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Bhadohi News: औद्योगिक फीडर से भी अघोषित कटौती, उद्यमियों की बढ़ी मुश्किलें
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भदोही। जिले में बिजली दुर्व्यवस्था की मार केवल आम आदमी ही नहीं, बल्कि व्यापारी और उद्यमी भी झेल रहे हैं। सामान्य फीडरों की तरह की औद्योगिक फीडरों से भी चार-चार घंटों तक बिजली कटौती हो रही है। जिससे उद्यमियों को परेशानी उठानी पड़ती है। नाराज उद्यमियों ने इस व्यवस्था को दुरूस्त कराए जाने की मांग की है।
जिले में उद्यमियों को अच्छी बिजली मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रदेश शासन ने इंडस्ट्रीयल फीडर की शुरूआत की थी। उद्यमियों को औद्योगिक फीडर के माध्यम से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का वादा किया गया था। औद्योगिक फीडर से भी उद्यमियों को सामान्य फीडर जैसी कटौती झेलनी पड़ रही है। उद्यमियों ने बताया कि अनुसार चार-चार घंटे की कटौती से वे परेशान हो उठे हैं। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) ने सुधार के लिए एक्सईएन विद्युत समेत वरिष्ठ अधिकारियों को पत्रक भेजा है, लेकिन इसके बाद भी कोई विशेष सुधार होता नहीं दिख रहा है।
कालीन उत्पादन में बिजली की भूमिका अहम है। बिजली के अभाव में कालीन उत्पादन लागत बढ़ जाती है। जिससे विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पाना मुश्किल हो जाता है। उद्यमियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उप्र सरकार ने इंडस्ट्रीयल फीडर की शुरूआत की थी। समझा गया था कि इससे कालीन उद्यमियों को अच्छी बिजली मिल सकेगी, लेकिन उद्यमियों की मानें तो मौजूदा समय में चार-चार घंटे की कटौती प्रतिदिन हो रही है। जिससे हर दिन बहुत नुकसान हो रहा है। इसी पर उद्योग का विकास निर्भर है। इसलिए इस फीडर को बेहतर बनाने के प्रयास होने चाहिए। इंडस्ट्रीयल फीडर से भी बिजली सामान्य फीडरों की तरह मिल रही है तो क्या फायदा। इसे बेहतर बनाया जाना चाहिए ताकि फीडर अपने उद्देश्यों की पूर्ति करे।- वेद प्रकाश गुप्ता, निर्यातक सामान्य फीडर से इंडस्ट्रीयल फीडर की बिजली बहुत महंगी है, ऐसे में यदि इंडस्ट्रीयल फीडर से भी कटौती हो रही है तो फिर इससे जुड़ने का क्या लाभ।- विमल बरनवाल
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इतनी समस्या नहीं है जितनी बताई जा रही है। फाल्ट होने पर भले ही कटौती होती हो लेकिन यह नियमित नहीं है। फिर भी उद्यमियों की शिकायत पर मैं आवश्यक छानबीन कर व्यवस्था में सुधार कराने का प्रयास करुंगा। -अभिषेक यादव, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड भदोही।
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जिले में उद्यमियों को अच्छी बिजली मुहैया कराने के उद्देश्य से प्रदेश शासन ने इंडस्ट्रीयल फीडर की शुरूआत की थी। उद्यमियों को औद्योगिक फीडर के माध्यम से 24 घंटे विद्युत आपूर्ति का वादा किया गया था। औद्योगिक फीडर से भी उद्यमियों को सामान्य फीडर जैसी कटौती झेलनी पड़ रही है। उद्यमियों ने बताया कि अनुसार चार-चार घंटे की कटौती से वे परेशान हो उठे हैं। आल इंडिया कारपेट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन (एकमा) ने सुधार के लिए एक्सईएन विद्युत समेत वरिष्ठ अधिकारियों को पत्रक भेजा है, लेकिन इसके बाद भी कोई विशेष सुधार होता नहीं दिख रहा है।
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कालीन उत्पादन में बिजली की भूमिका अहम है। बिजली के अभाव में कालीन उत्पादन लागत बढ़ जाती है। जिससे विश्व बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पाना मुश्किल हो जाता है। उद्यमियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उप्र सरकार ने इंडस्ट्रीयल फीडर की शुरूआत की थी। समझा गया था कि इससे कालीन उद्यमियों को अच्छी बिजली मिल सकेगी, लेकिन उद्यमियों की मानें तो मौजूदा समय में चार-चार घंटे की कटौती प्रतिदिन हो रही है। जिससे हर दिन बहुत नुकसान हो रहा है। इसी पर उद्योग का विकास निर्भर है। इसलिए इस फीडर को बेहतर बनाने के प्रयास होने चाहिए। इंडस्ट्रीयल फीडर से भी बिजली सामान्य फीडरों की तरह मिल रही है तो क्या फायदा। इसे बेहतर बनाया जाना चाहिए ताकि फीडर अपने उद्देश्यों की पूर्ति करे।- वेद प्रकाश गुप्ता, निर्यातक सामान्य फीडर से इंडस्ट्रीयल फीडर की बिजली बहुत महंगी है, ऐसे में यदि इंडस्ट्रीयल फीडर से भी कटौती हो रही है तो फिर इससे जुड़ने का क्या लाभ।- विमल बरनवाल
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इतनी समस्या नहीं है जितनी बताई जा रही है। फाल्ट होने पर भले ही कटौती होती हो लेकिन यह नियमित नहीं है। फिर भी उद्यमियों की शिकायत पर मैं आवश्यक छानबीन कर व्यवस्था में सुधार कराने का प्रयास करुंगा। -अभिषेक यादव, एक्सईएन विद्युत वितरण खंड भदोही।