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नहर विभाग की लापरवाही से पुल ध्वस्त, आवागमन ठप

Sun, 06 Jun 2021 10:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 10:18 PM IST
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Due to the negligence of the canal department, the bridge collapsed, the traffic came to a standstill
सीमावर्ती बीरापुर-बौरीबोझ मार्ग को जोड़ने वाला गड़ौरा राजवाहा का पुल 15 दिन से ध्वस्त हो गया है। इससे आवागमन पूरी तरह से ठप है। जोखिम उठाकर पैदल और साइकिल सवार यात्री किसी तरह आर-पार होकर गतंव्य को पहुंच रहे हैं, लेकिन बड़े और माल वाहन चालक बिना रास्ता बदले न भदोही जिले में प्रवेश कर पाते हैं न प्रयागराज में। ऐसे में ग्रामीण और वाहन चालक परेशान हैं। ग्रामीण मनोज कुमार, अंशुमान, फिरोज अली, रहमत अली, पुष्पेंद्र कुमार आदि ने बताया कि लगभग 30 वर्ष पहले राजवाहा निकाल कर विभाग ने किसानों को सिंचाई की सुविधा दी और आस-पास आबाद बस्तियों तक लोगों को पहुंचने के लिए एक-दो किलोमीटर पर पुल का निर्माण भी कराया जो अब समयसीमा पूर्ण कर अनहोनी को बढ़ावा दे रहे हैं। वाहन चालक रविंद्र सिंह, फूलचंद्र, कासिम अली, जुगनू, जुगलकिशोर ने बताया कि वह 14 दिन से माल वाहन को लेकर पार नहीं हो पा रहे हैं। रास्ता बदलने पर उन्हें चार से आठ किलोमीटर तक का बिना वजह चक्कर लगाना पड़ता है। प्रयागराज और जौनपुर, वाराणसी तक सामान लेकर आने-जाने में उक्त पुल समय और तेल की बचत भी करता था जो अब संभव नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया कि सबकुछ जानते हुए भी पुल का नवीनीकरण कराने की पहल नहीं शुरु की जा रही है। जनवरी 2020 में हुई शिकायत का कोई असर नहीं है। किसी अनहोनी से वाहन चालकों को बचाने के लिए लोगों ने ध्वस्त पुल पर बबूल के कांटे तक बिछा दिए हैं कि कोई उस पर चढ़ न सके। फिर भी किसी न किसी के घायल होने पर अभिभावक अस्पतालों की शरण ले रहे हैं। शीघ्र ही पुल का निर्माण कराकर आवागमन सुचारु नहीं किया गया तो किसी दिन विरोध-प्रदर्शन का क्रम शुरू हो जाएगा। एक्सईएन नहर पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि नये वित्तीय वर्ष में 16 करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में 20 से अधिक जर्जर पुलों का निर्माण कराया गया था जिसका भुगतान ठेकेदारों को नहीं हो सका। मुख्य नहर समेत राजवाहा, माइनरों पर लगभग 415 पुल और पुलिया बने हैं इनमें ढाई सौ तक की हालत जर्जर है। गड़ौरा राजवाहा पर ध्वस्त पुल की जांच जेई मदन चौरसिया से कराकर स्टीमेट तैयार भी कराया जा रहा है।
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