{"_id":"5ac7d5054f1c1bcf618b5cc2","slug":"161523045637-bijnor-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिरी तारीख नजदीक, नहीं खुल रहा कर्जमाफी पोर्टल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिरी तारीख नजदीक, नहीं खुल रहा कर्जमाफी पोर्टल
Updated Sat, 07 Apr 2018 01:43 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमरोहा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कर्जमाफी की आपत्तियां दर्ज कराने के लिए अंतिम तिथि भले ही बढ़ाकर 15 अप्रैल कर दी हो। लेकिन, इससे किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। क्योंकि, अभी तक कर्जमाफी का पोर्टल नहीं खुला है। इसके चलते अधिकारी ही नहीं किसान भी परेेशान है।
सूबे की सरकार ने किसानों को कर्ज की दलदल से निकालने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। किसानों को लगा कि सभी कर्ज माफ हो जाएगा, लेकिन इसकी पात्रता के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। किसानों की पात्रता को साबित करते हुए पोर्टल 22 फिल्टर लगे हुए हैं। जिनमें अधिकांश किसान बाहर हो गए। जिले में एक लाख तेरह हजार छह सौ 87 किसानों का डाटा पोर्टल पर डाला गया था। जिसमें करीब 55 हजार किसान बाहर हो गए। केवल 56 हजार किसानों को ही कर्जमाफी लाभ मिल सका। अब कर्जमाफी से बाहर हुए किसानों ने शिकायतें दर्ज करानी शुुरू दी है। 10 मार्च तक 11 हजार आठ सौ किसानों ने खुद को कर्जमाफी का पात्र बताते हुए शिकायतें दर्ज कराई थी। इनकी शिकायतों को पोर्टल पर दर्ज करते हुए पात्रता की जांच शुरू कर दी। अब 31 मार्च को सीएम ने आपत्ति दर्ज कराने की तारीख बढ़ाते हुए 15 अप्रैल कर दी। ऐसे में एक अप्रैल को पोर्टल खुल जाना चाहिए था। लेकिन, अभी तक पोर्टल बंद है। आज सात तारीख हो गई है। ऐसे में आठ दिन ही बाकी बचे हैं। किसानों को चिंता सता रही है कि उनके आवेदन कहीं छूट ना जाएं। उधर विभागीय अधिकारी भी लगातार पोर्टल खोलने की गुहार लखनऊ लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो लखनऊ एनआईसी ने पोर्टल बंद कर रखा है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पोर्टल नहीं खुला है। पोर्टल खुलते ही किसानों की आपत्ति दर्ज करानी शुुरू कर दी जाएंगी।
विज्ञापन
सूबे की सरकार ने किसानों को कर्ज की दलदल से निकालने के लिए ऋण मोचन योजना की शुरुआत की। किसानों को लगा कि सभी कर्ज माफ हो जाएगा, लेकिन इसकी पात्रता के लिए नियम कड़े कर दिए गए हैं। किसानों की पात्रता को साबित करते हुए पोर्टल 22 फिल्टर लगे हुए हैं। जिनमें अधिकांश किसान बाहर हो गए। जिले में एक लाख तेरह हजार छह सौ 87 किसानों का डाटा पोर्टल पर डाला गया था। जिसमें करीब 55 हजार किसान बाहर हो गए। केवल 56 हजार किसानों को ही कर्जमाफी लाभ मिल सका। अब कर्जमाफी से बाहर हुए किसानों ने शिकायतें दर्ज करानी शुुरू दी है। 10 मार्च तक 11 हजार आठ सौ किसानों ने खुद को कर्जमाफी का पात्र बताते हुए शिकायतें दर्ज कराई थी। इनकी शिकायतों को पोर्टल पर दर्ज करते हुए पात्रता की जांच शुरू कर दी। अब 31 मार्च को सीएम ने आपत्ति दर्ज कराने की तारीख बढ़ाते हुए 15 अप्रैल कर दी। ऐसे में एक अप्रैल को पोर्टल खुल जाना चाहिए था। लेकिन, अभी तक पोर्टल बंद है। आज सात तारीख हो गई है। ऐसे में आठ दिन ही बाकी बचे हैं। किसानों को चिंता सता रही है कि उनके आवेदन कहीं छूट ना जाएं। उधर विभागीय अधिकारी भी लगातार पोर्टल खोलने की गुहार लखनऊ लगा रहे हैं। सूत्रों की मानें तो लखनऊ एनआईसी ने पोर्टल बंद कर रखा है। जिला कृषि अधिकारी राजीव कुमार ने बताया कि पोर्टल नहीं खुला है। पोर्टल खुलते ही किसानों की आपत्ति दर्ज करानी शुुरू कर दी जाएंगी।
विज्ञापन