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क्राइम ब्रांच ने भुक्तभोगी को 17 हजार दिलाए
Updated Sun, 16 Jul 2017 12:43 AM IST
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ज्ञानपुर (भदोही)। कोड पूछकर खाते से पैसे निकालने की घटनाएं आम हो चुकी हैं लेकिन क्राइम ब्रांच ने कोड पूछकर निकली धनराशि को तफ्तीश के बाद वापस भुक्तभोगी को दिलाने में सफलता पाई है। हालांकि जिस खाते में पैसा ट्रांसफर हुआ, उसमें निकाली गई धनराशि में आधा ही मौजूद था। इसलिए उतनी धनराशि भुक्तभोगी के खाते में वापस आई। आनॅलाइन ठगी करने वाले आरोपी पुलिस के शिकंजे से दूर हैं। क्राइम ब्रांच का दावा है कि शीघ्र ही वे हत्थे चढ़ जाएंगे।
सुरियावां निवासी अशोक उपाध्याय के दो खातों से छह मई को आधार कार्ड नंबर, कोड पूछकर 36 हजार रुपये साइबर अपराधियों ने निकाल लिए थे। दस मई को जानकारी होने पर सुरियावां थाने में मुकदमा दर्ज कराया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर वीपी शुक्ला, कांस्टेबल इमरान ने छानबीन शुरू की। तफ्तीश में मिले खाते से ट्रांसफर पैसा मोबाइल वालेट में भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच टीम ने उक्त वालेट से गुप्त कोड के जरिए खाते में पैसा वापस मंगा लिया लेकिन वालेट में उस समय महज 17 हजार रुपये थे। शेष पैसे वापस लाने और आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के लिए छानबीन चल रही है। विवेचक वीपी शुक्ल ने बताया कि खाताधारक का पता सब फर्जी आईडी पर उत्तराखंड का है, जबकि पैसे की निकासी देवघर झारखंड से की गई है। वहीं के आरोपी भी हैं, जिस खाते और वालेट में पैसा गया था, उसमें और पैसे आते ही वापस कराया जाएगा। आरोपियों को शिकंजे में लाने का प्रयास चल रहा है।
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सुरियावां निवासी अशोक उपाध्याय के दो खातों से छह मई को आधार कार्ड नंबर, कोड पूछकर 36 हजार रुपये साइबर अपराधियों ने निकाल लिए थे। दस मई को जानकारी होने पर सुरियावां थाने में मुकदमा दर्ज कराया। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर वीपी शुक्ला, कांस्टेबल इमरान ने छानबीन शुरू की। तफ्तीश में मिले खाते से ट्रांसफर पैसा मोबाइल वालेट में भेज दिया गया। क्राइम ब्रांच टीम ने उक्त वालेट से गुप्त कोड के जरिए खाते में पैसा वापस मंगा लिया लेकिन वालेट में उस समय महज 17 हजार रुपये थे। शेष पैसे वापस लाने और आरोपियों को भी गिरफ्तार करने के लिए छानबीन चल रही है। विवेचक वीपी शुक्ल ने बताया कि खाताधारक का पता सब फर्जी आईडी पर उत्तराखंड का है, जबकि पैसे की निकासी देवघर झारखंड से की गई है। वहीं के आरोपी भी हैं, जिस खाते और वालेट में पैसा गया था, उसमें और पैसे आते ही वापस कराया जाएगा। आरोपियों को शिकंजे में लाने का प्रयास चल रहा है।
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