ज्ञानपुर। स्ट्रीट वेंडर्स को आत्मनिर्भर और सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की योजना लाख कोशिशों के बाद भी परवान नहीं चढ़ पा रही है। लाखों रुपये खर्च कर वेंडिंग जोन तैयार हो गए, लेकिन दुकानदार उससे दूरी बनाए हुए हैैं। जिसके कारण यह वेंडिंग जोन शोपीस बन गए हैैं। इससे भदोही, ज्ञानपुर, गोपीगंज सहित अन्य नगरों में ठेले और रेहड़ी वाले सड़क पर अतिक्रमण कर अपनी दुकानें चला रहे हैं। जिले की दो नगर पालिका भदोही, गोपीगंज और पांच नगर पंचायत ज्ञानपुर, घोसिया, खमरिया, सुरियावां और नई बाजार में करीब 10 लाख से अधिक की लागत से वेंडिंग जोन बनकर तैयार हैं। ज्ञानपुर में 22 दुकानदारों को यहां दुकानें आवंटित कर दी गई हैं। आवंटन के महीने भर बाद भी दुकानदार नदारद हैं। अन्य नगरों में भी वेंडिंग जोन का यही हाल है। ज्ञानपुर नगर के विभूति नारायण राजकीय इंटर कॉलेज के समीप वेंडिग जोन बना है। गोपीगंज नगर पालिका परिषद की ओर से बनाए गए वेंडिंग जोन में आवंटन के बाद भी दुकानदार दुकान लगाने को तैयार नहीं हैं। खमरिया नगर पंचायत के ईओ महेंद्र कुमार ने बताया 20 दुकानदारों के लिए वेंडिंग जोन बनकर तैयार है। एक सप्ताह में उसका आवंटन हो जाएगा। पूर्व में चिह्नित जमीन विवादित होने से स्थान को बदला गया। वेंडिग जोन में दुकानदारों के न जाने से ज्ञानपुर के हरिहरनाथ मंदिर, दुर्गागंज तिराहा, शीतल पाल तिराहा, केएनपीजी कॉलेज, गोपीगंज के राष्ट्रीय राजमार्ग चौराहा, मीरजापुर तिराहा व नगर के अन्य प्रमुख स्थानों पर अभी दुकानें सजी हैं। जिससे सड़कें सिकुड़ने से आए दिन अतिक्रमण से जाम की समस्या होती है। इससे सरकारी मुहिम को झटका लग रहा है। सुरियावां में भी अभी वेंडिंग जोन की दुकानें दुकानदारों को आवंटित नहीं हैं। ठेला और रेहड़ी दुकानदार वेंडिंग जोन में कारोबार को लेकर चिंतित है। एक दुकानदार ने बताया कि वेंडिग जोन नगर के एक दूसरे हिस्से में बनाया गया है। वहां पर ग्राहक आएंगे या नहीं इसे लेकर परेशानी है। रोज कमाने खाने वाले दुकानदारों को दो से तीन दिन अगर दुकानदारी नहीं हुई तो दिक्कत होगी। अधिकतर दुकानदार इसी को लेकर परेशान है। बीते माह में अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया गया। दुकानदारों से कहा गया कि दुकान सड़क पर न लगाएं। दुकानदार प्रशासन की बात मानें इसके लिए वेंडिंग जोन भी बनाया गया, लेकिन वहां दुकान न लगाकर सड़क के किनारे ही लगती है। ऐसे में अक्सर जाम की स्थिति बनती है। दुर्घटना की भी आशंका बनी रहती है। जब कभी बड़ा अधिकारी या मंत्री आता है तो उस दिन ऐसी दुकानों को हटवा दिया जाता है।