ज्ञानपुर। जिले में बड़े पैमाने पर लेबर सेस (श्रम उपकर) की चोरी हो रही है। श्रम विभाग में राजस्व जमा किए बगैर ही बिल्डरों और भवन स्वामियों ने इमारतें खड़ी कर लीं, लेकिन अब महकमे ने इन पर शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। विभाग ने 45 लाख से अधिक उपकर बकाए में 51 भवन मालिकों को नोटिस देकर जवाब मांगा है।
श्रम विभाग के नियमों के अनुसार कोई भी व्यावसायिक निर्माण बिना लेबर सेस जमा कराए नहीं हो सकता। इमारत के तैयार होने में आई कुल लागत की एक फीसद धनराशि लेबर सेस से होती है। निर्माण शुरू होने के पहले अनुमानित लागत के आधार पर यह जमा होता है। कार्य पूर्ण होने के बाद फिर से जांच होती है और लागत बढ़ने पर शेष बचे लेबर सेस की धनराशि जमा कराई जाती है। वहीं आवासीय निर्माण 10 लाख से अधिक की लागत का है तो इसमें भी लेबर सेस जमा होता है। उससे मिली धनराशि सरकारी राजस्व होती है, जिससे शासन भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के माध्यम से श्रमिकों के परिवार को योजनाओं का लाभ देता है। ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, गोपीगंज, घोसिया, चौरी, मोढ़ समेत अन्य क्षेत्रों में वैसे तो सैकड़ो नई विल्डिंग तन गई, लेकिन श्रम विभाग के खजाने में लेबर सेस नहीं जमा किया। श्रम प्रवर्तन अधिकारी जेपी सिंह ने कहा कि विभागीय जांच में अब तक 51 ऐसे भवन मिले हैं। जिसका लेबर सेस नहीं जमा किया गया। उनके स्वामियों को नोटिस भेजी गई है। राजस्व जमा न करने पर रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि 50 हजार से लेकर तीन लाख तक लेबर सेस बकाया है।