{"_id":"683b5363ef6ab6a40d0c134e","slug":"privatisation-should-be-stopped-corruption-should-be-investigated-at-a-high-level-bhadohi-news-c-191-1-svns1017-126871-2025-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhadohi News: निजीकरण पर रोक लगे, भ्रष्टाचार की हो उच्च स्तरीय जांच","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhadohi News: निजीकरण पर रोक लगे, भ्रष्टाचार की हो उच्च स्तरीय जांच
विज्ञापन
भदोही। शनिवार को भी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति का तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन चला। अधीक्षण अभंयता कार्यालय पर विरोध के दौरान संघर्ष समिति के लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार के खेल में हस्तक्षेप करने की मांग की गई। मुख्यमंत्री से निजीकरण की प्रक्रिया को भी तत्काल रोकने की मांग के साथ साथ भ्रष्टाचार की उच्च स्तरीय जांच कराए जाने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि ग्रांट थॉर्टन ने झूठा शपथ पत्र दिया। इसके अलावा निगमों के निजीकरण के लिए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है। इस दशा में हम निजीकरण नहीं होने देंगे। कुछ स्वार्थी तत्व निगमों पर अधिपत्य जमाने के लिए एैसा करना चाहते हैं। राजकुमार गौड़ ने बताया कि संघर्ष समिति में केंद्रीय स्तर पर शनिवार को मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि अब यह बात साफ हो गई है कि ग्रांट थॉर्टन का पक्ष लेने के लिए निदेशक वित्त निधि नारंग ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष के साथ मिलकर हितों के टकराव के प्रावधान को ड्रॉप करवाया। झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनल्टी लगने की बात सामने आने के बाद भी निधि नारंग ने ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट दी। संघर्ष समिति ने कहा कि शक्ति भवन में शीर्ष प्रबंधन के स्तर पर भ्रष्टाचार का यह सब खेल इसलिए चल रहा है ताकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण में चुनिंदा कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचे। शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन में राजकुमार गौड़, ओंकार पटेल, मनोज गुप्ता, विवेकानंद पटेल, अभिजीत श्रीवास्तव, उदयभान पाल, महिपाल यादव, जयप्रकाश मौर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन
वक्ताओं ने कहा कि ग्रांट थॉर्टन ने झूठा शपथ पत्र दिया। इसके अलावा निगमों के निजीकरण के लिए भ्रष्टाचार पर पर्दा डाला जा रहा है। इस दशा में हम निजीकरण नहीं होने देंगे। कुछ स्वार्थी तत्व निगमों पर अधिपत्य जमाने के लिए एैसा करना चाहते हैं। राजकुमार गौड़ ने बताया कि संघर्ष समिति में केंद्रीय स्तर पर शनिवार को मुख्यमंत्री से भ्रष्टाचार के मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की है। लोगों ने कहा कि अब यह बात साफ हो गई है कि ग्रांट थॉर्टन का पक्ष लेने के लिए निदेशक वित्त निधि नारंग ने पावर कारपोरेशन के अध्यक्ष के साथ मिलकर हितों के टकराव के प्रावधान को ड्रॉप करवाया। झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनल्टी लगने की बात सामने आने के बाद भी निधि नारंग ने ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट दी। संघर्ष समिति ने कहा कि शक्ति भवन में शीर्ष प्रबंधन के स्तर पर भ्रष्टाचार का यह सब खेल इसलिए चल रहा है ताकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण में चुनिंदा कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचे। शुक्रवार के विरोध प्रदर्शन में राजकुमार गौड़, ओंकार पटेल, मनोज गुप्ता, विवेकानंद पटेल, अभिजीत श्रीवास्तव, उदयभान पाल, महिपाल यादव, जयप्रकाश मौर्य आदि शामिल रहे।
विज्ञापन