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लॉकडाउन में फंसे कर्मचारी, रोक दिया वेतन
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ज्ञानपुर (भदोही)। जिलाधिकारी की सख्त हिदायत के बाद भी कई अधिकारी, कर्मचारी जिले में नहीं रुकते। ड्यूटी के बाद वह अपने गृह जनपद में पहुंच जाते हैं। उनकी पोल सोमवार को आखिरकार खुल गई। वाराणसी और प्रयागराज में लॉकडाउन होने के कारण ज्ञानपुर तहसील के दो कानूनगो कार्यालय नहीं पहुंचे। समीक्षा बैठक के दौरान तहसीलदार ने दोनों के वेतन रोकने की संस्तुति की, जिस पर एडीएम ने कार्रवाई कर दी।
वाराणसी-प्रयागराज और जौनपुर सीमाओं से सटे जिले के 80 फीसदी अधिकारी और कर्मचारी विकास भवन, जिला मुख्यालय, बेसिक शिक्षा, तहसील, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। कुछ अधिकारी तो मुख्यालय पर ही रहते हैं, लेकिन कई अफसर शाम को पांच बजने के बाद ही अपने गृह जिले में पहुंच जाते हैं। डीएम ने कुछ माह पूर्व ही पत्र जारी कर सभी को जिले में रुकने की हिदायत दी थी, लेकिन उसका असर नहीं दिखा। सोमवार को तहसील सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान कानूनगो अमजद और रोशन सिंह नहीं आए। पता चला कि दोनों पड़ोसी जिले से आते थे, लेकिन लॉकडाउन होने के कारण वे फंस गए हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार ने कार्रवाई की संस्तुति कर दी। तहसील ही नहीं कई अन्य विभागों में भी इसी तरह अधिकारी और कर्मचारी फंस गए हैं। हालांकि उन विभागों पर किसी की नजर नहीं पड़ी। जिलाधिकारी अगर मामले को संज्ञान में लिए तो कई की गर्दन फंस जाएगी।
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वाराणसी-प्रयागराज और जौनपुर सीमाओं से सटे जिले के 80 फीसदी अधिकारी और कर्मचारी विकास भवन, जिला मुख्यालय, बेसिक शिक्षा, तहसील, स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं। कुछ अधिकारी तो मुख्यालय पर ही रहते हैं, लेकिन कई अफसर शाम को पांच बजने के बाद ही अपने गृह जिले में पहुंच जाते हैं। डीएम ने कुछ माह पूर्व ही पत्र जारी कर सभी को जिले में रुकने की हिदायत दी थी, लेकिन उसका असर नहीं दिखा। सोमवार को तहसील सभागार में समीक्षा बैठक के दौरान कानूनगो अमजद और रोशन सिंह नहीं आए। पता चला कि दोनों पड़ोसी जिले से आते थे, लेकिन लॉकडाउन होने के कारण वे फंस गए हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए तहसीलदार ने कार्रवाई की संस्तुति कर दी। तहसील ही नहीं कई अन्य विभागों में भी इसी तरह अधिकारी और कर्मचारी फंस गए हैं। हालांकि उन विभागों पर किसी की नजर नहीं पड़ी। जिलाधिकारी अगर मामले को संज्ञान में लिए तो कई की गर्दन फंस जाएगी।
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