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चार दिन बीतने के बाद भी अभी तक सुचारू नहीं हुई बिजली आपूर्ति
Updated Wed, 16 May 2018 11:44 PM IST
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चार दिन बाद भी सुचारु नहीं हुई बिजली आपूर्ति
धामपुर। विद्युत निगम अधिकारियों के लाख प्रयास करने के बाद भी बिजली आपूर्ति बेपटरी है। ग्रामीणों दो दिन से रोज निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। उधर, विद्युत वितरण खंड धामपुर प्रथम एक्सईएन हरीश कुमार चौधरी का कहना है कि अभी तो स्टाफ 13 मई को आई आंधी के चलते टूटे खंभों का सत्यापन करने में लगा है। धामपुर प्रथम और द्वितीय डिवीजन में अब तक 197 बिजली के खंभे टूटे पाए गए हैं।
गौरतलब है कि मई माह में अब तक दो बार आंधी आ चुकी है। इसमें उमरी बिजलीघर के कई गांवों में तार और खंभे टूटे होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। उधर, एक्सईएन का कहना है कि निगम स्टाफ और अधिकारी दिन रात व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। दो मई को आंधी में दोनों डिवीजनों में 67 खंभे टूटे थे। लेकिन 13 मई की शाम को आई आंधी में 130 खंभों के टूटने का सत्यापन हो चुका है। सत्यापन का काम अभी चल रहा है। दैवीय आपदा के तहत जो नुकसान हुआ है उसकी लिस्ट एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजी जा रही है। डीएम से परमिशन मिलने के बाद ही दैवीय आपदा के तहत टूटे बिजली के खंभों को लगवाने का काम होगा।
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धामपुर। विद्युत निगम अधिकारियों के लाख प्रयास करने के बाद भी बिजली आपूर्ति बेपटरी है। ग्रामीणों दो दिन से रोज निगम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है। उधर, विद्युत वितरण खंड धामपुर प्रथम एक्सईएन हरीश कुमार चौधरी का कहना है कि अभी तो स्टाफ 13 मई को आई आंधी के चलते टूटे खंभों का सत्यापन करने में लगा है। धामपुर प्रथम और द्वितीय डिवीजन में अब तक 197 बिजली के खंभे टूटे पाए गए हैं।
गौरतलब है कि मई माह में अब तक दो बार आंधी आ चुकी है। इसमें उमरी बिजलीघर के कई गांवों में तार और खंभे टूटे होने से बिजली आपूर्ति ठप हो गई थी। उधर, एक्सईएन का कहना है कि निगम स्टाफ और अधिकारी दिन रात व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास कर रहे हैं। दो मई को आंधी में दोनों डिवीजनों में 67 खंभे टूटे थे। लेकिन 13 मई की शाम को आई आंधी में 130 खंभों के टूटने का सत्यापन हो चुका है। सत्यापन का काम अभी चल रहा है। दैवीय आपदा के तहत जो नुकसान हुआ है उसकी लिस्ट एसडीएम के माध्यम से डीएम को भेजी जा रही है। डीएम से परमिशन मिलने के बाद ही दैवीय आपदा के तहत टूटे बिजली के खंभों को लगवाने का काम होगा।
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