सीतामढ़ी (भदोही)। जिले में जीएसटी की बड़ी चोरी का मामला सामने आया है। सात करोड़ की जीएसटी चोरी में व्यापारी के खिलाफ कोइरौना थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। व्यापार कर विभाग की जांच में कमी मिलने पर कार्रवाई की गई। उपायुक्त राज्य कर मनोज अग्रवाल ने बताया कि एक स्थानीय व्यापारिक फर्म, मेसर्स पवन ट्रेडर्स ने कथित तौर पर बिहार और पंजाब के व्यापारियों को बिना कोई माल आपूर्ति किए या उनके परिवहन की व्यवस्था किए 55 करोड़ से अधिक की फर्जी बिक्री घोषित की। अधिकारियों ने बताया कि जांच के बाद फर्म का पंजीकरण रद्द कर दिया गया है। फर्म के मालिक पवन कुमार मिश्रा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। अग्रवाल के अनुसार पवन मिश्रा ने 22 दिसंबर, 2019 को कोइरौना थानाक्षेत्र के कटरा बाजार स्थित अपने व्यावसायिक पते का उपयोग कर फर्म का जीएसटी पंजीकरण प्राप्त किया था। फर्म ने जून और अगस्त 2020 के बीच कथित तौर पर 55.49 करोड़ रुपये की कुल बिक्री घोषित की और 7.29 करोड़ रुपये का इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) पास किया। अग्रवाल ने कहा कि जांच में पता चला है कि पवन ट्रेडर्स ने बिहार और पंजाब के उन व्यापारियों को आपूर्ति दिखाई थी, जिन्होंने धोखाधड़ी या जानबूझकर गलत बयानी के जरिये जीएसटी पंजीकरण हासिल किया था। यह लेन-देन केवल कागजों पर ही था। कोई चालान, परिवहन रिकॉर्ड या असली सामान नहीं मिला। उन्होंने कहा कि यह घोटाला एक संगठित कर चोरी और अपराध का हिस्सा था। कोइरौना थाना प्रभारी छोटक यादव ने बताया कि राज्य कर विभाग से 10 अक्तूबर को मिली शिकायत के आधार पर पवन मिश्रा के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

जगाधरी अनाज मंडी में धान की तौलाई करते मजदूर। संवाद