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Bhadohi News: फार्मर रजिस्ट्री की सुस्त रफ्तार, एक फीसदी काम
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ज्ञानपुर। एग्री स्टैक योजना के तहत जिले में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने की रफ्तार धीमी पड़ गई है। करीब 20 दिनों बाद भी एक फीसदी किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो सकी है। ऐसे में 31 दिसंबर तक ग्राम पंचायतों में शिविर लगाकर एक लाख 86 हजार किसानों का रजिस्ट्री तैयार करना कृषि विभाग एवं प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है। एग्री स्टैक के तहत जिले के हर खेत की आईडी बनेगी। इसके लिए किसान रजिस्ट्री होगी।
केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। वैसे तो जून-जुलाई में उक्त योजना की शुरूआत की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण मामला अधर में लटक गया। 18 नवंबर से 31 दिसंबर तक विशेष अभियान के तहत किसान रजिस्ट्री बनाने का निर्देश दिया गया है। इसमें कृषि, राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। धीरे-धीरे 22 दिन गुजर गए, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम तेज नहीं हो पा रहा है। हकीकत यह है कि अब तक एक लाख 86 हजार किसानों के सापेक्ष सिर्फ 2535 किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो सकी है। इससे सूबे में जिले की रैंक 19वीं पहुंच गई है। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि 31 दिसंबर तक गांव में शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनाना है। किसान इसके अलावा सहज जन सेवा केंद्र, स्वयं के मोबाइल से ऐप पर जाकर भी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शासन से छूट मिलने के कारण किसान स्वयं इसे तैयार कर सकता है। बताया कि जिले में ढाई लाख किसानों में पहले चरण में सम्मान निधि का लाभ पाने वाले एक लाख 86 हजार किसानों की रजिस्ट्री तैयार होनी है। बताया कि किसान रजिस्ट्री तैयार करने के लिए विकसित मोबाइल ऐप पर सभी गाटों को आधार से लिंक कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, सह खातेदार का नाम, गाटा में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, ई-केवाईसी सभी रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा। इससे किसान को आपदा एवं सूखा आकलन में फायदा मिलेगा।
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केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं के पात्र किसानों को लाभ मिलेगा। वैसे तो जून-जुलाई में उक्त योजना की शुरूआत की गई, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण मामला अधर में लटक गया। 18 नवंबर से 31 दिसंबर तक विशेष अभियान के तहत किसान रजिस्ट्री बनाने का निर्देश दिया गया है। इसमें कृषि, राजस्व सहित कई विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। धीरे-धीरे 22 दिन गुजर गए, लेकिन फार्मर रजिस्ट्री बनाने का काम तेज नहीं हो पा रहा है। हकीकत यह है कि अब तक एक लाख 86 हजार किसानों के सापेक्ष सिर्फ 2535 किसानों की रजिस्ट्री तैयार हो सकी है। इससे सूबे में जिले की रैंक 19वीं पहुंच गई है। उप निदेशक कृषि डॉ. अश्वनी सिंह ने कहा कि 31 दिसंबर तक गांव में शिविर लगाकर फार्मर रजिस्ट्री बनाना है। किसान इसके अलावा सहज जन सेवा केंद्र, स्वयं के मोबाइल से ऐप पर जाकर भी फार्मर रजिस्ट्री तैयार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि शासन से छूट मिलने के कारण किसान स्वयं इसे तैयार कर सकता है। बताया कि जिले में ढाई लाख किसानों में पहले चरण में सम्मान निधि का लाभ पाने वाले एक लाख 86 हजार किसानों की रजिस्ट्री तैयार होनी है। बताया कि किसान रजिस्ट्री तैयार करने के लिए विकसित मोबाइल ऐप पर सभी गाटों को आधार से लिंक कराया जाएगा। इसमें किसान का नाम, पिता का नाम, सह खातेदार का नाम, गाटा में किसान का अंश, मोबाइल नंबर, ई-केवाईसी सभी रजिस्ट्री में दर्ज किया जाएगा। इससे किसान को आपदा एवं सूखा आकलन में फायदा मिलेगा।
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