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आठ रोजा तरावीह मुकम्मल होने पर बोले मौलाना लियाकत

Wed, 15 May 2019 12:11 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Wed, 15 May 2019 12:11 AM IST
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आठ रोजा तरावीह मुकम्मल होने पर बोले मौलाना लियाकत
कुरान का एक-एक लफ्ज दस नेकियों का सवाब देता है
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नजीबाबाद/जलालाबाद। नगर और जलालाबाद क्षेत्र में आठ दिनी तरावीह मुल्क और दुनिया में अमनो-अमान की दुआ के साथ संपन्न हुई। उलमा ने नेकी और इंसानियत के रास्ते पर चलने और रोजेदारों से तराहवी जारी रखने की हिदायत की।
एमए पब्लिक स्कूल में आठ रोजा तरावीह संपन्न होने पर छीपियान मस्जिद के पेश इमाम मौलाना लियाकत हुसैन ने कहा कि अल्लाह का कलाम दुनिया में सबसे बड़ा और अफजल है। कुरान का एक-एक लफ्ज पढ़ने से दस नेकियों का सवाब मिलता है। उन्होंने कहा कि माह-ए-रमजान वह मुबारक महीना है जिसमें ज्यादा से ज्यादा इबादत कर गुनाह माफ कराए जाते हैं। जो इंसान सीने में कुरान में उतारता है उसकी जिंदगी पाकीजा होती है।
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मौलाना लियाकत ने तयशुदा मयाद की तरावीह मुकम्मल होने पर पूरे रमजान तरावीह जारी रखने की हिदायत की। उन्होंने मुल्क में अमनो-अमान, बीमारों को शिफा और कारोबारी तरक्की की दुआ कराई। मो.बदरूद्दीन ने मो.ममनून की निगरानी में कुरान पढ़ा। इससे पूर्व एमए पब्लिक स्कूल की ओर से अजमल सिद्दीकी ने सामूहिक रोजा इफ्तार कराया। सामूहिक रोजा इफ्तार और तरावीह मुकम्मल होने के मौके पर सदाकत अली, अनीस ठेकेदार, शकील रजा, कमर आलम, शराफत हुसैन, डॉ.इबादुर्रहमान, डॉ.सुहेल, आसिफ अली मुत्तकी, अबरार हुसैन, खालिद मसूद, एम अकरम खां, आकिफ, नूरूल, अमजद, जीशान, सय्यद, साकिब सहित अनेक लोगों ने शिरकत की।
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उधर जलालाबाद के मदरसा अख्तरूलउलूम में कारी नदीम ने मो.सूफियान की निगरानी में आठ रोजा तरावीह के दौरान कुरान मुकम्मल किया। लोगों से रोजा नमाज की पाबंदी करने, तरावीह पूरे रमजान जारी रखने, मुफलिसों की मदद करने की हिदायत के साथ दुआ की गई। दुआ में मो.इरफान, आसिफ, मूसा, अदनान, अमजद, असलम, सूफियान आदि ने शिरकत की।


अदीब ने रखा पहला रोजा
नजीबाबाद। मासूम अदीब शादाब ने पहला रोजा रखकर परिजनों के साथ इफ्तारी की। शायर एवं साहित्यकार शादाब जफर शादाब के दस वर्षीय पुत्र अदीब शादाब ने शिद्दत की गर्मी के बावजूद पहला रखा। मासूम अदीब शादाब का कहना है कि रोजा रखने और इबादत करने से अल्लाह ताला खुश होते हैं। अदीब शादाब का यकीन है जो लोग सच्चे दिल से खुदा को याद करते हैं और नेकी के रास्ते पर चलते हैं अल्लाह उनको नेकियों और बरकतों से नवाजता है।
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