगम की अनदेखी के चलते आंधी में उखड़ गए बिजली के पोल ग्रामीणों ने श्रमदान कर खुद ही लगाने शुरू कर दिए हैं।
13 मई को आंधी ने क्षेत्र में तबाही मचा दी थी। जहां विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए थे, वहीं बिजली के खंभे टूट गए थे। इसके कारण बिजली की लाइन टूटकर ध्वस्त हो गई। तभी से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। सात दिन बीत जाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति पटरी पर नहीं लौटी है। गांव सतोनंगली, बहादरपुर और मडईयों के विकास कुमार, भूपेंद्र सिंह, टीकम सिंह, देशराज सिंह, पुष्पराज सिंह, राजकुमार शर्मा, जयपाल सिंह, गजराज सिंह, प्रीतम सिंह, आलोक कुमार आदि का कहना है कि आंधी के कारण उनके गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। गांव में 17 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए थे। सात दिन बीत जाने के बाद भी उनके गांव की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। अब लोगों ने स्वयं श्रमदान करके खंभे खड़े कर दिए हैं। इसकी सूचना भी एसडीओ को दे दी है। अब तो बस लाइन खींचने का कार्य ही विभाग को करना है। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली न आने के चलते गांव वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी से लोग बिलबिला रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि उनके पास के गांवों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करा दी गई है लेकिन उनके गांवों की उपेक्षा की जा रही है। एसडीओ चेन सिंह का कहना है कि व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है।
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13 मई को आंधी ने क्षेत्र में तबाही मचा दी थी। जहां विशाल पेड़ जड़ से उखड़ गए थे, वहीं बिजली के खंभे टूट गए थे। इसके कारण बिजली की लाइन टूटकर ध्वस्त हो गई। तभी से विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। सात दिन बीत जाने के बाद भी विद्युत आपूर्ति पटरी पर नहीं लौटी है। गांव सतोनंगली, बहादरपुर और मडईयों के विकास कुमार, भूपेंद्र सिंह, टीकम सिंह, देशराज सिंह, पुष्पराज सिंह, राजकुमार शर्मा, जयपाल सिंह, गजराज सिंह, प्रीतम सिंह, आलोक कुमार आदि का कहना है कि आंधी के कारण उनके गांव की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई है। गांव में 17 बिजली के खंभे टूटकर गिर गए थे। सात दिन बीत जाने के बाद भी उनके गांव की आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। अब लोगों ने स्वयं श्रमदान करके खंभे खड़े कर दिए हैं। इसकी सूचना भी एसडीओ को दे दी है। अब तो बस लाइन खींचने का कार्य ही विभाग को करना है। मगर, कोई सुनवाई नहीं हो रही है। बिजली न आने के चलते गांव वालों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी से लोग बिलबिला रहे हैं। ग्रामवासियों का आरोप है कि उनके पास के गांवों में विद्युत आपूर्ति सुचारु करा दी गई है लेकिन उनके गांवों की उपेक्षा की जा रही है। एसडीओ चेन सिंह का कहना है कि व्यवस्था को ठीक किया जा रहा है।
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